DU UGC Row: शुक्रवार को नॉर्थ कैंपस में यूजीसी नियमों के समर्थन में रैली निकाली जा रही थी. इस दौरान छात्रों ने एक महिला पत्रकार से हाथापाई की.
14 February, 2016
विश्विद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों पर भले ही सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, लेकिन विवाद अभी भी गरमाया हुआ है. कॉलेजों में इसको लेकर रोज प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. ऐसा ही एक प्रदर्शन दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी बीती शुक्रवार रात को देखने को मिला. शुक्रवार को नॉर्थ कैंपस में यूजीसी नियमों के समर्थन में रैली निकाली जा रही थी. इस दौरान एक महिला पत्रकार से कुछ छात्रों की बहस हो गई और धीरे धीरे बहस हाथापाई में बदल गई. मामला इतना बिगड़ गया कि राइट और लेफ्ट विंग के छात्र आपस में भिड़ गए. मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह महिला पत्रकार को बचाया.
महिला पत्रकार से पूछी गई जाति
महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि उससे उसकी जाति पूछी गई. उसने UGC एक्ट के बारे में सवाल पूछे, और अचानक माहौल गरमा गया. आरोप है कि जब उसने छात्रों से सवाल पूछे, तो उसे घेर लिया गया, उसका नाम और जाति पूछी गई और उसके साथ बदसलूकी की गई. बदसलूकी के बाद छात्रों का एक ग्रुप उसके सपोर्ट में उतर आया. घटना के बाद, स्टूडेंट्स मॉरिस नगर पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए और देर रात तक नारे लगाते रहे. थाने के बाहर स्टूडेंट्स के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की जा रही थी जिन्होंने महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ बदसलूकी की थी.
ABVP का बयान
घटना की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें युवती भीड़ में फंसी हुई दिख रही है. कुछ लोग उसे घेरे हुए और जर्नलिस्ट्स को वहां से हटाने की कोशिश करते दिख रहे हैं. पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह लड़की को बाहर निकाला. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कहा, “आज दिल्ली यूनिवर्सिटी में जो घटना हुई वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. महिला सशक्तिकरण की बात करने वालों का असली चेहरा सामने आ गया है. एक महिला फ्रीलांस पत्रकार से उसकी जाति पूछी गई और सवाल पूछने पर उसके साथ बुरा बर्ताव किया गया.”
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
बता दें, UGC के नए नियमों को 13 जनवरी, 2026 को लागू किया गया था, जिसके बाद पूरे देश में बवाल खड़ा हो गया. सवर्ण समाज के लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया. जगह-जगह पर प्रदर्शन होने लगे. कॉलेजों और सोशल मीडिया पर यूजीसी नियमों को वापस लेने की मांग होने लगी. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों पर रोक लगा दी. इसके बाद अब कहीं नियमों के समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं तो कहीं इसके विरोध में.
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