Ram Mandir Donation Row: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर अयोध्या राम मंदिर में दान के कथित गबन की जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि लाखों भक्त जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई आस्था के साथ दान की थी, वे “चोरी से ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.” विपक्षी नेताओं ने कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी मंजूर नहीं है. उन्होंने पीएम से उनसे जवाबदेही और मुआवजा पक्का करने की अपील की.
खड़गे ने X पर एक पोस्ट में चिट्ठी शेयर करते हुए कहा, “PM मोदी को हमारा जॉइंट लेटर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के फाइनेंशियल मामलों की एक इंडिपेंडेंट और पूरी जांच की मांग करता है. लाखों भक्त जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई आस्था, भक्ति और भरोसे के साथ दान की थी, वे चोरी से ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.”
Our joint letter to PM Modi demanding an independent and comprehensive investigation into the financial affairs of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust. Lakhs of devotees who donated their hard- earned money with faith, devotion and trust are feeling betrayed by the… pic.twitter.com/FxrQA0YDk7
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 19, 2026
‘चप्पी बर्दाश्त नहीं’
अपने लेटर में गांधी और खड़गे दोनों ने प्रधानमंत्री को बताया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर संसद में ट्रस्ट बनाने की घोषणा की, लेकिन इसके सदस्यों को पूरी तरह से उनकी सरकार ने नियुक्त किया था. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सब जानते हैं कि ट्रस्ट के सदस्य RSS, VHP और उससे जुड़े संगठनों से जुड़े हैं और ट्रस्ट के पूर्व जनरल सेक्रेटरी भी उनके करीबी सहयोगी थे. उन्होंने कहा, “ऐसे अपराध के सामने अब आपकी चुप्पी बर्दाश्त नहीं की जा सकती. जवाबदेही और मुआवजा सुनिश्चित करना आपका कर्तव्य है. हम आपसे आग्रह करते हैं कि ट्रस्ट के फाइनेंशियल मामलों की तुरंत एक स्वतंत्र और पूरी जांच का आदेश दें, जिसमें कैश, सोना, चांदी सहित सभी चढ़ावे को संभालना शामिल है.”
‘भारत के लोग देख रहे हैं’
राहुल और खड़गे ने यह भी मांग की कि जांच के नतीजे और ट्रस्ट के अकाउंट डिटेल को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि हर भक्त को पता चले कि उनके चढ़ावे का इस्तेमाल कैसे किया गया है. कांग्रेस नेताओं ने कहा, “जिम्मेदार पाए जाने वाले सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, चाहे वे किसी भी पद या प्रभाव में हों. आपकी सरकार और ट्रस्ट की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितनी पारदर्शिता और तेज़ी से काम करते हैं. भारत के लोग देख रहे हैं. जय हिंद!”
कल SC में होगी सुनवाई
बता दें, राम मंदिर में चढ़ाए गए दान की कथित चोरी जून के पहले हफ्ते में सामने आई थी और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. ट्रस्ट के सेक्रेटरी चंपत राय और एक अन्य अधिकारी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है. 25 जून को पुलिस ने ट्रस्ट की शिकायत पर इस मामले में FIR दर्ज की और कैश गिनने के काम में शामिल आठ लोगों को गिरफ्तार किया. अब सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. कुछ ने चोरी कबूल कर ली है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दायर याचिकाओं (जिनमें CBI जांच और ट्रस्ट को फिर से बनाने की मांग वाली याचिकाएं भी शामिल हैं) पर 20 जुलाई को सुनवाई करेगा.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट ने शुरू कराया प्रायश्चित पूजन; 70 वैदिक आचार्य हुए शामिल
News Source: PTI
