AR Rahman Controversy : सुप्रीम कोर्ट ने म्यूज़िक कंपोज़र ए.आर. रहमान और “वीरा राजा वीरा” गाने में डागरवानी परंपरा के योगदान को स्वीकार करें.
14 February, 2026
म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान ने हालही में फिल्म छावा पर विवादित बयान दिया था, जिसके बाद उनकी खूब ट्रोलिंग हुई. अब वे एक नई मुश्किल में फंस गए हैं. एआर रहमान को सुप्रीम कोर्ट से फटकार लगी है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को म्यूज़िक कंपोज़र ए.आर. रहमान और फ़िल्म “पोन्नियिन सेलवन 2” के मेकर्स से कहा कि वे फ़िल्म के गाने “वीरा राजा वीरा” में डागरवानी परंपरा के योगदान को स्वीकार करें.
क्या है पूरा मामला
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ध्रुपद गायक उस्ताद फ़ैयाज़ वसीफ़ुद्दीन डागर की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो दिल्ली हाई कोर्ट के सितंबर 2025 के आदेश के ख़िलाफ थी. हाईकोर्ट के पिछले आदेश में कहा गया था कि जूनियर डागर ब्रदर्स के ‘शिव स्तुति’ के क्लासिकल गाने के लेखक होने का कोई पहली नज़र में सबूत नहीं है. फ़याज़ुद्दीन डागर के बेटे और ज़हीरुद्दीन डागर के भतीजे फ़ैयाज़ वसीफ़ुद्दीन डागर ने हाई कोर्ट के सामने दलील दी थी कि जूनियर डागर ब्रदर्स की सभी ओरिजिनल रचनाओं, जिसमें ‘शिव स्तुति’ भी शामिल है, का कॉपीराइट उनके पास है, जिसका गैर-कानूनी तरीके से उल्लंघन किया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान, बेंच ने डागर के वकील से कहा, “पहली परफॉर्मेंस का मतलब ज़रूरी नहीं कि ऑथरशिप हो. आपका केस पहली परफॉर्मेंस से यह अंदाज़ा लगाने जैसा है कि यह ऑथरशिप है. मुद्दा यह है कि आप इसे बनाने वाले थे या डागर परंपरा से इसे लिया और पहली बार गाया.” इस पर, वकील ने कहा, “मैं एक खास कंपोज़िशन पर अधिकार का दावा कर रहा हूं. मेरा अधिकार कंपोज़िशन में है. मेरे पिता और भाई ने इसे बनाया था.” इसके बाद बेंच ने डागर के वकील से पूछा कि क्या वह “राग की ओरिजिनैलिटी” का दावा कर रहे हैं, जिस पर उन्होंने कहा कि अधिकार कंपोज़िशन में है, गाने के तरीके में नहीं. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि डागरवानी परंपरा के योगदान को मानना जरूरी है.
20 फरवरी को होगी सुनवाई
बेंच ने रहमान के वकील, सीनियर वकील अभिषेक सिंघवी से कहा, “धुन की ओरिजिनैलिटी पर कोई शक नहीं है. अगर इन घरानों ने शास्त्री संगीत (क्लासिकल म्यूज़िक) में योगदान नहीं दिया होता, तो क्या आपको लगता है कि ये मॉडर्न सिंगर कामयाब हो पाते.” सिंघवी ने कहा कि पिछली प्रस्तुतियों के दौरान कोई आपत्ति नहीं जताई गई थी. सीनियर वकील ने कहा, “लेकिन हमारी प्रस्तुतियों के दौरान, उन्होंनेआपत्ति जताई.” बेंच ने कहा, “देखिए, कुछ मान्यता मिलनी चाहिए. वे क्लासिकल संगीत के पारंपरिक उपासक हैं. वह कॉम्पिटिशन वाले डोमेन में नहीं हैं. वे सम्मान और पहचान चाहते हैं.” सिंघवी के निर्देश लेने के लिए समय मांगने के बाद, कोर्ट ने सुनवाई 20 फरवरी के लिए टाल दी.
News Source: PTI
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