US Strike on Iran: पश्चिम एशिया में संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमले देखे जा रहे हैं. अमेरिका का आरोप है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमले कर रहा है और इसकी जवाबी कार्रवाई में वह तेहरान को निशाने पर ले रहा है. वहीं, अमेरिकी हमले का पलटवार करते हुए ईरान खाड़ी के कई देशों पर हमला कर रहा है, जहां पर अमेरिकी सेना का बेस है.
इस बीच अमेरिका ने एक बार फिर से ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. अमेरिकी सेना ने रविवार को कहा कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के खिलाफ नए हवाई हमले किए हैं. यह कार्रवाई जॉर्डन में हुए उस हमले के लिए उन्हें “जल्द सजा देने” के मकसद से की गई, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक मारे गए, एक लापता हो गया और चार को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
Today at 6 p.m. ET, U.S. forces began launching new airstrikes against Iran at the Commander in Chief’s direction. The strikes are designed to further degrade Iran’s ability to threaten commercial shipping in the Strait of Hormuz and swiftly punish Islamic Revolutionary Guard…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 18, 2026
IRGC को तुरंत सजा देने के मकसद से हमला- यूएस
मिली जानकारी के अनुसार, ईरान के हमले में मारे गए दो अमेरिकी सैनिकों के बाद यूएस का गुस्सा फूट चुका है. उसने मानों तेहरान पर बमों की ‘बारिश’ कर दी हो.
जी हां, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल टैंकरों की आवाजाही को रोकने की ईरान की क्षमता को और कम करना था. युद्ध से पहले, दुनिया भर में होने वाली तेल की कुल सप्लाई में इस जलमार्ग की हिस्सेदारी लगभग 20 प्रतिशत थी.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा, “आज शाम 6 बजे ET पर, कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू किए. इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल शिपिंग के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को और कम करना है.”
अमेरिकी सेना ने आगे कहा, “और साथ ही उन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) बलों को तुरंत सजा देना है जिन्होंने कल रात जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमले किए थे.”
ईरानी हमले में अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत
जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने शनिवार को घोषणा की कि युद्ध के शुरुआती दिनों के बाद से ईरान की सीधी गोलीबारी में उसके पहले सैनिक हताहत हुए हैं. जॉर्डन में एक सैन्य अड्डे पर हुए हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए और एक लापता हो गया. यह हमला कई दिनों से चल रही तेज गोलीबारी के बाद हुआ.
अमेरिकी सेना ने बताया कि शुक्रवार को हुए ड्रोन और मिसाइल हमले में चार अन्य सैनिक घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है. युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 16 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और 430 से अधिक घायल हुए हैं.
कभी न भूलने वाले सबक सिखाने की धमकी
वहीं, अमेरिकी हमले से कुछ देर पहले ईरान के सर्वोच्च नेता ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस्लामिक रिपब्लिक पर हमले जारी रखता है, तो उसे “कभी न भूलने वाले सबक” सिखाए जाएंगे.
सरकारी टीवी पर पढ़ी गई और मोजतबा खामेनेई (जो युद्ध शुरू होने के बाद से अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं) के नाम से बताई गई इन बातों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर को “बेकार और अमान्य” भी बताया गया.
ईरान के एक वार्ताकार ने कहा कि तेहरान लगभग एक महीने पहले हुए उस अंतरिम समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को रोक रहा है, जिसका मकसद लड़ाई को स्थायी रूप से खत्म करना था.
तेहरान के इन बयानों ने एक और नाजुक कड़ी को तोड़ दिया है, जबकि युद्ध के खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं. अब खामेनेई न केवल ईरान की ओर से, बल्कि क्षेत्र में मौजूद अपने सशस्त्र प्रॉक्सी (सहयोगी समूहों) की ओर से भी “सबक” सिखाने की चेतावनी दे रहे हैं, जिन्हें वे “प्रतिरोध की धुरी” (Axis of Resistance) कहते हैं. बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका ने वैश्विक यात्रा अलर्ट जारी किया है.
लगातार सातवीं रात अमेरिका ने की ईरान पर भीषण बमबारी, इन ठिकानों को किया तबाह!
News Source: PTI
