Home Latest News & Updates दीपू चंद्र दास के बाद खोकन दास को बांग्लादेशी कट्टरपंथियों ने जिंदा जलाया, 3 दिन बाद अस्पताल में मौत

दीपू चंद्र दास के बाद खोकन दास को बांग्लादेशी कट्टरपंथियों ने जिंदा जलाया, 3 दिन बाद अस्पताल में मौत

by Neha Singh
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Khokan Das Killed in Bangladesh

Khokan Das Killed in Bangladesh: बांग्लादेश में एक हिंदू बिजनेसमैन खोकन दास को भीड़ ने बेरहमी से मारा, काटा और पेट्रोल डालकर जिंदा आग लगा दी. तीन दिन बाद उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया.

3 January, 2025

Khokan Da Killed in Bangladesh: बांग्लादेश अब अल्पसंख्यकों के लिए जहन्नुम बनता जा रहा है. वहां के कट्टरपंथी एक एक कर हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं. दीपू चंद्र दास की आग अभी शांत भी नहीं हुई थी और उन्होंने फिर एक हिंदू की बेरहमी से हत्या कर दी. बांग्लादेश में एक हिंदू बिजनेसमैन खोकन चंद्र दास को भीड़ ने बेरहमी से मारा, काटा और पेट्रोल डालकर जिंदा आग लगा दी. खोकन दान तीन से अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग रहा था. आज शनिवार को उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया. बांग्लादेश में कट्टरपंथी समूह साफ तौर पर अल्पसंख्यक धर्मों को डराने की कोशिश कर रहे हैं.

घर लौटते समय किया हमला

50 साल के खोकन चंद्र दास ढाका में एक दवा की दुकान और मोबाइल बैंकिंग का बिजनेस चलाते थे. बुधवार रात को वे अपनी दुकान बंद करके ऑटो रिक्शा से घर लौट रहे थे. उसी समय कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया. हमलावरों ने गाड़ी को रोका और उन्हें पीटा, धारदार हथियारों से वार किया और फिर उनके सिर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. खुद को बचाने की कोशिश में, दास सड़क किनारे एक तालाब में कूद गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने शोर मचाया. पुलिस ने बताया कि हमलावर मौके से भाग गए और उन्हें स्थानीय लोगों ने बचाया. उन्हें शरियतपुर सदर अस्पताल ले जाया गया, और फिर चोटों की गंभीरता के कारण ढाका रेफर कर दिया गया.

दीपू चंद्र दास को भी बेरहमी से मारा

ढाका के डॉक्टरों ने बताया कि दास के शरीर पर कई चोटें थीं, जिसमें पेट में एक गंभीर घाव के साथ-साथ चेहरे, सिर और हाथों पर जलने के निशान भी थे. इससे पहले 18 दिसंबर को, 25 साल के दीपू चंद्र दास को मैमनसिंह शहर में कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और उनके शव को आग लगा दी. एक हफ्ते बाद, 23 दिसंबर को, अज्ञात लोगों ने चटगांव के बाहरी इलाके में राओजान क्षेत्र में कतर में काम करने वाले प्रवासी मजदूर सुख शिल और अनिल शिल के घर में आग लगा दी, लेकिन निवासी इमारत से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे. 24 दिसंबर को, राजबाड़ी शहर के पांग्शा उपज़िला में कथित उगाही के आरोप में एक और हिंदू व्यक्ति अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. हालांकि, देबनाथ ने बाकी दो मौतों के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी.

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक असुरक्षित

बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के प्रवक्ता काजल देबनाथ ने ने कहा, “यह एक महीने में हिंदू व्यक्ति की पांचवीं मौत है. इस महीने हमने समुदाय पर सात हमलों को दर्ज किया है,” उन्होंने आशंका जताई कि बांग्लादेश में दक्षिणपंथी कट्टरपंथी समूह अल्पसंख्यक धर्मों को डराने की कोशिश कर रहे हैं. देबनाथ ने कहा, “किसी को या किसी के घर को जलाने के लिए पेट्रोल या बारूद का इस्तेमाल एक आपराधिक कृत्य है. शायद हम एक कट्टरपंथी संस्कृति के उदय को देख रहे हैं.” राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ हफ़्तों में देश में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं और भीड़ हिंसा या छिपकर किए गए हमले बांग्लादेश के बदले हुए राजनीतिक माहौल में एक बड़ा संकट बनकर उभरे हैं.

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