Home राज्यBihar पिता के लिए उमड़ा बेटे का प्यार, कहा- राज्य के लोग नीतीश कुमार को फिर से लाएंगे सत्ता में, जन्मदिन पर की प्रार्थना

पिता के लिए उमड़ा बेटे का प्यार, कहा- राज्य के लोग नीतीश कुमार को फिर से लाएंगे सत्ता में, जन्मदिन पर की प्रार्थना

by Sanjay Kumar Srivastava
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Nishant

कहा कि चुनाव करीब है. मुझे उम्मीद है कि बिहार के लोग एनडीए को वोट देंगे और मेरे पिता को एक और मौका देंगे. निशांत अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं.

Patna: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने रविवार को उम्मीद जताई कि राज्य के लोग उनके पिता को फिर से सत्ता में लाएंगे. कहा कि मेरे पिता ने हाल के दिनों में जनकल्याण के लिए कई लोकलुभावन कदम उठाए हैं. निशांत ने पटना के ‘महावीर स्थान’ में पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की. यह राज्य में भगवान हनुमान का सबसे बड़ा मंदिर है, जहां वह अपने जन्मदिन पर आए थे. कहा कि मेरी मां जब जीवित थीं तो इस तिथि पर रुद्राभिषेक करती थीं और गरीबों को भोजन कराती थीं. उनके निधन (2007 में) के बाद हमने इस परंपरा को बनाए रखने की कोशिश की है. निशांत अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में अपने पिता की जीत के लिए प्रार्थना की, उन्होंने मुस्कान के साथ प्रतिक्रिया व्यक्त की.

अभी भी कर रहे हैं अच्छा काम

कहा कि चुनाव करीब है. मुझे उम्मीद है कि बिहार के लोग एनडीए को वोट देंगे और मेरे पिता को एक और मौका देंगे. उन्होंने बिहार के लिए बहुत कुछ किया है. निशांत से पूछा गया कि क्या उन्हें यकीन है कि 75 वर्षीय जेडी(यू) अध्यक्ष, जो सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले सीएम हैं और अब अपने प्रमुख दौर से गुजर चुके हैं, अभी भी अच्छा काम कर रहे हैं. बेफिक्र होकर बेटे ने हाल के दिनों में पिता के मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित कई फैसलों का जिक्र किया. हां, उन्होंने हाल के दिनों में बहुत कुछ किया है. उन्होंने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरियां पैदा करने के लिए एक कार्यक्रम का अनावरण किया है. विभिन्न सरकारी विभागों में बहुत से लोगों की भर्ती की गई है. निशांत ने बताया कि अब बिहार की महिलाओं के लिए 100% कोटा आरक्षित कर दिया गया है. इसके अलावा राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ़्त मिलेगी.

राजनीति में आने पर साधी चुप्पी

हालांकि, हाल के दिनों में अपने पिता के पक्ष में प्रचार करते और जदयू के शीर्ष नेताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते नजर आए निशांत ने इन सुझावों पर चुप्पी साध लिया कि उनका खुद का राजनीतिक प्रवेश आसन्न है. मंदिर में निशांत का स्वागत राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य और दिवंगत आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र सायन कुणाल ने किया. किशोर कुणाल एक आईपीएस थे जो धार्मिक नेता बने और अपनी मृत्यु तक ‘महावीर स्थान’ का प्रबंधन करते रहे. कुणाल समस्तीपुर से युवा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी के पति हैं. बाद में वह अपनी पत्नी के साथ मुख्यमंत्री आवास गए. जेडी(यू) नेता और नीतीश कुमार कैबिनेट में एक प्रभावशाली मंत्री अशोक चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि यह जेडी (यू) को तय करना है कि निशांत को खुद चुनाव लड़ना चाहिए या नहीं. लेकिन एक युवा राजनेता के रूप में मैं हमेशा वर्तमान पीढ़ी के लोगों के सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने के पक्ष में हूं. निशांत जी एक महान इंसान हैं. उनकी सार्वजनिक मामलों की बहुत अच्छी समझ है.

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