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ग्रेटर नोएडा में SSC परीक्षा धांधली का पर्दाफाश: 7 गिरफ्तार, नॉलेज पार्क परीक्षा केंद्र में पकड़ी गई धांधली

by Sanjay Kumar Srivastava 23 May 2026, 4:46 PM IST
23 May 2026, 4:46 PM IST
ग्रेटर नोएडा में SSC परीक्षा धांधली का पर्दाफाश: UP STF ने 7 को किया गिरफ्तार

UP STF: UP STF ने ग्रेटर नोएडा में SSC परीक्षा धांधली रैकेट का भंडाफोड़ कर सात लोगों को गिरफ्तार किया है. उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने प्रॉक्सी सर्वर और डमी उम्मीदवारों का उपयोग करके कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने रैकेट में शामिल सात लोगों को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है. आरोपी नॉलेज पार्क क्षेत्र में एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) और एसएसएफ (सचिवालय सुरक्षा बल) में कांस्टेबलों और असम राइफल्स में राइफलमैन की भर्ती के लिए एसएससी परीक्षाओं में हेरफेर कर रहे थे. शुक्रवार को इस रैकेट का भंडाफोड़ हुआ.

50 लाख नकद, 10 मोबाइल फोन, पांच लैपटॉप बरामद

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मुजफ्फरनगर के प्रदीप चौहान, मथुरा के अरुण कुमार, बुलंदशहर के संदीप भाटी और निशांत राघव, बागपत के अमित राणा, शाकिर मलिक और बुलंदशहर के विवेक कुमार के रूप में हुई है. एसटीएफ ने उनके कब्जे से 50 लाख रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन, पांच लैपटॉप, एक राउटर, उम्मीदवारों की एक सूची, दो प्रवेश पत्र और एजुक्विटी कंपनी के चार प्रवेश और पहचान पत्र बरामद किए. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नोएडा राज कुमार मिश्रा ने कहा कि परीक्षा केंद्र पर धांधली के बारे में खुफिया जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार शाम करीब 5.20 बजे गिरफ्तारियां की गईं. मिश्रा ने कहा कि यह गिरोह प्रॉक्सी सर्वर तैनात करके और वास्तविक परीक्षार्थियों के स्थान पर अपने स्वयं के प्रॉक्सी उम्मीदवारों को बैठाकर परीक्षा में नकल की सुविधा दे रहा था.

मेरठ कॉलेज से एमकॉम है सरगना

एसटीएफ ने कहा कि सरगना चौहान के पास मेरठ कॉलेज से एमकॉम की डिग्री है, ने ग्रेटर नोएडा में ऑनलाइन परीक्षा केंद्र स्थापित किया था और लंबे समय से ऑनलाइन परीक्षाओं में हेरफेर करने में शामिल था. मिश्रा ने कहा कि छापेमारी के समय केंद्र पर परीक्षा एजुक्विटी कंपनी द्वारा आयोजित की जा रही थी. पूछताछ के दौरान चौहान ने खुलासा किया कि सह आरोपी राणा ने एक प्रणाली तैयार की जिसके माध्यम से स्क्रीन शेयरिंग व्यूअर एप्लिकेशन और प्रॉक्सी सर्वर के माध्यम से कंपनी के सर्वर को बायपास करके सॉल्वर का उपयोग करके परीक्षा के प्रश्नपत्र दूर से हल किए जाते थे. एसटीएफ ने कहा कि अरुण कुमार लगभग ढाई साल पहले केंद्र में एक पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुआ था और बाद में इसका आईटी प्रमुख बना. वह केंद्र में प्रॉक्सी सर्वर स्थापित करने के लिए जिम्मेदार था.

हर उम्मीदवार से 4 लाख की वसूली

एसटीएफ ने कहा कि भाटी ने मैरी ट्रैक और डायलिसिस जैसी कंपनियों के लिए प्रयोगशाला पर्यवेक्षक के रूप में काम किया था और उसे इच्छुक उम्मीदवारों की पहचान करने का काम सौंपा गया था. गिरफ्तार किए गए लोगों में विवेक कुमार और शाकिर मलिक अभ्यर्थी थे जिसे भाटी द्वारा केंद्र में लाया गया था. एसटीएफ के मुताबिक, सिंडिकेट ने प्रति उम्मीदवार करीब 4 लाख रुपये वसूले थे. इसमें से 50,000 रुपये उम्मीदवार की व्यवस्था करने वाले व्यक्ति ने रखे थे, जबकि शेष 3.5 लाख रुपये चौहान, राणा और सॉल्वर के बीच बांटे गए थे.एसटीएफ ने कहा कि गिरोह के चार अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.

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News Source: PTI

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