Republic Day 2026 : गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर देश की सेना का शौर्य देखने को मिला. साथ ही अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने ऑपरेशन सिंदूर की थीम को जगजाहिर किया.
Republic Day 2026 : 77वें गणतंत्र के मौके पर भारत समेत पूरी दुनिया की निगाह कर्तव्य पथ पर टिकी रही. इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन से लेकर शौर्य प्रदर्शन, झांकियां और सेना का जज्बा देखने को मिला. वहीं इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. कर्तव्य पथ पर सैन्य ताकत का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जिसमें मिसाइलें, नई यूनिट्स, एलिट मार्चिंग टुकड़ियां और कई स्वदेशी हथियार सिस्टम शामिल रहें. इन सभी हथियारों का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया गया था और ये सभी आकर्षण का केंद्र भी बने. बता दें कि भारत में इस गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.
इसके अलावा गणतंत्र दिवस 2026 के समारोह ‘वंदे भारत के 150 वर्ष थीम’ पर आधारित रहा. वहीं, समारोह में शामिल होने के लिए पारंपरिक बग्गी पर सवार होकर राष्ट्रपति मुर्मु कार्यक्रम स्थल पर पहुंची. प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कई केंद्रीय मंत्री, देश के शीर्ष अधिकारी, विदेशी राजनयिक और वरिष्ठ अधिकारी कर्तव्य पथ पर इस कार्यक्रम के गवाह बने.
ऐसा रहा शौर्य का प्रदर्शन
- गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित परेड में 6 हजार सैनिक और 18 मार्चिंग कंटिनजेंट्स ने हिस्सा लिया. इनके साथ करीब 18 बैंड भी थे.
- भैरव लाइट कमांडो बटालियन पहली बार कर्तव्य पर आयोजित परेड में शामिल हुई.
- ड्रोन और आधुनिक प्रणालियों से लैस नई आर्टिलरी रेजिमेंट शक्तिबान रेजिमेंट ने भी हिस्सा लिया.
- सेना के साथ 61 कैवेलरी वाले घुड़सवारों का भी प्रदर्शन देखने को मिला.
हथियारों ने बढ़ाई कर्तव्य पथ की शोभा
कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के कई अत्याधुनिक और स्वदेशी हथियारों ने देश का शौर्य दिखाया और इनके प्रदर्शन ने देशवासियों का ध्यान आकर्षित किया. इन हथियारों में ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम, धनुष तोप, ‘सूर्यस्त्र’ रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, MRSAM, ATAGS, सेना की भारी बख्तरबंद गाड़ियां और युद्ध टैंक अर्जुन ने कर्तव्य पथ की शोभा बढ़ाने का काम किया.
वायु सेना ने भी उड़ाया गर्दा
थल सेना के अलावा वायु सेना ने भी आसमान पर अपना पराक्रम दिखाया और दुश्मनों देशों को चेताने की कोशिश की कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा पूरी मजबूती के साथ करता है. इस दौरान सेना के लड़ाकू विमानों ने प्रदर्शन दिखाया. इस परेड में राफेल, मिग-29, सुखोई (Su-30) और जैगुआर ने हवा में अपनी उड़ान भरी. साथ ही ऑपरेशन सिंदूर की थीम को भी भारतीय सेना दर्शाने की कोशिश की.
सिमरन बाला ने किया नेतृत्व
असिस्टेंट कमाडेंट सिमरन बाला ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक टुकड़ी का नेतृत्व किया और ये पल असल में संविधान की आत्मा को प्रदर्शित कर रहा था. उन्होंने ये कार्य करके इतिहास रच दिया. बाला ने एक पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व किया और प्रगतिशील भारत का स्वाभिमान बढ़ाया.
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