Home राज्यMadhya Pradesh एक तरफ CM राइज-PM श्री का शोर, दूसरी तरफ बड़वानी में गाय-मुर्गियों के बीच चल रहा स्कूल

एक तरफ CM राइज-PM श्री का शोर, दूसरी तरफ बड़वानी में गाय-मुर्गियों के बीच चल रहा स्कूल

by Live Times
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एक तरफ CM राइज-PM श्री का शोर, दूसरी तरफ तबेले में स्कूल, बड़वानी के डुलारा फलिया में सिस्टम की खुली पोल

MP Education: बड़वानी के डुलारा फलिया में बाड़े में स्कूल चलाया जा रहा है. बारिश के दिनों में पूरा पानी अंदर ही टपकता है जिसके चलते बच्चे परेशान होते है.

  • बड़वानी से मुनाफ अली

MP Education: मोहन सरकार मध्य प्रदेश में बेहतर शिक्षा के लिए बड़वानी जिले में CM राइज- PM श्री स्कूल जैसी आधुनिक स्कूल तो चलवा रही है लेकिन एक स्कूल ऐसा भी है जो मवेशियों के तबेले में चल रहा है, जहां लगभग 40 बच्चे गंदगी और बदबू के बीच बैठ कर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. एक तरफ गाय और बकरी बांधी जा रही है और दूसरी तरफ जमीन पर बैठकर बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. शिक्षक ने भी बंद कमरे पर दबी जबान में कहा कि क्षेत्र में कोई अच्छा मकान नहीं है इसलिए मजबूरी में यहां स्कूल चलाना पड़ रहा है. बड़वानी जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर की दूरी पर बसा ग्राम पंचायत चेरवी का डुलारा फलिया प्राइमरी स्कूल किसी पक्के भवन में नहीं बल्कि पशु बाडे में चलाई जा रही है.

गाय और मुर्गियों के साथ शिक्षा की जंग

इस स्कूल में एक तरफ तो बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं तो दूसरी तरफ मुर्गी बकरी और गाय बांधे गए हैं. इन्हीं पशुओं के बीच क्षेत्र के लगभग 40 बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं. बदबू और गंदगी के बीच यह नन्हे बच्चे अपने भविष्य को संवारने की लिए स्कूल में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. इस मामले में जब ग्रामीणों से बात की तो उन्होंने बताया कि यहां पर एक पुराना अधूरा स्कूल बना हुआ है लेकिन ना उसमें छत है ना दरवाजे हैं. वह तो पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है लेकिन कई बार गांव के लोगों ने जनप्रतिनिधि और प्रशासन को स्कूल की मांग को लेकर आवेदन दिया लेकिन अभी तक यहां इन मासूम बच्चों के लिए पक्का भवन नहीं बन पाया. इसी के चलते मजबूरी में पशु बाडे में स्कूल चलाया जा रहा है.

जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिया ध्यान

बारिश के दिनों में पूरा पानी अंदर ही टपकता है जिसके चलते बच्चे परेशान होते है. पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता भी कहते रहे कि हमारे गांव में एक अच्छा स्कूल हो लेकिन गांव के लोगों की किसी ने नहीं सुनी. वहीं शिक्षा विभाग में शिक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं तो है लेकिन एक पक्का भवन नहीं दिया. सरकार आधुनिक और मॉडल स्कूल के जरिए शिक्षा में क्रांति लाने की बात करती है लेकिन जमीनी हकीकत ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ और ही नजर आ रही है. इस क्षेत्र में कहीं पर झोपड़ी में स्कूल तो कहीं पशु बाडे में चल रहा है. ग्रामीणों में चिंता है कि अच्छा भवन और अच्छी पढ़ाई न होने से उनके बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है. कई बार कहने के बावजूद जनप्रतिनिधियों ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया है.

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