Hyderabad News : हैदराबाद में एक प्राइवेट स्कूल में हिंदू छात्र को कथित तौर पर होमवर्क के रूप में इस्लामिक शिक्षा देने पर विवाद हो खड़ा गया है. छात्र के रिश्तेदारों ने होमवर्क को लेकर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. इस घटना के बाद इस मामले में सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और दक्षिण पंथी लोग इस मामले में टीचर की गिरफ्तारी करने की मांग कर रहे हैं. वहीं, अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि टीचर को स्कूल से निकाल दिया गया है. उन पर आरोप था कि उन्होंने एक हिंदू छात्र को होमवर्क के तौर पर इस्लाम धर्म के रीति-रिवाजों से जुड़ा हुआ कार्य दिया था.
VHP ने जताई कड़ी आपत्ति
इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने गुरुवार को स्कूल टीचर की ओर से दिए गए होमवर्क पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई. साथ ही संस्थान के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की. डीसीपी खरे किरण प्रभारकर ने बताया कि बुधवार को एक महिला टीचर ने दूसरी कक्षा के छात्रों को होमवर्क दिया था कि सभी कलमा पढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि क्लास में 25 छात्र हैं और उनमें से एक ही हिंदू छात्र हैं. प्रभाकर ने आगे कहा कि यह शिक्षा नीति और स्कूल की नीति का पूरी तरह उल्लंघन है कि टीचर ने लिखा कि सभी स्टूडेंट्स को कलमा पढ़ना चाहिए. हालांकि, स्कूल का कहना है कि टीचर को नौकरी से निकाल दिया गया है. इसके बाद माता-पिता ने प्रिंसिपल को पत्र लिखकर कहा कि हमने टीचर की माफी स्वीकार कर ली है.
स्कूल की कार्रवाई से संतुष्ट
वहीं, टीचर को स्कूल से निकाले जाने के फैसले को वापस लेने पर कोई तुरंत फैसला नहीं लिया है. माता-पिता ने पुलिस को बयान दिया कि वह टीचर के खिलाफ स्कूल की कार्रवाई से संतुष्ट हैं और मामला सुलझ गया है. डीसीपी ने कहा कि माता-पिता ने पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी है और अब तक कोई कनूनी कार्रवाई की गई है. उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई शिकायत दी जाती है तो पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी. दूसरी तरफ पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि आम लोग इस घटना के बारे में कोई भी फर्जी खबर न फैलाएं. साथ ही डीसीपी ने बताया कि विरोध-प्रदर्शन के बाद 30 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया. इससे पहले 6 साल के स्टूडेंट की एक आंटी न स्कूल में टीचरों से कहा था कि उन्हें लड़के की होमवर्क डायरी में मुस्लिम धर्म से जुड़ी कुछ बातें पढ़ने के निर्देश मिले थे.
उन्होंने दावा किया कि स्कूल प्रिंसिपल ने उनसे कहा था कि यह एक धार्मिक टॉपिक है जिसे सभी स्टूडेंट्स को मानना जरूरी है. महिला ने स्कूल का पंचांग दिखाते हुए निर्देश देने वाली टीचर के हवाले से कहा था कि उसने गलती से बच्चे की कॉपी में निर्देश लिख दिया था.
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