Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को आई जबरदस्त तेजी के बाद बुधवार को निवेशकों का जोश थोड़ा ठंडा पड़ता दिखाई दिया. एक दिन पहले सेंसेक्स ने 1,100 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाई थी. वहीं, निफ्टी 22,700 के पार बंद हुआ था. लेकिन बुधवार सुबह बाजार की रफ्तार धीमी नजर आई. कभी सेंसेक्स हरे निशान में पहुंचा तो कभी बिकवाली का दबाव दिखाई दिया. हालांकि, बाजार में इस सुस्ती के बावजूद कई शेयरों ने निवेशकों को कमाई का मौका दिया. नेस्ले, इंफोसिस और कोल इंडिया जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली. वहीं, अशोक लीलैंड, टाटा कैपिटल और मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे शेयर दबाव में नजर आए. दूसरी तरफ भारतीय रुपये में मजबूती आई, जबकि एशियाई बाजारों से भी पॉजिटिव हिंट मिले. ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या बाजार मंगलवार की तेजी को आगे बढ़ा पाएगा या फिर मुनाफावसूली हावी होगी.

कैसा रहा शेयर बाजार का हाल?
बुधवार सुबह भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रही. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी मामूली उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार करते दिखाई दिए. सुबह करीब 11 बजे बीएसई सेंसेक्स 84.96 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,118.74 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, एनएसई निफ्टी 8.70 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 22,730.65 के स्तर पर पहुंच गया. दिलचस्प बात ये रही कि बड़े इंडेक्स में ज्यादा तेजी नहीं थी. लेकिन बाजार में बढ़ने वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों से काफी ज्यादा रही. करीब 2,392 शेयरों में तेजी देखी गई. वहीं, 1,220 शेयर गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा 175 शेयरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ. इससे साफ है कि बाजार के बड़े इंडेक्स भले ही सुस्त दिखाई दे रहे हों, लेकिन छोटे और दूसरे शेयरों में खरीदारी जारी थी.
बाजार क्यों हुआ सुस्त?
मंगलवार का ट्रेडिंग सेशन निवेशकों के लिए काफी शानदार रहा था. पिछले दिन शेयर बाजार ने शुरुआती कमजोरी को पीछे छोड़ते हुए जोरदार वापसी की थी. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,109.10 अंक यानी 1.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,033.78 पर बंद हुआ था. वहीं, निफ्टी 358.60 अंक यानी 1.60 प्रतिशत उछलकर 22,721.95 के स्तर पर पहुंच गया था. इस तेजी के पीछे आईटी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी बड़ी वजह रही. एचसीएल टेक्नोलॉजीज के बेहतर रिजल्ट ने पूरे आईटी सेक्टर में एक्साइटमेंट भर दी. इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स से जुड़े पॉजिटिव कमेंट ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया. हालांकि, बुधवार को बाजार में निवेशक थोड़े सतर्क नजर आए. बड़ी तेजी के बाद कुछ शेयरों में मुनाफावसूली होना भी नॉर्मल ही माना जाता है.
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इन शेयरों में जबरदस्त खरीदारी
बुधवार के कारोबार में नेस्ले, इंफोसिस और कोल इंडिया जैसे शेयर बढ़त में रहे. इन शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया. खासतौर पर आईटी सेक्टर के शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी रही. मंगलवार को एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस, श्रीराम फाइनेंस, टेक महिंद्रा और इंफोसिस निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल थे. आईटी कंपनियों के बेहतर नतीजों और कारोबार को लेकर उम्मीदों ने इस सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाई है. हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स आमतौर पर सलाह देते हैं कि किसी शेयर में एक दिन की बड़ी तेजी देखकर जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए.
जेएसडब्ल्यू एनर्जी में हलचल
बुधवार के कारोबार में जेएसडब्ल्यू एनर्जी के शेयरों ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा. कंपनी का शेयर 4.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 480 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया. खास बात ये रही कि शेयर में तेजी के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी उछाल देखने को मिला. जब किसी शेयर में कीमत के साथ कारोबार की मात्रा भी बढ़ती है, तो बाजार में उस शेयर को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ती है. हालांकि, केवल वॉल्यूम बढ़ने का मतलब ये नहीं होता कि शेयर आगे भी लगातार चढ़ेगा.
इन कंपनियों के शेयर भी चमके
बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर के कुछ शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली. यस बैंक का शेयर 2.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 21.32 रुपये पर पहुंच गया. वहीं, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस का शेयर 2.05 प्रतिशत चढ़कर 1,726.40 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया. इन दोनों शेयरों की तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी तरफ खींचा. बाजार में बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों की अहम भूमिका होती है. ऐसे में इन सेक्टरों में होने वाली खरीदारी या बिकवाली का असर बड़े इंडेक्स पर भी पड़ सकता है.

