Free Bus Scheme: काम, पढ़ाई और घर के कामों के लिए रोज़ाना सफर करने वाली हजारों महिलाओं के लिए सोमवार से सफर का खर्च कोई चिंता की बात नहीं रहेगी. केरल सरकार महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए KSRTC की साधारण बसों में ‘प्रियदर्शिनी’ नाम की मुफ्त यात्रा योजना शुरू कर रही है.
पूरे राज्य में लागू
यह योजना कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार की उन पांच ‘इंदिरा गारंटी’ का हिस्सा है जिसकी घोषणा विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान की गई थी. यह योजना शुरू में 15 जून से पूरे राज्य में KSRTC की सभी साधारण बसों में लागू होगी. पहले चरण में सभी उम्र की महिलाएं और ट्रांसजेंडर मुफ़्त यात्रा के लिए पात्र होंगे, चाहे उनकी आय, सामाजिक स्थिति या कोई अन्य मापदंड कुछ भी हो.
अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए किसी भी तरह के पहले से रजिस्ट्रेशन, कागज़ी कार्रवाई या आवेदन प्रक्रिया की ज़रूरत नहीं होगी. यात्रियों को यात्रा के दौरान कंडक्टर से इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ETM) के ज़रिए सिर्फ़ ज़ीरो-वैल्यू वाला ‘प्रियदर्शिनी’ टिकट लेना होगा. उन्होंने बताया कि टिकटिंग सिस्टम हर यात्रा को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड करेगा, जिससे पारदर्शी अकाउंटिंग हो सकेगी और KSRTC को खर्चों की भरपाई हो पाएगी. सूत्रों ने बताया कि यह छूट कॉर्पोरेशन की ओर से चलाई जा रही सभी 3,125 साधारण बसों में मिलेगी, जिससे पूरे राज्य में इसका फ़ायदा मिल सकेगा.
वीडी सतीसन सोमवार को करेंगे उद्गाटन
मुख्यमंत्री वीडी सतीसन सोमवार (15 जून) सुबह 8.30 बजे थम्पानूर बस टर्मिनल पर इस योजना का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और लॉन्च इवेंट के हिस्से के तौर पर स्टेशन से सचिवालय दरबार हॉल तक KSRTC बस से यात्रा करेंगे. उद्घाटन वाली बस में ड्राइवर और कंडक्टर दोनों महिलाएं होंगी.ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तरीय लॉन्च के बाद सुबह 9 बजे से केरल भर के KSRTC डिपो में जन प्रतिनिधियों की अगुवाई में स्थानीय उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इस स्कीम को लागू करने से होने वाला सारा आर्थिक बोझ राज्य सरकार उठाएगी.
मुख्यमंत्री सतीसन ने हाल ही में कहा था कि मौजूदा रूप में इस छूट से KSRTC पर हर महीने 60 करोड़ रुपये से ज़्यादा या सालाना लगभग 800 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और यह खर्च पूरी तरह राज्य सरकार उठाएगी. उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार पहले से ही KSRTC को सैलरी और पेंशन के लिए सालाना लगभग 1,500 करोड़ रुपये दे रही है और इस स्कीम के लिए अतिरिक्त फंड देने से उन भुगतानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
लाखों महिलाओं को मिलेगी मदद
ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर सीपी जॉन ने कहा है कि इस पहल से काम, पढ़ाई, इलाज और दूसरे कामों के लिए रोज़ाना सफ़र करने वाली लाखों महिलाओं को सीधे आर्थिक मदद मिलेगी, जिससे वे अपने महीने के सफ़र के खर्च का एक बड़ा हिस्सा बचा पाएंगी. उनके मुताबिक, सफ़र का खर्च खत्म होने से महिलाओं को नौकरी, पढ़ाई, स्किल डेवलपमेंट और बिज़नेस से जुड़ी गतिविधियों में ज़्यादा हिस्सा लेने के लिए बढ़ावा मिलेगा, साथ ही उनकी आवाजाही और सार्वजनिक जगहों तक पहुंच भी बेहतर होगी.
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News Source: PTI
