Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को चार साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक दोनों देशों के बीच कोई स्थायी शांति समझौता नहीं हो पाया है. समय बीतने के साथ युद्ध और भीषण होता जा रहा है. एक ओर यूक्रेन ड्रोन के जरिए मास्को की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है, तो दूसरी ओर रूस भी कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले कर रहा है. यूक्रेन की रणनीति रूस की सैन्य क्षमता के साथ-साथ उसकी अर्थव्यवस्था को भी कमजोर करने की रही है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देने के संकेत या फैसले ने यूक्रेन की चिंताएं बढ़ा दी हैं. इस घटनाक्रम के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को अपने समर्थकों से रूस के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों को सख्त करने के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की. कीव को आशंका है कि रूस पर आर्थिक दबाव कम होने से मास्को को युद्ध जारी रखने के लिए अतिरिक्त संसाधन मिल सकते हैं. इसके अलावा सर्दियों का मौसम नजदीक आने के साथ यूक्रेन को अपने ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर रूसी हमले तेज होने का भी डर है. ऐसे हमलों से बिजली आपूर्ति और अन्य जरूरी सेवाओं को भारी नुकसान पहुंच सकता है. अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार रात हुए रूसी हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए. लगातार हो रहे हमलों के बीच यूक्रेन के सामने नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा बुनियादी ढांचे को बचाने और रूस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है.

हवाई अड्डों पर उड़ानों को बाधित किया
रूसी अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेनी ड्रोनों ने रूस के सीमावर्ती इलाके में एक महिला की जान ले ली और मास्को के हवाई अड्डों पर उड़ानों को बाधित कर दिया. वहीं, जेलेंस्की ने डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. हाल के दिनों में यूक्रेन और वाशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद, उन्होंने अमेरिकी नेता की सीधे तौर पर आलोचना करने से परहेज किया. सोशल मीडिया की एक्स पोस्ट में जेलेंस्की ने लिखा कि दुर्भाग्य से अमेरिका में ‘लिंडसे ग्राहम एक्ट’ को पूरी तरह से नजरअंदाज करने का फैसला लिया गया है. इस कानून का मकसद रूस पर ऐसा प्रभावी दबाव डालना था जिससे यह युद्ध खत्म हो सके. उन्होंने आगे लिखा, यह कानून बहुत मददगार साबित हो सकता था और अभी भी हो सकता है! लेकिन इसके लिए इसे वास्तव में लागू होना जरूरी है कि इसके समर्थन में तेजी से आवाज उठाई जाए. उन्होंने उन डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स को धन्यवाद दिया जिन्होंने इस कानून का समर्थन किया था. उन्होंने कहा कि इसे रोकना रूस को और अधिक हत्याएं करने के लिए प्रोत्साहित करेगा और यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई की क्षमता को सीमित करने से शांति नहीं आएगी. साथ ही हमें पूरी उम्मीद है कि अमेरिकी राष्ट्रपति पुतिन को हत्याएं रोकने, हमारे ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले बंद करने और इस युद्ध को खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे.

अमेरिका करेगा त्रिपक्षीय बैठक
वहीं, वाशिंगटन के साथ संपर्क के बारे में पूछे जाने पर जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन के मुख्य वार्ताकार रुस्तम उमेरोव ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति के दूत और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से मुलाकात की थी. जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका एक ऐसी त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करने पर काम कर रहा है जिसमें वह खुद, ट्रंप और पुतिन शामिल होंगे. यह बैठक मध्य पूर्व यूरोप या अमेरिका में हो सकती है. दक्षिण कैरोलिना के दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखे गए इस कानून का मकसद यूक्रेन के खिलाफ रूस के साढ़े 4 साल पुराने युद्ध को बढ़ावा देने वाले वित्तीय संसाधनों के प्रवाह पर तेजी से रोक लगाना था. इस विधेयक में रूसी अधिकारियों, बैंकों और टैंकरों के एक ऐसे गुप्त बेड़े पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी. ट्रंप ने पिछले ही महीने इस कानून पर हस्ताक्षर किए थे और उनका यह कदम कानून में तय की गई लागू होने की समय-सीमा से ठीक दो दिन पहले आया. ट्रंप ने कांग्रेस को बताया कि यह रोक राष्ट्रीय हित में है, लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई और जानकारी नहीं दी. इस विधेयक को तैयार करने में शामिल सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंथल ने ट्रंप के इस कदम की आलोचना की थी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ‘अधिकांश अमेरिकियों, कांग्रेस के दोनों सदनों में उनके प्रतिनिधियों और हमारे यूरोपीय सहयोगियों’ से मुंह मोड़ रहे हैं.

