Abbas Araghchi: ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद अब्बास अराघची ने कहा कि डील होने ही वाली थी, लेकिन अमेरिका ने अपने लक्ष्य बदल दिए. वहीं अमेरिका ने डील फेल होने का कारण ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को बताया है.
13 April, 2026
पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता फेल हो जाने के बाद अमेरिका और ईरान एक बार फिर वॉर मोड में आ गए हैं. ईरान और अमेरिकी नेताओं ने शांति वार्ता फेल हो जाने के अलग अलग कारण बताए हैं. ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद अब्बास अराघची ने कहा कि डील होने ही वाली थी, लेकिन अमेरिका ने अपने लक्ष्य बदल दिए. वहीं अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ईरान न्यूक्लियर हथियार बनाने की जिद छोड़ने के लिए तैयार नहीं था, जिस कारण यह डील नहीं हो पाई है.
अराघची ने क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद अब्बास अराघची ने “इस्लामाबाद बातचीत” खत्म होने के बाद अपना पहला ऑफिशियल बयान जारी किया. अराघची ने एक्स पर लिखा “47 साल में सबसे ऊंचे लेवल पर हुई गहरी बातचीत में, ईरान ने जंग खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ अच्छी नीयत से बातचीत की. लेकिन जब हम इस्लामाबाद MoU से बस कुछ इंच दूर थे, लेकिन वॉशिंगटन ने आखिरी समय में हद से ज्यादा मांगें रख दीं, टार्गेट बदले और रुकावटें पैदा की. कोई सबक नहीं मिला. अच्छी नीयत से अच्छी नीयत पैदा होती है. दुश्मनी से दुश्मनी पैदा होती है.”
In intensive talks at highest level in 47 years, Iran engaged with U.S in good faith to end war.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 12, 2026
But when just inches away from "Islamabad MoU", we encountered maximalism, shifting goalposts, and blockade.
Zero lessons earned
Good will begets good will.
Enmity begets enmity.
ईरानी जनता का शुक्रिया
अराघची ने कहा, “ईरान 90 मिलियन लोगों का समूह है, उन सभी बहादुर ईरानियों का जिन्होंने सुप्रीम लीडर की सलाह मानकर और अपने बच्चों के साथ सड़कों पर उतरकर हमारा साथ दिया और अपने आशीर्वाद से हमें इस रास्ते पर आगे बढ़ाया. मैं इसके लिए उनका शुक्रगुजार हूं और मैं अपने उन साथियों का भी शुक्रगुजार हूं जो इन 21 घंटों की कड़ी बातचीत के दौरान मेरे साथ थे.”
होर्मुज में नाकाबंदी
वहीं दूसरी तरफ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, “हमें पक्का वादा चाहिए कि वे न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएंगे और वे ऐसे टूल्स नहीं ढूंढेंगे जिनसे वे जल्दी न्यूक्लियर हथियार हासिल कर सकें.” न्यूक्लियर हथियार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे और भी कई मुद्दों पर दोनों में सहमति नहीं बन पाई और इस तरह से यह शांति वार्ता फेल हो गई, जिसके बाद अब डोनाल्ड ट्रंप कभी भी सीजफायर तोड़ सकते हैं और हमले शुरू कर सकते हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत फेल हो जाने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकाबंदी करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नेवी सोमवार से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले हर जहाज को रोकेगी ताकि वे ईरान को टोल न दे सकें.
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News Source: PTI
