Home Religious सकट चौथ पर संकटों से मुक्ति दिलाएंगे भगवान गणेश, जानें लें व्रत की तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि

सकट चौथ पर संकटों से मुक्ति दिलाएंगे भगवान गणेश, जानें लें व्रत की तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि

by Neha Singh
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Sakat Chauth

Sakat Chauth Date and Muhurat: सकट चौथ का व्रत करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते और सभी संकटों को दूर करते हैं. यहां जानें व्रत की सही तारीख और मुहूर्त और पूजा विधि.

3 January, 2026

Sakat Chauth Date and Muhurat: सनातन धर्म में माघ महीने को बहुत शुभ माना जाता है. इस महीने में कई व्रत और त्योहार आते हैं, जिनमें सकट चौथ का विशेष महत्व है. यह व्रत भगवान शिव के छोटे बेटे भगवान गणेश को समर्पित है. माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को यह व्रत भगवान गणेश का आशीर्वाद पाने और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से बच्चों को सुख और परिवार में समृद्धि मिलती है. यहां आपको सकट चौथ की सही तारी, मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में बताया गया है.

किस दिन है सकट चौथ

इस साल सकट चौथ की तारीख को लेकर कुछ कन्फ्यूजन है, लोग सोच रहे हैं कि व्रत 6 जनवरी को रखें या 7 जनवरी को. वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि 6 जनवरी को सुबह 8:01 बजे शुरू होगी और 7 जनवरी को सुबह 6:52 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के आधार पर, सकट चौथ मंगलवार, 6 जनवरी, 2026 को मनाया जाएगा.

शुभ मुहूर्त

किसी भी व्रत को उसके शुभ मुहूर्त को देखकर ही करना चाहिए. सकट चौथ का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:26 बजे से 6:21 बजे तक रहेगा, जबकि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम 5:36 बजे से 6:04 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2:11 बजे से 2:53 बजे तक रहेगा. सकट चौथ पर चंद्रमा को देखने का विशेष महत्व है और माना जाता है कि चंद्रमा देखकर ही व्रत पूरा होता है. चंद्रमा देखने के बाद ही व्रत को तोड़ा जाता है. इस दिन चंद्रमा लगभग रात 9 बजे निकलेगा.

सकट चौथ की पूजा विधि

सकट चौथ पर व्रत रखने के लिए सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, साफ कपड़े पहनें और मंदिर को साफ करें. भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर को स्थापिक करें. उन्हें माला पहनाएं और दीपक जलाएं. पूजा के दौरान दूर्वा घास, मोदक, तिल के लड्डू और गुड़ चढ़ाना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है, क्योंकि भगवान गणेश को यह पसंद है. इसके बाद, सकट चौथ व्रत कथा पढ़ें या सुनें और आरती के साथ पूजा समाप्त करें. शाम को चंद्रमा को देखें, उसे अर्घ्य दें और भगवान गणेश से सुख, समृद्धि और अपने बच्चों की भलाई के लिए प्रार्थना करें.

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