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ट्रंप के फैसले का मकसद पुतिन को खुश करना
ब्लुमेंथल ने कहा था कि इन छूटों का हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है. इनका सीधा संबंध व्लादिमीर पुतिन को खुश करने से है. ट्रंप का यह अप्रत्याशित फैसला उस घटना के एक हफ्ते बाद आया है, जब उन्होंने वैश्विक ऊर्जा कीमतों को कम करने की कोशिश में रूस से डीजल खरीदने पर सहमति जताई थी. भले ही इससे यूक्रेन को नुकसान पहुंचने की आशंका हो. रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों का ही कहना है कि इस खरीद से रूस को यूक्रेन के खिलाफ अपना युद्ध जारी रखने में मदद मिलेगी. साथ ही इससे वैश्विक ईंधन की कीमतों पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा. जेलेंस्की ने कहा कि कीव इस बात की जांच कर रहा है कि यूक्रेन द्वारा ‘स्टारशील्ड’ के इस्तेमाल पर अचानक स्पीड लिमिट क्यों लगाई गईं. ‘स्टारशील्ड’, स्पेसएक्स की ‘स्टारलिंक’ सैटेलाइट इंटरनेट सेवा का सैन्य-ग्रेड वर्ज़न है, जो यूक्रेन के ड्रोन ऑपरेशंस और संचार (कम्युनिकेशन) की रीढ़ है. गुरुवार तड़के बिना किसी पूर्व चेतावनी के लगाई गई इन पाबंदियों के तहत कोई कम्युनिकेशन टर्मिनल 160 किमी प्रति घंटा से अधिक तेज गति से चलता है, तो इंटरनेट डेटा कनेक्शन कट जाता है. इस सीमा के कारण यूक्रेनी ड्रोन को सामान्य से धीमी गति से उड़ना पड़ा, जिससे रूसी हथियारों के लिए उन्हें निशाना बनाना आसान हो गया.

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पाबंदियां लगाने का कोई आदेश नहीं दिया
जेलेंस्की ने कहा कि यूरोपीय संघ के देशों में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है और ये केवल यूक्रेन पर लागू होती हैं. उन्होंने कहा कि दूसरे शब्दों में कहें तो, यह एक सुनियोजित कदम है. यह स्पष्ट नहीं है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है. स्पेसएक्स के संस्थापक और CEO एलन मस्क ने इस सप्ताह कहा कि इस सिस्टम का मालिकाना हक और नियंत्रण अमेरिकी सरकार के पास है और इसके इस्तेमाल से जुड़े फैसले अमेरिकी सेना द्वारा लिए जाते हैं. पेंटागन ने इन पाबंदियों के बारे में ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है. ट्रंप ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि उन्होंने इस सिस्टम पर पाबंदियां लगाने का कोई आदेश नहीं दिया था. उन्होंने इस बात पर भी संदेह जताया कि यह रुकावट मस्क की तरफ से आई है. ट्रंप ने कहा कि मुझे नहीं पता कि यह किसने किया, लेकिन मैंने तो नहीं किया और मुझे नहीं लगता कि एलन ने ऐसा किया होगा. उन्होंने आगे कहा कि जहां तक मैं समझता हूं, यह अभी भी वैसा ही है जैसा हमेशा से रहा है. जेलेंस्की ने बताया कि मास्को ने यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर एक बड़ा हमला किया है, जिसमें पूरे देश में 15 से ज्यादा जगहों को निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि रूस का हमला हमारे ऊर्जा क्षेत्र पर तेजी से किया जा रहा है. यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि उसने रूस की सभी चार क्रूज मिसाइलों और रात भर में छोड़े गए 332 अटैक ड्रोनों में से ज्यादातर को रोक दिया. सर्दियों से पहले पावर ग्रिड पर रूस की भारी बमबारी इस युद्ध का एक सालाना हिस्सा बन गई है. इसका मकसद आम नागरिकों को हीटिंग और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखकर यूक्रेन के लड़ने के हौसले को कमजोर करना है.
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रूस जमा कर रहा बैलिस्टिक मिसाइलों का जखीरा
यूक्रेनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रूस आने वाले महीनों में हमला करने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों का जखीरा जमा कर रहा है. शहर के सैन्य प्रशासन के प्रमुख वादिम लियाख ने शनिवार को बताया कि रूसी हमलों में यूक्रेन के स्लोवियांस्क शहर में तीन लोगों की मौत हो गई. स्थानीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख यारोस्लाव शांको ने बताया कि यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में भी एक रूसी हमले में एम्बुलेंस के एक ड्राइवर की जान चली गई. उन्होंने कहा कि गाइडेड बमों का इस्तेमाल करके किए गए इस हमले में कम से कम 33 अन्य लोग घायल भी हुए हैं. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि रूस के सीमावर्ती क्षेत्र बेलगोरोद में यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक रूसी महिला की मौत हो गई. रूस के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि उसकी सेना ने रात भर में रूस के 15 क्षेत्रों और काला सागर के ऊपर 610 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया. मास्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि राजधानी की ओर आ रहे 100 से ज्यादा ड्रोनों को मार गिराया गया. स्थानीय मीडिया के अनुसार, मास्को के हवाई अड्डों पर 350 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं या उनमें देरी हुई, क्योंकि ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए विमानों को उड़ान भरने से रोक दिया गया था. क्रेमलिन ने शनिवार को घोषणा की कि पुतिन ने एक सरकारी कार्यक्रम को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य ड्रोन हमलों में क्षतिग्रस्त हुई व्यापार और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को फिर से बहाल करने में मदद करना है. वहीं, रोमानिया के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि उसके पायलटों ने काला सागर (ब्लैक सी) में देश के क्षेत्रीय जल क्षेत्र के ऊपर दो ड्रोन मार गिराए.
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