NTA Action : नीट पेपर विवाद के बीच शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है. इसके साथ ही कई अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी. इसके अलावा व्यवस्था में बड़े सुधार के लिए और भी कदम उठाए जाएंगे. यह NTA में किए जा रहे व्यापक बदलावों का हिस्सा है, जो पेपर लीक के मामलों को लेकर विवादों में रही है.
शिक्षा व्यवस्था में किए जाएंगे बड़े सुधार
सूत्रों के हवाले से पता चला है कि नीट पेपर लीक होने के बाद शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार के लिए एजुकेशन मिनिस्ट्री की तरफ यह फैसला लिया गया है. मंत्रालय का कहना है कि आगामी दिनों में एजेंसी में सुधार से जुड़े और भी कई कदम उठाए जा सकते हैं. मालूम हो कि पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर से लेकर देश के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. साथ ही युवा भारी संख्या में सड़कों पर उतरे हुए हैं और वह लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं.
बदल दिए गए थे शिक्षा मंत्रालय के सचिव
वहीं, एक दिन पहले सरकार ने गुरुवार को 17 सीनियर अधिकारियों के तबादले और प्रमोशन के आदेश जारी किए थे. सबसे बड़ा फेरबदल शिक्षा मंत्रालय में हुआ था. यहां 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के हायर एजुकेशन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया था. वे मौजूदा सचिव विनीत जोशी की जगह लेंगे, जबकि विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय सचिव बना दिया गया है.
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सख्त कानून लेकर आ रही है सरकार
प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो जारी करके बताया था कि सरकार पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त कानून लेकर आ रही है. शुक्रवार को कैबिनेट कमेटी ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी है. अब इसे सोमवार को सदन में पेश किया जाएगा. इस विधेयक के तहत 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है. साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट पेपर लीक पर तीन महीने में सजा सुनाएगा. पीएम मोदी ने यह भी बताया था कि सरकार की कोशिश की होगी कि इस कानून को जल्द से जल्द पारित करवाने के बाद लागू करवा दिया जाएगा. इसके अलावा नीट पेपर लीक के आरोपी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुके हैं और उन्हें कोर्ट से भी किसी प्रकार राहत नहीं मिल रही है.
स्टूडेंट्स की मांग पूरी होनी चाहिए
AICC के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा ने नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे प्रदर्शन पर कहा कि छात्रों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. साथ ही दिल्ली पुलिस द्वारा ज्यादतियों की जांच हो, छात्रों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएं और जिन छात्रों की मौत हुई है, उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाए. हमारा मानना है कि सरकार को ये मांगें मान लेनी चाहिए.
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News Source: PTI
