IND vs ENG : इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी-20 सीरीज को भारत ने 0-4 से गंवा दिया था. इसके बाद खिलाड़ियों से लेकर कोचिंग पर सवाल खड़े होने लगे. सोशल मीडिया पर गौतम गंभीर को कोचिंग से भी हटाने की भी मांग होने लगी थी. साथ ही क्रिकेट फैंस यह भी कहने लगे थे कि सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बहुत बड़ी भूल की है. हालांकि, इसी बीच दोनों टीमों के बीच टी-20 के बाद वनडे सीरीज शुरू हो गई. इसी बीच सीरीज का पहला मुकाबला मंगलवार को खेला गया. इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 258 रनों पर ऑलआउट हो गई. इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने के लिए उतरी भारतीय टीम ने 4 विकेट के नुकसान पर बोर्ड पर 262 रन लगा दिए और मैच को 6 विकेट से जीत लिया. इस मैच में शुभमन गिल ने 75 गेंदों में 80 रनों की शानदार खेली और वाशिंगटन ने भी 63 गेंदों में 52 रन बनाए. भारतीय टीम ने इस सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है. इसी बीच इस जीत का श्रेय सबसे ज्यादा अक्षर पटेल को दिया जा रहा है. उन्होंने इस मुकाबले में गेंद और बल्ले से कमाल कर दिया. वह इस जीत के सबसे बड़े हीरो के रूप में उभरकर सामने आए.

4 विकेट गिरने के बाद अक्षर ने संभाली पारी
259 रनों की लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को जब 99 रनों की जरूरत थी. उस वक्त चार विकेट गिर चुके थे. गिल रिटायर्ड हर्ट हो चुके थे. हालांकि, अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा. अक्षर पटेल आक्रामक बल्लेबाज की भूमिका में रहे और वाशिंगटन ने दूसरे छोर से पारी को संभाले रखा. इसके बाद भारत ने 28 गेंद शेष रहते हुए मैच को जीत लिया. इस मैच में अक्षर न केवल 52 गेंद पर 57 रनों की पारी खेली बल्कि चार विकेट भी झटकने का काम किया. अगर अक्षर अपनी गेंदबाजी से कमाल नहीं दिखाते तो इंग्लैंड आसानी से 290 के स्कोर पर पहुंच सकता था. इसी बीच अक्षर पटेल ने डॉसन को डीप स्क्वायर लेग पर पुल खेलने के लिए मजबूर किया और वहां पर उनका कैच हो गया. इसके बाद अक्षर ने निचले क्रम के बल्लेबाजों को जल्दी-जल्दी पवेलियन भेजकर पारी को बहुत कम समय में समाप्त करवा दिया.
इरफान पठान ने की तारीफ
अक्षर पटेल के इस शानदार प्रदर्शन को लेकर पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने भी तारीफ की. उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि यह जीत भारतीय टीम को काफी संतुष्टि देगी, क्योंकि इस नींव दो आलराउंडर की साझेदारी के बदौलत रखी गई. अब टीम इस तरह के प्रदर्शन की जरूरत लंबे समय तक है. अक्षर ने इस मैच में कमाल का प्रदर्शन किया है और वह ही इस मैच के हीरो रहे हैं. साथ ही इस पारी में वाशिंगटन सुंदर ने अपने आपको पूरी तरह नियंत्रण में रखा.

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था लास्ट मैच
इंग्लैंड के खिलाफ मैच खेलने से पहले अक्षर पटेल ने पिछले साल सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैच खेला था. उन्होंने उस मैच में शानदार गेंदबाजी की थी. इसके बाद रवींद्र जडेजा और हर्ष दुबे के मुकाबले कब तरजीह देते हुए टीम से बाहर कर दिया था. ऐसे में टीम में लगातार टीम में चल लड़ाई के बीच अक्षर ने जगह बनाने में कामयाब हुए और इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में शानदार प्रदर्शन करके उन्होंने साबित कर दिया है कि वह आने वाले समय में टीम के लिए सबसे सहज स्पिनर साबित होंगे. खास बात यह है कि पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी में यही भूमिका में अक्षर पटेल निभा रहे थे. साथ ही एक छोटी सी प्रतिस्पर्धा वाशिंगटन सुंदर के साथ भी थी. विकेटकीपर केएल राहुल से पहले वाशिंगटन को इस मैच में पहले बल्लेबाजी करने के लिए भेजा और इसका मतलब था कि चार पांच बल्लेबाजों की लाइन में राइट-लेफ्ट का संतुलन न टूटे.
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अक्षर और वाशिंगटन ने खेली शानदार पारी
इसमें कोई गुरेज नहीं हैं कि अपने करियर के उतार-चढ़ाव के दौर में मंगलवार को अक्षर पटेल ने बाकी फिंगर स्पिनर के मुकाबले शानदार प्रदर्शन किया. यह तब और ज्यादा महत्वपूर्ण जब दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप में भारत के सिर्फ एक फिंगर स्पिनर के साथ उतरने की संभावना है. अक्षर ने इस मैच में सही समय पर गेंदबाजी करते हुए एक अहम शतकीय साझेदारी को तोड़ दिया और निचले क्रम के गेंदबाजों को सिमटाकर लास्ट तक जो रूट को अकेला छोड़ दिया. एक छोर से गिर रहे विकेट के बीच जो रूट कुछ खास नहीं पर आए और अंत में वह अकेले ही नाबाद पवेलियन की तरफ चल दिए. दूसरी तरफ टीम मैनेजमेंट को उनकी गेंदबाजी से ज्यादा बल्लेबाजी पसंद आई होगी. लक्ष्य का पीछा करने के लिए उतरी भारतीय टीम लगातार विकेट गंवाकर मुश्किल में आई गई थी. इसके बाद अक्षर ने वाशिंगटन के साथ मिलकर कमाल की साझेदारी की और दोनों ने पांच विकेट के लिए 100 रन जोड़े. इस मैच में अक्षर ने एक छोर आक्रामक पारी खेली और दूसरी तरफ से वाशिंगटन ने विकेट बचाकर स्कोर बोर्ड को खींचना जारी रखा. इस मैच में अक्षर ने चार विकेट, अर्धशतकीय पारी और प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीतने का काम किया.

