Home Latest News & Updates महाराष्ट्र में 80 लाख महिलाओं को लगा झटका, लाडकी बहन योजना से कटा नाम, अब नहीं मिलेंगे 1500 रुपए

महाराष्ट्र में 80 लाख महिलाओं को लगा झटका, लाडकी बहन योजना से कटा नाम, अब नहीं मिलेंगे 1500 रुपए

by Neha Singh 1 June 2026, 11:59 AM IST (Updated 1 June 2026, 12:00 PM IST)
1 June 2026, 11:59 AM IST (Updated 1 June 2026, 12:00 PM IST)
Ladki Bahan Yojana

Ladki Bahan Yojana: महाराष्ट्र में लाडकी बहन योजना की लाभार्थी महिलाओं को बड़ा झटका लगा है. करीब 80 लाख महिलाओं का नाम अब लाभार्थियों की लिस्ट से हटा दिया गया है. यानी अब उन्हें हर महीने 1500 रुपए की आर्थिक मदद नहीं मिलेगी. इससे लाभार्थियों की संख्या 2.46 से घटकर 1.7 करोड़ रह गई है. यह बदलाव e-KYC की डेडलाइन खत्म होने के बाद के बाद किया गया है. सरकार ने e-KYC की डेडलाइन बढ़ाने और नए लाभार्थियों को शामिल करने से इनकार कर दिया है. इस पर विपक्षी पार्टियों ने तीखे आरोप लगाए हैं कि महाराष्ट्र सरकार “गंभीर आर्थिक संकट” की वजह से नाम काट रही है.

योजना के लिए अयोग्य पाई गईं महिलाएं

सोमवार को एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि 30 अप्रैल की e-KYC की डेडलाइन के बाद बेनिफिशियरी की संख्या 2.4 करोड़ से घटकर करीब 1.7 करोड़ हो गई है, लेकिन नाम काटा जाना एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया का पालन न करने से भी जुड़ा है. उन्होंने कहा कि सरकार ने बेनिफिशियरी को अपना e-KYC पूरा करने के लिए आठ महीने का समय दिया था. अधिकारी ने कहा, “करीब 50 से 55 लाख महिलाएं प्रोसेस को पूरा नहीं कर पाईं, जबकि दो से तीन लाख ने इस दौरान गलतियां ठीक कर लीं. इसके अलावा, करीब 12 लाख महिलाएं 2.5 लाख रुपये की सालाना इनकम लिमिट से ज़्यादा इनकम टैक्स पेयर पाई गईं और 4.5 लाख से ज़्यादा महिलाएं 65 साल की ऊपरी उम्र सीमा पार कर चुकी थीं.” उन्होंने कहा कि नमो शेतकरी स्कीम के तहत करीब पांच लाख महिलाओं को पहले से ही फायदा मिल रहा है.

e-KYC पूरा करने वाली महिलाओं की महीने की किश्तें छूटने की शिकायतों पर बात करते हुए, अधिकारी ने कहा, “असली फायदा पाने वालों का आखिरी आंकड़ा एक हफ्ते में साफ हो जाएगा और शिकायतों को क्रॉस-वेरिफाई किया जा रहा है.” उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि सिर्फ e-KYC पूरा न करने की वजह से 80 लाख महिलाओं को स्कीम से हटा दिया गया.

विपक्ष का आरोप

इस बीच, विपक्षी NCP (SP) नेता जयंत पाटिल ने दावा किया कि फायदा पाने वालों को स्कीम से हटाना राज्य के सामने “गंभीर आर्थिक संकट” को दिखाता है. पाटिल ने आरोप लगाया कि “अब, करीब 80 लाख महिला फायदा पाने वालों को अयोग्य घोषित कर दिया गया है. यह उन लोगों को छोड़ने जैसा है जिनसे मदद का वादा किया गया था.” पाटिल ने कहा, “केंद्र के बाद, राज्य भी एक बड़े फाइनेंशियल संकट का सामना कर रहा है. पहली मार हमारी ‘लड़की बहनों’ पर पड़ी है. राज्य का फिस्कल डेफिसिट काफी है और ग्लोबल इकोनॉमिक स्लोडाउन ने स्थिति को और खराब कर दिया है.” उन्होंने कहा कि बेहतर प्लानिंग और सावधानी से लागू करने से इस कदम से बचा जा सकता था. इसके अलावा NCP (SP) MLA रोहित पवार ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लड़की बहन स्कीम से धीरे-धीरे बेनिफिशियरी को हटा रही है, जिसका आखिरी मकसद इसे बंद करना है.

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News Source: PTI

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