World Yogasana Championship: भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक खेल मंच पर नई पहचान दिलाने वाली पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप का समापन मेजबान भारत के ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ हुआ. अहमदाबाद के ईकेए एरिना में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने ऐसा दबदबा बनाया कि पदक तालिका में बाकी सभी देश काफी पीछे छूट गए. भारत ने कुल 114 पदक जीतकर प्रतियोगिता का समापन किया, जिनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल रहे. यह प्रदर्शन न केवल भारत की योगासन में श्रेष्ठता का प्रमाण है, बल्कि योग को एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है.
79 देशों के 522 खिलाड़ियों ने भाग लिया
पांच दिनों तक चली इस विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में दुनिया के 79 देशों के 522 खिलाड़ियों ने भाग लिया प्रतियोगिता की सबसे खास बात यह रही कि 31 देशों के खिलाड़ियों ने कम से कम एक पदक जीता, जबकि 10 देशों ने स्वर्ण पदक हासिल किए. इससे यह स्पष्ट हुआ कि योगासन अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. भारत के बाद पदक तालिका में जापान दूसरे स्थान पर रहा. जापानी खिलाड़ियों ने तीन स्वर्ण, तीन रजत और पांच कांस्य पदक जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई. वहीं अर्जेंटीना तीसरे स्थान पर रहा, जिसका श्रेय लगभग पूरी तरह उसकी स्टार खिलाड़ी नाबिला बर्राजा को जाता है. नाबिला ने अकेले ही दो स्वर्ण और तीन रजत पदक जीतकर अपनी टीम को शीर्ष तीन देशों में पहुंचा दिया.
अर्जेंटीना की नाबिला ने जीते दो स्वर्ण और तीन रजत पदक
हालांकि पदक तालिका में नेपाल पांचवें स्थान पर रहा, लेकिन कुल पदकों की संख्या के लिहाज से वह भारत के बाद दूसरा सबसे सफल देश साबित हुआ. नेपाल ने एक स्वर्ण, 36 रजत और 15 कांस्य सहित कुल 52 पदक जीते. वहीं उज्बेकिस्तान ने एक स्वर्ण, 13 रजत और 11 कांस्य सहित कुल 25 पदक अपने नाम किए और प्रतियोगिता के सबसे सफल देशों में अपनी जगह बनाई. अर्जेंटीना की एकमात्र प्रतिनिधि नाबिला बर्राजा इस विश्व चैंपियनशिप की सबसे सफल एथलीट बनकर उभरीं. उन्होंने दो स्वर्ण और तीन रजत पदक जीतकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. भारत में कई वर्षों तक रहकर योगासन का प्रशिक्षण लेने वाली नाबिला का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि योग अब अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुका है.
भारतीय खिलाड़ियों ने हर कैटेगरी में दिखाया दम
मेजबान भारत ने प्रतियोगिता में 122 सदस्यीय दल उतारा था. खिलाड़ियों ने सब-जूनियर, जूनियर, सीनियर, सीनियर-ए, सीनियर-बी और सीनियर-सी समेत विभिन्न आयु वर्गों में हिस्सा लिया. भारतीय खिलाड़ियों ने लगभग हर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपना वर्चस्व साबित किया.आर्टिस्टिक पेयर, रिदमिक पेयर, हैंड बैलेंस, लेग बैलेंस, बैक बेंड, ट्विस्टिंग बॉडी और सुपाइन जैसी विभिन्न स्पर्धाओं में भारतीय प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन किया. सब-जूनियर वर्ग से लेकर सीनियर वर्ग तक भारत के खिलाड़ियों ने लगातार शीर्ष स्थान हासिल किए. विश्व योगासन चैंपियनशिप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं रही, बल्कि यह योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने का मंच भी बनी.

भारत से प्रभावित हुए दुनियाभर के खिलाड़ी
पहली बार आयोजित इस प्रतियोगिता ने यह संदेश दिया कि योगासन को भविष्य में ओलंपिक और अन्य बहुराष्ट्रीय खेल आयोजनों में शामिल करने की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं. यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब अहमदाबाद वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है. ऐसे में विश्व योगासन चैंपियनशिप ने शहर को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए एक सक्षम मेजबान के रूप में भी स्थापित किया. प्रतियोगिता में शामिल विदेशी खिलाड़ियों ने भारत की मेहमाननवाजी और आयोजन की भव्यता की जमकर प्रशंसा की. आर्मेनिया की खिलाड़ी सोना सोघायन ने कहा कि भारत की उनकी पहली यात्रा अविस्मरणीय रही. उन्होंने बताया कि योग ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया और अब वह अपने देश लौटकर अधिक से अधिक लोगों तक योग का संदेश पहुंचाने का प्रयास करेंगी.
योग को मिली वैश्विक पहचान
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), गुजरात पर्यटन, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात और गुजरात योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता ने योगासन को वैश्विक खेल विधा के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया है. पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप ने यह साबित कर दिया कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा अब आधुनिक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में दुनिया भर में अपनी पहचान बना रही है. अहमदाबाद में आयोजित यह ऐतिहासिक आयोजन आने वाले वर्षों में योगासन को अंतरराष्ट्रीय खेलों के सबसे बड़े मंचों तक पहुंचाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है.
