Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध पांचवें वर्ष में पहुंच चुका है. फिलहाल युद्धविराम या शांति समझौते के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं. दोनों पक्ष लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं. एक ओर रूस ने कीव पर हमले तेज किए हैं, वहीं यूक्रेन ने रूसी तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाने का दावा किया है. माना जा रहा है कि इन हमलों का उद्देश्य रूस के ऊर्जा ढांचे और आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ाना है. इसी क्रम में यूक्रेन ने दावा किया कि उसकी सेना ने रूस की दो प्रमुख तेल रिफाइनरियों पर हमला किया है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है.
तेल रिफाइनरियों को बनाया जा रहा निशाना
यूक्रेन पिछले कई महीनों से स्वदेशी लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों के जरिए रूस की तेल सुविधाओं को निशाना बनाने का दावा कर रहा है. माना जा रहा है कि इन हमलों का उद्देश्य रूस के ऊर्जा ढांचे और ईंधन आपूर्ति पर दबाव बढ़ाना है. यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) और जनरल स्टाफ ने अलग-अलग बयानों में दावा किया कि रातभर हुए हमलों में रूस के पर्म क्षेत्र स्थित लुकोइल रिफाइनरी और रियाजान की एक रिफाइनरी में आग लग गई. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

सरकारी राजस्व में होता है अहम योगदान
यूक्रेन के अनुसार, इन रिफाइनरियों की सालाना उत्पादन क्षमता लगभग 30 मिलियन टन तेल है. ये दोनों रिफाइनरी रूस की सैन्य क्षमता और सरकारी राजस्व अहम योगदान देती हैं. हालांकि, कीव की तरफ से किए गए दावों की अभी पुष्टि नहीं हुई है. रियाजान के गवर्नर पावेल माल्कोव ने बस इतना कहा है कि ड्रोन हमले के बाद छह लोगों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने भारी नुकसान की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है. उन्होंने बताया कि ड्रोन के मलबे से अज्ञात औद्योगिक स्थलों पर आग लग गई. रूस की ऑनलाइन रिटेलर कंपनी ‘वाइल्डबेरीज’ अमेजन जैसी बड़ी कंपनी है और इसको यूक्रेन ने हाल के दिनों में निशाना बनाया है. यह सच है कि रूस के पास अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम हैं. लेकिन उसके लिए अपने विशाल इलाके को पूरी तरह से कवर करना मुश्किल है. वहीं, कीव ने ये हमले उस वक्त किए हैं जब राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की मंगलवार को वाशिंगटन के दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की. इस दौरान जेलेंस्की ने दुश्मन के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए अमेरिका से मदद मांगी है. जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि रूस को यह महसूस होना चाहिए कि इस युद्ध का हर दिन उसके लिए और ज्यादा घातक साबित होगा.
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यूक्रेनी हमलों से वाशिंगटना हुआ खुश!
दूसरी तरफ रूस के खिलाफ यूक्रेन ने जिस तरह घातक हमले किए हैं उससे वाशिंगटन काफी प्रभावित हुआ है. साथ ही अमेरिका की भी साख फिर से बनाने में मदद मिली है, जो ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में कीव का समर्थन जारी रखने को लेकर उनकी हिचकिचाहट के कारण कमजोर पड़ गई थी. एक समय था जब यह डर पैदा हो गया था कि यूक्रेन और यूरोप को अकेले ही रूसी आक्रामकता का सामना करना पड़ सकता है. रूस की रिफाइनरियों पर जारी हमलों के बीच जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ उनकी अच्छी बैठक हुई और ट्रम्प ने इस बैठक को बहुत सम्मान की बात बताया. हालांकि, यह बातचीत बंद दरवाजे के पीछे हुई है. ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि कई चीजों पर चर्चा हुई. बैठक बहुत अच्छी रही! जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने वाशिंगटन में अमेरिकी सीनेट की दोनों पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की और इसमें 60 से ज्यादा सीनेटर शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने लॉकहीड मार्टिन के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और कुछ दिन पहले ही उन्होंने कीव में रेथियॉन के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया था. इसके अलावा यूक्रेन रूस पर और प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहा है.