आखिरी ओवर में गंवा दिए चार विकेट
शुभमन गिल वनडे मैच में 80 रनों की कमाल की पारी खेल रहे थे. अचानक चोट की वजह से उन्होंने रिटायर्ड हर्ट ले लिया. इसके बाद उन्होंने साफ किया कि यह कोई चोट नहीं थी बल्कि ऐंठन थी. साथ ही अब उम्मीद है कि वह कार्डिफ में खेले जाने वाले दूसरे वनडे में भी उपस्थित रहेंगे. दूसरी तरफ भारत का स्कोर दो विकेट के नुकसान पर 149 रन था, लेकिन 160 तक पहुंचते-पहुंचते चार विकेट हो गए. इसके बाद इंग्लैंड के पास वापसी का एक मौका जरूर बना. इसी बीच मैच में चार विकेट चटकाने वाले अक्षर पटेल ने 57 और वाशिंगटन सुंदर ने 52 रन बनाकर भारत को आसानी से जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया.
बता दें कि एक समय लग रहा था कि मुकाबला 40 ओवर तक भी नहीं पहुंचेगा. लेकिन जो रूट और लियाम डॉसन ने 111 रनों की साझेदारी करके टीम को संतुष्टपूर्वक स्कोर तक पहुंचा दिया. डॉसन की 68 रनों की पारी इंग्लैंड के लिए खेलते हुए सर्वोच्च पारी थी. साथ ही रूट ने अपने अंदाज में 76 रनों की नाबाद पारी खेली. लेकिन मैच के दौरान इंग्लैंड ने अपने आखिरी तीस रनों पर चार विकेट गंवा दिए. इसके बाद टीम 258 रनों पर ऑलआउट हो गई.
नहीं कुछ खास कर पाए रो-को
जनवरी में श्रीलंका के खिलाफ जीत मिलने के बाद इंग्लैंड की यह बीते 20 मैचों में 14वीं हार है. इस मैच में तेज गेंदबाजों को सबसे ज्यादा पिच से मदद मिल रही थी. लेकिन इस मैच में इंग्लैंड की टीम में अनुभवी गेंदबाज की कमी आई थी. साथ ही इंग्लिश टीम के ऑलराउंडर भी भारतीय टीम के ऑलराउंडर के खिलाफ काफी फीके साबित हुए. साथ ही अंत तक पहुंचते-पहुंचते मैच भारतीय टीम के पाले में पहुंच गया. इस दौरान भारतीय फैंस काफी खुश नजर आए और वह टीम को भी काफी समर्थन दे रहे थे. मौजूदा विश्व चैंपियन टीम ने टी-20 सीरीज में काफी निराशाजनक प्रदर्शन किया था, लेकिन इस वनडे टीम में मौजूद बड़े सितारों को देखते हुए काफी समझदारी से खेलने की चुनौती थी.

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वहीं, विराट कोहली इस सीरीज में काफी एक्टिव दिखे लेकिन वह बल्ले से काफी बेहद निराशाजनक प्रदर्शन देखने को मिला. साथ ही 29 वर्षीय बल्लेबाज रोहित शर्मा इंग्लैंड शायद अपनी आखिरी सीरीज खेल रहे हैं. वह लक्ष्य का पीछे करने के उतरे तो 11 रन पर सैम करन को अपना विकेट दे बैठे. वहीं, अगले ओवर में कोहली भी पांच रन पर अपना विकेट दे चुके बैठे.
बुमराह ने दिखाया कमाल
वहीं, जसप्रीत बुमराह के शुरुआती ओवर में काफी रोमांच भरे रहे और बुमराह का प्रदर्शन इस मैच में शानदार रहा. आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो उन्होंने एक ही विकेट चटकाया था. लेकिन उन्होंने अपनी गेंदबाजी से विरोधी बल्लेबाजों के मन में दहशत बनाई रखी. उन्होंने अपना एकमात्र विकेट हैरी ब्रूक को आउट करके हासिल किया और यह भारतीय टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण विकेट था. वहीं, आठवें नंबर पर जो रूट का साथ देने के लिए पिच पर आए डॉसन ने पारी को स्थिरता देने का काम किया. उन्होंने स्कोर बोर्ड बढ़ाने के साथ एक छोर से विकेट को थामे रखा. वहीं, जो रूट को शुरुआत में 9 रन पर जीवनदान मिला था और उसके बाद उन्होंने बहुत संभलकर अपनी पारी को आगे बढ़ाया. साल 2025 की शुरुआत से ही वनडे फार्मेट में उनका औसत 70 का रहा है.
दूसरी तरफ आदिल राशिद, जोफ्रा आर्चर और जोश टंग तीनों अक्षर की छह गेंदों में पवेलियन की तरफ चल दिए. रूट के पास दूसरे छोर पर ऐसा कोई बल्लेबाज नहीं बचा था जो विकेट को बचाकर खेल सके. इस मैच में इंग्लिश टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी और ऑलआउट हो गई.
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