परिणाम
आर्टिस्टिक पेयर
सब-जूनियर महिला
• स्वर्ण — ईशिका गुच्छैत एवं ईशानवी (भारत) — 90.89
• रजत — निया विजयवर्गीय एवं आरोही लोखंडे (जाम्बिया) — 82.38
• कांस्य — रेंका आओकी एवं इचिका शिमिजु (जापान) — 60.34
जूनियर महिला
• स्वर्ण — दीपा लोढ़ी एवं सीमा नियोपाने (भारत) — 90.42
• रजत — स्वेक्ष्या थापा एवं प्रज्ञा गौतम (नेपाल) — 56.39
• कांस्य — तसिला ब्लेसिंग्स फिरी एवं डेबोरा (जाम्बिया) — 41.30
जूनियर पुरुष
• स्वर्ण — आयुष भौमिक एवं ओम देहंकर (भारत) — 91.03
• रजत — मुखेशकर राजन एवं प्रतीश संजीवकुमार (श्रीलंका) — 33.08
• कांस्य — कन्ना सिंह खड़का एवं संदेश धिताल (नेपाल) — 20.27
रिदमिक पेयर
सीनियर महिला
• स्वर्ण — इंदु माठुरिया एवं देवी (भारत) — 71.77
• रजत — जुमानोवा आलिया अबुबाकिर एवं अंसतबायेवा आयसुलु अरिसलान (उज्बेकिस्तान) — 68.84
• कांस्य (संयुक्त) —
• चारुनी निकेशला कीरिपिटिया गमेथिगे एवं सौम्या सेवमिनी गुरुगामगे (श्रीलंका)
• मनार मोहम्मद अल मस्करी एवं श्रेया नागासुब्रमणियन (ओमान)
— 23.05
लेग बैलेंस इंडिविजुअल
सब-जूनियर महिला
• स्वर्ण — शालिनी डे (भारत) — 45.00
• रजत — सुमन्ता (नेपाल) — 33.33
• कांस्य — आरोही लोखंडे (जाम्बिया) — 32.84
हैंड बैलेंस इंडिविजुअल
सब-जूनियर पुरुष
• स्वर्ण — अर्थव सिंह नेगी (भारत) — 48.08
• रजत — प्रयास जंग चौहान (नेपाल) — 40.05
• कांस्य — प्रणद रत्नकुमार (श्रीलंका) — 33.39
सीनियर महिला
• स्वर्ण — शिल्पा दास (भारत) — 45.79
• रजत — ऐझान कुआनिशबायेवा (कजाकिस्तान) — 39.69
• कांस्य — छादियन परियार (नेपाल) — 35.05
बैक बेंड इंडिविजुअल
सब-जूनियर पुरुष
• स्वर्ण — गोकर्ण शर्मा (भारत) — 48.25
• रजत — यातीश कृष्णंथन (श्रीलंका) — 35.90
• कांस्य — टिमोथी जेम्स (रोमानिया) — 32.18
सब-जूनियर महिला
• स्वर्ण — रिशा शेट्टी (भारत) — 46.75
• रजत — यश्वी बाबरिया (ओमान) — 43.39
• कांस्य — सोनम वांग्मो तामांग (नेपाल) — 40.38
जूनियर पुरुष
• स्वर्ण — राज काजोल (भारत) — 46.50
• रजत — निबिसुन तामांग (नेपाल) — 36.83
• कांस्य — जय राजेश सोनजा (ओमान) — 31.76
जूनियर महिला
• स्वर्ण — अनिका राणा (भारत) — 45.33
• रजत — प्रिया घर्ती क्षेत्री (नेपाल) — 36.79
• कांस्य — थुवेशा रमेश (श्रीलंका) — 36.23
ट्विस्टिंग बॉडी इंडिविजुअल
जूनियर पुरुष
• स्वर्ण — आदर्श (भारत) — 47.83
• रजत — अलिखोन रखमानो (उज्बेकिस्तान) — 37.76
• कांस्य — परांजय संजीव व्यास (ओमान) — 35.39
सीनियर पुरुष
• स्वर्ण — सुभाजीत कर्मकार (भारत) — 45.42
• रजत — एलन (उज्बेकिस्तान) — 39.73
• कांस्य — अर्कान फौज़ान रियांतो (इंडोनेशिया) — 38.09
सीनियर महिला
• स्वर्ण — मधु वर्मा (भारत) — 44.08
• रजत — अंसतबायेवा आयसुलु अरिसलान (उज्बेकिस्तान) — 37.39
• कांस्य — श्रेया नागासुब्रमणियम (ओमान) — 36.79
सुपाइन इंडिविजुअल
जूनियर पुरुष
• स्वर्ण — द्रोण (भारत) — 37.91
• रजत — बाबिन श्रेष्ठ (नेपाल) — 35.44
• कांस्य — जय राजेश सोनेजी (ओमान) — 33.64
सीनियर महिला
• स्वर्ण — रिया (भारत) — 42.48
• रजत — एशियन कुआनिशबायेवा (कजाकिस्तान) — 41.30
• कांस्य — जुमानोवा अकीया अबुबाकिर किज़ी (उज्बेकिस्तान) — 39.84
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