6 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा ये शेयर
बुधवार को भारत कोकिंग कोल का शेयर भी चर्चा में रहा. कंपनी के बोर्ड ने गैर-नियंत्रित क्षेत्र को सप्लाई किए जाने वाले कच्चे कोकिंग कोल की कुछ कैटेगरी की कीमतों में बदलाव को मंजूरी दी है. इसके तहत अलग-अलग ग्रेड की कीमतों में लगभग 0.1 प्रतिशत से 14 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है. इस खबर के बाद कंपनी के शेयर में खरीदारी देखने को मिली. भारत कोकिंग कोल का शेयर 6.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 33.22 रुपये पर कारोबार कर रहा था. कारोबार के दौरान शेयर ने 33.46 रुपये का हाई और 31.24 रुपये का लो लेवल छुआ. कोयले की कीमतों में बदलाव का असर कंपनी की आय और ग्राहकों की लागत पर पड़ सकता है.
फिसल गए ये शेयर
जहां कुछ शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, वहीं कई कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा. अशोक लीलैंड का शेयर 2.07 प्रतिशत गिरकर 144.32 रुपये पर कारोबार कर रहा था. टाटा कैपिटल के शेयर में भी 2.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसकी कीमत 320.65 रुपये पर पहुंच गई. वहीं, मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज का शेयर 2.03 प्रतिशत टूटकर 1,298.50 रुपये पर आ गया. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर में भी 2.08 प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिली. इसका भाव 1,046.70 रुपये पर आ गया. इन शेयरों में गिरावट के पीछे अलग-अलग वजहें हो सकती हैं.
इंडियन ऑयल ने बढ़ाई चिंता
बुधवार के कारोबार में कुछ बड़े शेयर अपने 52 वीक लो लेवल तक पहुंच गए. फोर्टिस हेल्थकेयर का शेयर गिरकर 744.30 रुपये के नए 52 वीक लो लेवल पर पहुंच गया. बाद में ये करीब 1.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 746.80 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया. इसी तरह इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का शेयर भी 124.92 रुपये के 52 वीक लो लेवल तक फिसल गया. इसके बाद शेयर 125.53 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले लेवल से 0.48 प्रतिशत नीचे था. किसी शेयर का 52 वीक लो लेवल पर पहुंचना निवेशकों के लिए कई हिंट लेकर आता है. हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि शेयर आगे और गिरेगा या एकदम से वापसी करेगा.
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रुपये में आई मजबूती
शेयर बाजार के साथ बुधवार को करेंसी मार्केट से भी राहत भरी खबर आई. भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 28 पैसे मजबूत होकर 95 रुपये प्रति डॉलर पर खुला. इससे पहले मंगलवार को रुपया 95.28 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. कारोबार आगे बढ़ने के साथ रुपये में और मजबूती देखने को मिली. ये दिन के हाई लेवल 94.84 प्रति डॉलर तक पहुंच गया. रुपये में मजबूती आयात करने वाली कंपनियों के लिए राहत की बात हो सकती है, क्योंकि डॉलर में भुगतान किए जाने वाले सामान की लागत कम हो सकती है. हालांकि, निर्यात करने वाली कंपनियों पर इसका असर अलग हो सकता है.
खरीदारी और बिकवाली
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी चर्चा में रहीं. 13 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने भारतीय शेयर बाजार में 1,305.13 करोड़ रुपये की बिकवाली की. विदेशी निवेशकों ने करीब 13,465 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि 14,771 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई ने 2,439.24 करोड़ रुपये की खरीदारी की. घरेलू निवेशकों ने लगभग 16,233 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 13,794 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
एशियाई बाजारों का हाल
बुधवार को एशियाई शेयर बाजारों में भी सुधार देखने को मिला. लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद एशियाई बाजारों ने वापसी की. ताइवान वेटेड और दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में करीब एक प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली. वहीं, एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स लगभग 0.2 प्रतिशत चढ़ा. टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों ने इस तेजी में अहम भूमिका निभाई. साउथ कोरिया की बड़ी चिप मेकर कंपनियों एसके हाइनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में दो प्रतिशत से ज्यादा तेजी दर्ज की गई. इसके अलावा निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आगे की रणनीति पर नजर बनाए हुए हैं.
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सोना और कच्चा तेल
बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें लगभग स्थिर रहीं. स्पॉट गोल्ड करीब 4,159.45 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था. वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में 0.1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और भाव 4,182.60 डॉलर प्रति औंस रहा. निवेशक अमेरिका के महंगाई आंकड़ों का इंतजार कर रहे थे. दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड 0.8 प्रतिशत बढ़कर 106.58 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 0.9 प्रतिशत चढ़कर 94.94 डॉलर प्रति बैरल हो गया. तेल की सप्लाई से जुड़ी खबर और अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर कीमतों पर दिखाई दिया. भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बड़ी बात होती है.
अमेरिकी बाजार में कमजोरी
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में हल्की गिरावट दर्ज की गई थी. नैस्डैक 0.15 प्रतिशत गिरकर 27,204.38 पर बंद हुआ. एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 7,805.45 पर पहुंच गया. वहीं, डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.35 प्रतिशत गिरकर 51,670.10 पर बंद हुआ. अमेरिकी बाजार में सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों पर दबाव रहा. इसके अलावा बड़े बैंकों के तिमाही नतीजों को लेकर भी निवेशक सतर्क दिखाई दिए.

कैसी होगी आगे की चाल?
भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाले ट्रेडिंग सेशन काफी खास हो सकते हैं. एक तरफ आईटी कंपनियों के नतीजे, घरेलू निवेशकों की खरीदारी और रुपये में मजबूती बाजार को सहारा दे सकती है. दूसरी तरफ विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक बाजारों की अनिश्चितता दबाव बढ़ा सकती हैं. ऐसे में निफ्टी के लिए 22,700 का लेवल फिलहाल निवेशकों की नजर में बना हुआ है. यानी देखा जाए तो, बुधवार का बाजार ये दिखा रहा है कि मंगलवार की जबरदस्त तेजी के बाद निवेशक फिलहाल संभलकर कदम बढ़ा रहे हैं. वैसे, किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के नतीजे, कारोबार, वैल्यूएशन और अपने जोखिम उठाने की क्षमता को जरूर समझें.
News Source: ANI
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