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यूक्रेन खुद बनाना चाहता है एयर डिफेंस सिस्टम
वहीं, अमेरिका की हथियार बनाने वाली कंपनियां पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम अब यूक्रेन खुद बनाना चाहता है. ट्रम्प ने भी इस महीने की शुरुआत में कहा था कि वह यूक्रेन को रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए जरूरी पैट्रियट मिसाइलें बनाने का लाइसेंस देंगे. जेलेंस्की का कहना है कि लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन के साथ मिलकर यूक्रेन उत्पादन करने और टेक्नोलॉजी के आदान-प्रदान पर बातचीत कर रहा है. यूक्रेन अपनी अत्याधुनिक और युद्ध में परखी हुई ड्रोन टेक्नोलॉजी को साझा करने के लिए तैयार है. इसकी तेजी से हो रही तकनीकी तरक्की का फायदा मिला है. साथ ही इससे रूस की बड़ी सेना को मोर्चे पर रोके रखने और पीछे के इलाकों पर हमला करके उनकी सप्लाई रोकने में मदद मिली है. इसके अलावा इस बात ने दुनिया भर के देशों को भी खूब प्रभावित किया है. NATO में अमेरिकी राजदूत मैथ्यू व्हिटेकर ने यूक्रेन पहुंचने के बाद कहा था कि जासूसी और लॉजिस्टिक्स से लेकर सटीक हमलों तक, कीव ने दुनिया को दिखाया है कि कैसे बिना पायलट वाले सिस्टम छोटी सेनाओं को निर्णायक बढ़त दिला सकते हैं.
कोई आम सहमति नहीं बन सकी
दूसरी तरफ ट्रंप प्रशासन की साल भर की कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद लड़ाई रोकने के लिए दोनों देशों के बीच कोई आम सहमति नहीं बन सकी है. साथ ही अभी तक दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म होने की कोई संभावना नहीं दिख रही है. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि राष्ट्रपति के मुख्य दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भविष्य में कभी कीव का दौरा करेंगे. यह जानकारी बातचीत से जुड़े एक ऐसे व्यक्ति ने दी, जिसने बंद दरवाजे के पीछे हुई बैठक के बारे में बात करने के लिए अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त रखी थी. यूक्रेन की सेना के नए कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल मिखाइलो ड्रापाटी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने जनरल एलेक्सस जी. ग्रिनकेविच के साथ अपनी पहली फोन पर बातचीत की है. जनरल ग्रिनकेविच ‘सुप्रीम एलाइड कमांडर यूरोप’ और ‘US यूरोपियन कमांड’ के कमांडर हैं.

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सटीक हमलों को बढ़ाना होगा
ड्रापाटी ने कहा कि मैंने यूक्रेन की जीत और इसे हासिल करने के लिए जरूरी क्षमताओं के बारे में अपना नजरिया बताया. उन्होंने आगे कहा कि युद्ध के इस स्टेज पर हमें कई डोमेन में ऑपरेशन को मजबूत करना होगा. साथ ही दुश्मन को हमारी डिफेंसिव लाइन में घुसने से रोकना होगा. दुश्मन के खिलाफ लंबी और मीडियम रेंज के सटीक हमलों को बढ़ाना होगा. यूक्रेन का कहना है कि उसने 3 हफ्तों में 200 से ज्यादा रूसी जहाज़ों पर हमला किया है. इसी बीच एक सीनियर मिलिट्री अधिकारी ने बताया कि पिछले तीन हफ्तों में यूक्रेनी यूनिट्स ने ब्लैक सी और अजोव सी में रूस के 201 जहाजों पर हमले किए हैं. जनरल स्टाफ के अनुसार, यूक्रेनी फ़ोर्स ने ब्लैक सी में रूस द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक नेवल बेस पर भी हमला किया. यूक्रेन के पूर्वी डोनेट्स्क इलाके के कब्ज़े वाले हिस्से में एक ड्रोन लॉन्च साइट और एक रोड ब्रिज पर भी हमले की जानकारी दी गई है. रूस के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने रात भर में कई रूसी इलाकों और कब्ज़े वाले क्रीमिया के ऊपर 295 यूक्रेनी ड्रोन्स को मार गिराया. रीजनल मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख ओलेह सिन्येहुबोव ने बताया कि पिछले 24 घंटों में रूसी ग्लाइड बमों ने उत्तर-पूर्वी शहर खारकीव और उसी नाम के इलाके में 17 अन्य जगहों पर हमले किए, जिसमें 11 लोग घायल हो गए.

ब्रिटेन के दौरे पर भी पहुंचे थे जेलेंस्की
बता दें कि जेलेंस्की ने अमेरिका की यात्रा से पहले ब्रिटेन के दौरे पर भी पहुंचते थे. इस दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा था कि रूस को हमारे संकल्प के बारे में कोई शक नहीं होना चाहिए. जब तक हम यूक्रेन के लिए लंबे समय तक चलने वाली और न्यायपूर्ण शांति हासिल नहीं कर लेते, तब तक हम किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे. वहीं, जेलेंस्की की यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी संभावित मुलाकात से एक दिन पहले हो रही है. इसके अलावा इस यात्रा के दौरान जेलेंस्की और बर्नहम 200 से ज्यादा यूक्रेनी सैनिकों से मिलेंगे, जो बीते तीन हफ्तों से ब्रिटेन में मौजूद थे. ब्रिटिश सरकार की माने तो दोनों देश लड़ने की क्षमता को मजबूत करने और काला सागर में बारूदी सुरंगों का मुकाबला करने के लिए एक एक्सरसाइज भी करेंगे. बर्नहम के ऑफिस ने बताया कि UK, यूक्रेन को अपने नए स्टोन क्लोक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी देगा. यह सिस्टम रूसी एयर डिफेंस को जाम करने में सक्षम है, जिससे ड्रोन हमले के बारे में पता तक नहीं चल पाता है. यूक्रेन ने रूस के अंदर तक लगातार ड्रोन हमले करने का अपना अभियान तेज कर दिया है. इन हमलों में सैन्य फैक्टरियों और लॉजिस्टिकल सेंटरों को निशाना बनाया गया है. अब इस युद्ध का असर लाखों रूसियों पर पड़ रहा है और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर लगातार दबाव बढ़ रहा है. साथ ही इन हमलों ने पुतिन के उस नैरेटिव को भी तोड़ दिया है जिसमें कहा जाता था कि यह संघर्ष उनके देश के आम लोगों की जिंदगी पर असर नहीं डालता है.
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