Global Oil Trade : रूस और यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए ट्रंप प्रशासन ने नया बिल पारित किया है. इस बिल के मुताबिक जो देश रूस से तेल खरीदता है उस पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा.
Global Oil Trade : रूस और यूक्रेन युद्ध के चार साल वर्ष पूरे होने वाले हैं और उसको समाप्त करने के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए जा रहे हैं. दुनिया में हो रही अलग-अलग घटनाओं की वजह से मामला और उलझता जा रहा है. इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने वैश्विक व्यापार को लेकर बड़ा एक्शन लिया है. अमेरिका ने उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें कहा गया है कि जो देश रूस से तेल खरीदेगा उस पर 500 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाया जाएगा. वहीं, रूस से तेल खरीदने वाले चीन और भारत जैसी ताकतों के खिलाफ ये मुख्य रूप से बड़ा एक्शन है, जो मास्को से सस्ता तेल खरीद रहे हैं. इसी बीच अमेरिका के सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि बुधवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ उनकी बहुत अच्छी मीटिंग हुई, जिसमें राष्ट्रपति ने महीनों से पेंडिंग पड़े बिल को मंजूरी दे दी है.
रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन को मिलेगी ताकत
लिंडसे ग्राहम ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट की और उसमें लिखा कि यह सही समय होगा क्योंकि यूक्रेन युद्ध शांति के लिए रियातें दे रहा है. उन्होंने बताया कि पुतिन सिर्फ शांति की बात कर रहे हैं लेकिन बेगुनाहों को मारना जारी रखा है. साथ ही यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों को सजा देने की इजाजत देगा जो सस्ता रूसी तेल खरीदते हैं और युद्ध के मैदान में पुतिन को मदद करने का काम करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि यह बिल राषट्रपति ट्रंप को चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों के खिलाफ ताकत देगा और सस्ता रूसी तेल की खरीद को बंद करने में मदद करेगा. जो लोग यूक्रेन के खिलाफ पुतिन के खून-खराबे के लिए फाइनेंसिंग देते हैं उनको भी तोड़ने का काम करेगा. ग्राहम ने आगे कहा कि वह इस बिल पर दोनों पार्टियों के वोट का इंतजार कर रहे हैं.
क्या भारत पर भी लगेगा 500% टैरिफ
आपको बताते चलें कि ट्रंप ने भारत 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है. साथ ही रूसी एनर्जी को खरीदने के लिए भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया था. ग्राहम और ब्लुमेंथलन ने सैंक्शनिंग रशिया एक्ट पेश किया है, जिसके तहत उन देशों पर सेकेंडरी टैरिफ और प्रतिबंध लगाएं जाएंगे जो यूक्रेन में पुतिन के बर्बर युद्ध को फंड देना जारी रखे हुए हैं. साथ ही इस कानून के तहत रूसी तेल की सेकेंडरी खरीद और दोबारा बेचने पर 500 फीसदी टैरिफ का प्रस्ताव है और इसे सीनेट फॉरेन रिलेशंस कमेटी के करीब हर सदस्य ने को-स्पॉन्सर किया है. पिछले साल ग्राहम और ब्लुमेंथल के एक जॉइंट स्टेटमेंट में कहा गया था कि ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है. साथ ही रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को खत्म करने के लिए एक नया तरीका अपनाए हैं. साथ ही इस जंग को समाप्त करने का आखिरी हथियार ब्राजील, चीन और भारत के खिलाफ भारी टैरिफ लगाकर रूस से तेल खरीदन बंद करवाना है.
यह भी पढ़ें- रूसी तेल टैंकर पर अमेरिकी कब्जे से बढ़ा तनाव, UK ने किया समर्थन; जानें पूरा मामला
