Parking Fire: केरला के त्रिशूर रेलवे स्टेशन के पार्किंग क्षेत्र में रविवार को आग लगने से करीब 500 दोपहिया वाहन जलकर राख हो गए.
Parking Fire: केरला के त्रिशूर रेलवे स्टेशन के पार्किंग क्षेत्र में रविवार को आग लगने से करीब 500 दोपहिया वाहन जलकर राख हो गए. अग्निशमन एवं बचाव सेवा के अधिकारियों ने बताया कि आग सुबह करीब 6:20 बजे पार्किंग क्षेत्र में लगी. आशंका है कि पार्किंग क्षेत्र के ऊपर से गुजर रही बिजली की तार से निकली चिंगारी एक दोपहिया वाहन पर गिरी, जिसके कारण भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. आग से पार्किंग क्षेत्र में खड़े करीब 500 दोपहिया वाहन जलकर राख हो गए. अधिकारियों ने बताया कि पांच दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया. आग को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों तक फैलने से रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए गए. अधिकारी ने बताया कि हालांकि आग लगने वाली जगह के पास रेलवे ट्रैक पर एक इंजन खड़ा था, लेकिन उसे किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचा.
पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने शुरू की जांच
अधिकारी ने बताया कि दोपहिया वाहनों के अलावा टिन की चादरों से ढका पूरा शेड आग में क्षतिग्रस्त हो गया. अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने आग लगने के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है. त्रिशूर पश्चिम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एफआईआर के अनुसार, रेलवे स्टेशन के पश्चिमी हिस्से में पार्किंग सुविधा संचालित करने का ठेका रखने वाली अश्वथी एंटरप्राइजेज की पार्किंग शुल्क प्रिंटिंग मशीन सहित लगभग 500 दोपहिया वाहन आग में जलकर खाक हो गए. एफआईआर में यह भी बताया गया है कि अश्वथी एंटरप्राइजेज के कर्मचारियों के दो मोबाइल फोन और 10,000 रुपये नकद भी आग में राख हो गए. राज्य पुलिस प्रमुख रावड़ा ए चंद्रशेखर ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि हमने पार्किंग क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के बयानों के आधार पर प्रारंभिक आकलन किया है.
पूरे राज्य में होगी पार्किंग स्थलों की ऑडिट
बताया कि एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष दल का गठन किया गया है, जिसमें एक सहायक आयुक्त और सर्किल निरीक्षक शामिल हैं. उन्होंने बताया कि इस घटना के मद्देनजर केरल भर में पार्किंग स्थलों पर अग्नि सुरक्षा जांच कराने का निर्णय लिया गया है. रेलवे पुलिस अधीक्षक को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे मामले की जांच करेंगे और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे. इसके अलावा स्थानीय पुलिस, रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को शामिल करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे. चंद्रशेखर ने कहा कि प्रारंभिक बयानों से संकेत मिलता है कि बिजली की लाइन से निकली चिंगारी से आग लगी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए आगे की जांच आवश्यक है. राजस्व मंत्री के राजन ने भी घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक जांच की जाएगी.
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