Home Latest News & Updates 10 महीने की बच्ची बनी फरिश्ता, अपनी जान देकर बचाई 4 जिंदगियां, राजकीय सम्मान के साथ हुई विदाई

10 महीने की बच्ची बनी फरिश्ता, अपनी जान देकर बचाई 4 जिंदगियां, राजकीय सम्मान के साथ हुई विदाई

by Neha Singh
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Aalin Sherin

Aalin Sherin: 10 महीने की छोटी बच्ची आलिन शेरिन की एक सड़क हादसे में मौत हो गई. उसके माता-पिता ने अपनी बच्ची के अंगदान करके उसे हमेशा के लिए अमर कर दिया.

20 February, 2026

आलिन शेरिन उस छोटी बच्ची का नाम है, जिसकी जिंदगी बहुत छोटी थी, लेकिन उसने जाते जाते कई घरों को रोशन कर दिया है. 10 महीने की नन्ही जान आलिन शेरिन अब अंगदान करने वाली देश की सबसे छोटी डोनर बन गई है. केरल के पथनमथिट्टा जिले में आलिन की सड़क हादसे में जान चली गई. अपनी बेटी की मौत से माता-पिता अरुण अब्राहम और शेरिन अब्राहम टूट चुके थे. उन्होंने अपनी बच्ची के अंगदान करने का फैसला किया और उसे अमर कर दिया.

राजकीय सम्मान के साथ हुई विदाई

आलिन शेरिन 5 फरवरी को कोट्टायम के पास पल्लम में अपनी मां और नाना-नानी के साथ जाते समय एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. बहुत ज़्यादा मेडिकल कोशिशों के बावजूद, डॉक्टरों ने 12 फरवरी को उनके ब्रेन डेथ की पुष्टि की. उनके माता-पिता की सहमति से, ऑर्गन डोनेशन प्रोसेस को केरल स्टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइज़ेशन (K-SOTTO) के ज़रिए कोऑर्डिनेट किया गया. आलिन की अंतिम विदाई ने पूरे केरल राज्य को भावुक कर दिया. आलिन को पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदा किया गया.

आलिन के अंगों से 4 जिंदगियां बचाई गई

आलिन अब देश की सबसे कम उम्र की ऑर्गन डोनर बन गई हैं. आलिन ने अपनी जान गंवाकर 4 जिंदगियां बचाई हैं. आलिन की दोनों किडनी तिरुवनंतपुरम में एक 10 साल के लड़के को डोनेट की जा रही हैं. उसका लिवर कोच्चि में छह महीने की बच्ची में ट्रांसप्लांट किया गया. हार्ट वाल्व तिरुवनंतपुरम के श्री चित्रा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी को सौंप दिया गया, जबकि कॉर्निया को कोच्चि के AIIMS के आई बैंक में सुरक्षित रखा गया है.

हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केरल की 10 महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम को श्रद्धांजलि दी. सोरेन ने X पर एक पोस्ट में कहा कि बच्चे को खोना माता-पिता के लिए सबसे असहनीय पल होता है. सोरेन ने गुरुवार को कहा, “दुख के समय में, मिसेज शेरिन एन जॉन और मिस्टर अरुण अब्राहम का अपनी प्यारी बच्ची के अंगदान करने का फैसला कोई आम बात नहीं है, बल्कि यह बहुत बड़ी हिम्मत, त्याग और दया की मिसाल है. यह सिर्फ अंगदान नहीं था यह इंसानियत में उनके अटूट विश्वास का जीता-जागता सबूत था.” उन्होंने कहा, “हालांकि आलिन की ज़िंदगी छोटी थी, लेकिन आज वह कई घरों में उम्मीद बनकर जी रही है और अमर हो गई है.”

News Source: PTI

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