Jabalpur Cruise Accident : जबलपुर क्रूज इंसीडेट होने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतका के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर समय पीड़ितों के साथ कड़ी है.
Jabalpur Cruise Accident : जबलपुर के बरगी डैम में हुआ क्रूज जल समाधि हादसा अब एक बड़ी मानवीय त्रासदी में बदल गया है. इस भीषण हादसे के बाद आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद जबलपुर पहुंचे. मुख्यमंत्री ने हादसे की शिकार नीतू सोनी के घर पहुंचकर परिजनों का ढांढस बंधाया. उनके साथ डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और मंत्री राकेश सिंह भी मौजूद रहे. बता दें बरगी डैम की लहरों ने गुरुवार शाम 5 बजे ऐसा कहर बरपाया कि हंसते-खेलते सैलानियों का सफर मातम में बदल गया.
मृतका के परिजनों से मिले सीएम मोहन
74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई आंधी ने पर्यटन विभाग के क्रूज को किनारे से महज 300 मीटर दूर जलमग्न कर दिया. इस हादसे ने अब तक 9 जिंदगियां लील ली हैं, जिनमें 8 महिलाएं और एक 4 साल का मासूम बच्चा शामिल है. वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को मृतका नीतू सोनी के परिजनों से मुलाकात की. सीएम मोहन ने शोक संतप्त परिवार के साथ बैठकर उनका दुख साझा किया और स्पष्ट किया कि इस कठिन समय में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है.
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
बता दें कि हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों में जबलपुर से लेकर दिल्ली, भोपाल और तमिलनाडु तक के लोग शामिल हैं. 43 साल की नीतू सोनी, 62 साल की मधुर मैसी और महज 4 साल का मासूम त्रिशान इस हादसे की भेंट चढ़ गए, लेकिन प्रशासन के लिए अब भी चुनौती खत्म नहीं हुई है. वहीं, जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है. क्रूज में 43 से 47 लोग सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 लोगों की ही कटी थी यानी क्षमता से अधिक सवारियां और नियमों की अनदेखी ने इस हादसे को और भयावह बना दिया.
बचाव कार्य टीम अभी भी चार लोगों की जिंदगियों की तलाश कर रही है. इनमें 5 साल का श्रीतमिल, 6 साल का विराज और 9 साल का मयूरम शामिल है. प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है, लेकिन वक्त गुजरने के साथ अपनों की उम्मीदें टूटती जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि राहत कार्य में कोई कमी न आए और हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच की जाए.
एडवेंचर के लिए बनेगी SOP
सीएम मोहन ने बताया कि हम इस घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर रहे हैं. इस समिति में होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक, सचिव मध्यप्रदेश शासन और जबलपुर संभाग के आयुक्त शामिल होंगे. यह कमेटी मुख्य रूप से तीन बिंदुओं काम करेगी, जो इस प्रकार होगी कि दुर्घटना के कारणों की शुरुआत से जांच करना, दूसरा परिस्थितियों को प्रतिपादित करना और तीसरा दुर्घटना के वक्त प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं. मुख्यमंत्री कहा कि हमारी सरकार नौका पर्यटन, क्रूज पर्यटन, एडवेंचर स्पोर्ट्स समेत सभी तरह की गतिविधियों के लिए SOP तैयार करेंगे. साथ ही जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसको किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि हम सभी को मौसम विभाग की सूचनाओं को गंभीरता के साथ अमल में लाना चाहिए.
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