Police Commemoration Day: बुधवार को ‘पुलिस स्मृति दिवस’ (Police Commemoration Day) के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान उनकी बहादुरी, असाधारण प्रतिबद्धता और सर्वोच्च बलिदान की सराहना की. एक्स पर एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने और अक्सर कठिन परिस्थितियों में भी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस बलों की अमूल्य भूमिका पर प्रकाश डाला.
पुलिसकर्मियों का योगदान अमूल्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “‘पुलिस स्मृति दिवस’ हमारे उन पुलिसकर्मियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त करने का अवसर है, जो बेहद कठिन परिस्थितियों में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनी सेवाएं देते हैं. कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर अपराध से लड़ने, आपातकालीन स्थितियों में कार्रवाई करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तक, उनका योगदान अमूल्य है.” उन्होंने आगे कहा, “हम उन बहादुर पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. उनका साहस, अटूट समर्पण और सर्वोच्च बलिदान हमारे देश की स्मृति में हमेशा अंकित रहेगा.”
गृह मंत्री ने रैली को दिखाई हरी झंडी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस’ के अवसर पर, राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से एक मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस रैली में नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 90 पुलिस राइडर्स के साथ-साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के जवान भी शामिल हैं. उन्होंने कहा, आज हम यहां उन बहादुर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए हैं, जिन्होंने आजादी के समय से लेकर आज तक देश की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है. आजादी के बाद के लगभग 8 दशकों में, हमारा देश वैश्विक मंच पर एक सम्मानजनक स्थान पर पहुंच गया है.
1959 से मनाया जा रहा ‘पुलिस स्मृति दिवस’
नेशनल पुलिस मेमोरियल में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक डॉ. महेश दीक्षित ने देश भर के उन पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में देश की सेवा करते हुए 154 पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गंवाई है और आजादी के बाद से अब तक कुल 36,852 पुलिसकर्मियों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है. इस दिन की गंभीरता और इसके ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए, डॉ. दीक्षित ने 1959 में CRPF जवानों द्वारा दिए गए उस वीरतापूर्ण बलिदान को याद किया, जिसके बाद से पूरे भारत में हर साल यह स्मृति दिवस मनाया जाने लगा.
डॉ. दीक्षित ने कहा, “आज, ‘पुलिस स्मृति दिवस’ पर, हम नेशनल पुलिस मेमोरियल में उन बहादुर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए हैं, जिन्होंने पिछले एक साल में कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी. हम उन सभी साथियों को भी नमन करने के लिए यहां जुटे हैं, जिन्होंने भारत की आजादी के बाद से कर्तव्य पथ पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है. 21 अक्टूबर 1959 को, इंटेलिजेंस ब्यूरो के DCIO करम सिंह के नेतृत्व में CRPF के दस बहादुर जवानों ने भारत-चीन सीमा पर चीनी सेना के एक सशस्त्र दल का सामना करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे. तब से हम हर साल इस तारीख को ‘पुलिस स्मृति दिवस’ के रूप में मनाते हैं.”
#WATCH | Delhi: Dr. Mahesh Dixit is the Director of the Intelligence Bureau (IB), says, "Today, on Police Commemoration Day, we have gathered at the National Police Memorial to pay tribute to those brave police personnel who laid down their lives in the line of duty over the past year. We have also assembled to honor all our fallen comrades who made the ultimate sacrifice in the line of duty since India attained independence. On this day, October 21, 1959, ten valiant CRPF personnel, led by Karam Singh, DCIO of the Intelligence Bureau, sacrificed their lives while confronting an armed Chinese military contingent along the India-China border. Since then, we have observed this date every year as Police Commemoration Day." He adds, "On this day, tributes are paid to our fallen comrades through various programs held in state capitals, districts, and at police stations. At the national level, a joint commemorative parade has been organized here today, featuring personnel from the BSF, CISF, CRPF, ITBP, SSB, NSG, Assam Rifles, RPF, NDRF, and the Delhi Police. In accordance with the recommendations made by the Prime Minister during the 2019 Conference of Directors General and Inspectors General of Police, various commemorative events will be organized at this National Police Memorial by different Central Armed Police Forces from October 22 to October 30. The families of our fallen comrades will also participate in these events. Over the past year, 154 police personnel have laid down their lives in the line of duty… Since independence, a total of 36,852 police personnel have made the ultimate sacrifice while serving to uphold the nation’s unity and integrity and ensure the safety of its citizens."
— ANI (@ANI) October 21, 2026
एक सप्ताह तक चलेंगे कार्यक्रम
देश भर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और इसके बाद एक सप्ताह तक चलने वाले स्मृति आयोजनों के बारे में जानकारी देते हुए, IB निदेशक ने बताया कि इनमें केंद्रीय सशस्त्र बलों और शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है. “आज के दिन, राज्य की राजधानियों, जिलों और पुलिस थानों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से हमारे शहीद साथियों को श्रद्धांजलि दी जाती है. राष्ट्रीय स्तर पर, आज यहां एक संयुक्त स्मारक परेड का आयोजन किया गया है, जिसमें BSF, CISF, CRPF, ITBP, SSB, NSG, असम राइफल्स, RPF, NDRF और दिल्ली पुलिस के जवान शामिल हैं.
परिवारजन भी शामिल होंगे
2019 में पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए सुझावों के अनुसार, 22 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक इस राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा कई स्मारक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों में हमारे शहीद साथियों के परिवारजन भी शामिल होंगे. पिछले एक साल में, 154 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए हैं… उन्होंने आगे कहा कि, ‘आजादी के बाद से, देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम करते हुए कुल 36,852 पुलिसकर्मियों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है.”
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News Source: ANI
