US-Russia Relation : जिस रूसी तेल टैंकर पर अमेरिका ने कब्जा किया है. उसने आरोप लगाया है कि ये वेनेजुएला का टैंकर था जिस पर रूसी झंडा लगाया गया था और यह अवैध रूप से रूस की तरफ जा रहा था.
US-Russia Relation : वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद रूस और वाशिंगटन के बीच तनातनी खतरनाक पर पहुंच गई है. अमेरिकी नेवी ने दो हफ्ते तक पीछा करने के बाद अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे लगे तेल टैंकर को जब्त कर लिया. अमेरिकी नेवी की इस कार्रवाई के बाद वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है. इसी बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की, जब UK की आर्म्ड फोर्सेज ने एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर पर अमेरिकी कब्जे के लिए मदद की है, जिसको यूएस कोस्ट गार्ड न नॉर्थ अटलांटिक में रोका था.
कार्रवाई के लिए ब्रिटेन का साथ लिया
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि UK ने इस ऑपरेशन में मदद के लिए US के अनुरोध पर रॉयल एयर फोर्स (RAF) के सर्विलांस एयरक्राफ्ट और रॉयल नेवी के सपोर्ट शिप ‘RFA टाइडफोर्स’ को तैनात किया. वहीं, रक्षा सचिव सचिव जॉन हीली ने कहा कि पहले से तय कार्रवाई के लिए ब्रिटेन का समर्थन पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार था और दोहराया कि UK-US रक्षा संबंध दुनिया में सबसे ज्यादा गहरे हैं. वेनेजुएला से जुड़ा एक टेल टैंकर जिसे पहले ‘बेला 1’ के नाम से जाना जाता था, उस पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा दिया था और उसी पर आरोप लगाया गया है कि वह समुद्र में अपने ट्रांसपेंडर बंद करने से पहले झूठा झंडा फहरा रहा था.
रूस में जाते वक्त पकड़ा टैंकर
हीली ने कहा कि हमारे यूके सशस्त्र बलों ने रूस जाते वक्त जहाज बेला-1 को रोकने में अहम भूमिका निभाई. यह कार्रवाई नियमों को तोड़ने वाले पर नकेल कसने को लेकर थी. उन्होंने आगे कहा कि प्रतिबंधों से बचने के लिए रूसी-ईरानी का झंडा लगाकर आगे बढ़ रहा था और आतंकवाद को बढ़ावा देने का काम कर रहा था. मंत्री ने इस ऑपरेशन के लिए अमेरिका की प्रशंसा की है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यह अवैध गतिविधि, हिजबुल्लाह समेत अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और अपराध से जुड़ा हुआ है.
ईरान-रूस के साथ करीबी संबंध
हीली ने बाद में हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा कि यह एक मंजूर बिना देश का जहाज है, जिसका आपराधिक गतिविधियों का लंबा इतिहास रहा है और इसके ईरान-रूस दोनों के साथ करीबी संबंध हैं. साथ ही जब समुद्र में अवैध गतिविधियां बढ़ रही हैं तो इसके लिए ब्रिटेन कभी भी चुप नहीं बैठेगा. साथ ही हम अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हम शैडो जहाजों के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ा रहे हैं.
वेनेजुएला ने लगाया रूसी झंडा
बता दें कि अमेरिका का स्पष्ट कहना है कि इस तेल से भरे टैंकर पर इसलिए कब्जा किया गया, क्योंकि यह वेनेजुएला का था और इस पर रूसी झंडा लगाया गया था. साथ ही इस टैंकर का आनन फानन में ही नाम बदला गया था. अमेरिकी नौसेना की यूरोपीय कमांड ने एक्स पर एक बयान पोस्ट करके इस ऑपरेशन की पुष्टि की. बयान ने कहा गया है कि न्याय विभाग, होमलैंड सिक्योरिटी और रक्षा विभाग ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के लिए टैंकर को जब्त कर लिया है.
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