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West Asia Tension: कुवैत पर फिर अटैक तो US ने ईरानी रडार व ड्रोन ठिकानों पर किया हमला

by Amit Dubey 1 June 2026, 11:04 AM IST
1 June 2026, 11:04 AM IST
West Asia Tension

West Asia Tension: पश्चिम एशिया में जारी तनाव को एक ओर जहां कम करने की कोशिश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर ईरान और अमेरिका के बीच लागू अस्थायी सीजफायर का उल्लंघन भी देखा जा रहा है. इस उल्लंघन ने पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम होने की संभावनाओं पर ब्रेक लगाने का काम किया है. ताजा मामला कुवैत पर ड्रोन अटैक के अलावा अमेरिका के द्वारा ईरानी रडार और ड्रोन ठिकाने को निशाना बनाने का है.

बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बाधित कर दिया है. इससे भारत समेत दुनिया के कई देशों को एनर्जी सप्लाई (तेल, गैस) में काफी दिक्कत हो रही है. यह समुद्री मार्ग ईरान के कब्जे की वजह से बाधित हो गया है. अमेरिका ने इसकी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी कर दी है. इन दोनों देशों के बीच शांति समझौता हो जाने के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पहले की तरह पूरे तरीके से खुल सकता है लेकिन इस समझौते को पूरा होने में अभी कितना वक्त लगेगा, इसका कोई अंदाजा नहीं है. फिलहाल अस्थायी सीजफायर को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है.

कुवैत पर ड्रोन अटैक

अमेरिका-ईरान के बीच अस्थायी रूप से लागू सीजफायर के बाद भी हमले देखे जा रहे हैं. सबसे पहले बात कुवैत पर ड्रोन हमले की करते हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को कुवैत पर ड्रोन अटैक हुआ है. जानकारी के मुताबिक, कुवैत ने कहा कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली (Air Defences System) ने सोमवार तड़के ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने के लिए गोलीबारी शुरू कर दी.

कुवैत पर हुए हमले की जिम्मेदारी तुरंत किसी ने नहीं ली, हालांकि यह संभवतः ईरान या इराक में ईरान समर्थित शिया मिलिशिया द्वारा किया जा सकता है. ईरान युद्ध के दौरान दोनों देशों ने कुवैत पर कई हमले किए थे.

अमेरिका ने ईरान पर किया जवाबी कार्रवाई

वहीं, इस बीच अमेरिका ने ईरानी रडार और ड्रोन ठिकाने को निशाना बनाया है. अमेरिकी सेना ने सोमवार को कहा कि वह ईरान में स्थित ईरानी रडार और ड्रोन नियंत्रण जगहों को निशाना बना रही है, क्योंकि तेहरान ने इस वीकेंड एक अमेरिकी एमक्यू-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिराया था. सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए द्वारा जारी एक बयान में ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि अमेरिकी सेना ने एक द्वीप पर स्थित दूरसंचार टावर को निशाना बनाया था. गार्ड ने कहा कि उसने जवाबी हमला किया, लेकिन यह नहीं बताया कि हमला कहां किया.

28 फरवरी को ईरान पर हुआ था हमला

मालूम हो कि बीते 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला बोल दिया था. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली हुसैनी खामनेई की मौत हो गई थी. अपने सुप्रीम लीडर की मौत से बौखलाए ईरान ने इजरायल सहित दुनिया के कई देशों में बनाए गए अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला शुरू कर दिया. उसने मिसाइल और ड्रोन की मदद से यूएई, सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, ओमान समेत अन्य देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमला किया. इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो गया.

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News Source: PTI

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