Home Top News खराब मौसम में भी नहीं थमेगी ट्रेनों की रफ्तारः पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने अपनाया ये खास तकनीक

खराब मौसम में भी नहीं थमेगी ट्रेनों की रफ्तारः पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने अपनाया ये खास तकनीक

by Sanjay Kumar Srivastava
0 comment
खराब मौसम में भी नहीं थमेगी ट्रेनों की रफ्तार

Northeast Frontier Railway: पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन में मानसून बाधक न बने, इसके लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने तैयारियां शुरू कर दी है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने मानसून के दौरान सुरक्षा बढ़ाने के लिए अपने नेटवर्क के संवेदनशील क्षेत्रों में स्वचालित मौसम स्टेशन स्थापित करना शुरू कर दिया है.

Northeast Frontier Railway: पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन में मानसून बाधक न बने, इसके लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने तैयारियां शुरू कर दी है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने मानसून के दौरान सुरक्षा बढ़ाने के लिए अपने नेटवर्क के संवेदनशील क्षेत्रों में स्वचालित मौसम स्टेशन स्थापित करना शुरू कर दिया है. इस पहल का उद्देश्य सटीक और वास्तविक समय पर मौसम की भविष्यवाणी सुनिश्चित करना है, जिससे बाढ़, भूस्खलन और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के दौरान समय पर निवारक उपायों को सक्षम किया जा सके और ट्रेनों के परिचालन पर असर न पड़े. इन स्टेशनों का उद्देश्य बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं से निपटने के लिए सटीक वास्तविक समय का मौसम डेटा प्रदान करना है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे अब तक तीन स्टेशन लगा चुका है, जबकि छह अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगाए जाने की प्रक्रिया में है. इन स्थानों में असम में लुमडिंग-बदरपुर खंड, मिजोरम को जोड़ने वाला कटखाल-सैरांग खंड और मणिपुर में जिरीबाम-खोंगसांग मार्ग शामिल है.

आपदा आने से पहले ही मिलेगा अलर्ट

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि इन क्षेत्रों में मानसून के दौरान भारी वर्षा, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा होता है, जिससे सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए निरंतर मौसम की निगरानी आवश्यक हो जाती है. छह स्वचालित मौसम स्टेशन के मई के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है. इन मौसम स्टेशनों की स्थापना भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के साथ निकट समन्वय में की जा रही है. स्वचालित मौसम स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि यह सटीक और स्थान विशिष्ट मौसम डेटा प्रदान करेगा, जिससे रेलवे अधिकारियों को आपात स्थिति और प्रतिकूल मौसम के दौरान समय पर और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी. इस पहल से विशेष रूप से बाढ़ और भूस्खलन की तैयारियों और प्रतिक्रिया तंत्र में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है.

आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी परिचालन सुरक्षा

ये स्टेशन उन्नत सेंसर से लैस हैं जो उच्च सटीकता के साथ कई मौसम मापदंडों की निगरानी करने में सक्षम हैं. रेन गेज सेंसर 900 मिमी प्रति घंटे तक वर्षा की तीव्रता को रिकॉर्ड कर सकते हैं, जबकि अन्य सेंसर माइनस 40 डिग्री सेल्सियस से प्लस 75 डिग्री सेल्सियस तक तापमान माप सकते हैं. पवन निगरानी सेंसर 80 मीटर प्रति सेकंड तक हवा की गति रिकॉर्ड कर सकते हैं. इसके अलावा स्टेशन 0 से 100 प्रतिशत तक की सीमा को कवर करने वाले आर्द्रता सेंसर और 1200 एचपीए तक वायुमंडलीय दबाव को मापने में सक्षम उपकरणों से लैस है. बयान में कहा गया है कि इन उन्नत मौसम निगरानी प्रणालियों की तैनाती परिचालन सुरक्षा बढ़ाने, आधुनिक तकनीक को अपनाने और मानसून के दौरान चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में निर्बाध रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के प्रति पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

ये भी पढ़ेंः ‘पाक संग बातचीत’, RSS महासचिव के बयान पर क्या बोले पूर्व आर्मी चीफ और फारूक अब्दुल्ला

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?