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सदन की मर्यादा सर्वोपरि: आठ सांसदों का निलंबन रद्द, अध्यक्ष ने तख्तियों-पोस्टरों के प्रदर्शन पर लगाई रोक

by Sanjay Kumar Srivastava 17 March 2026, 4:03 PM IST (Updated 17 March 2026, 4:04 PM IST)
17 March 2026, 4:03 PM IST (Updated 17 March 2026, 4:04 PM IST)
सदन की मर्यादा सर्वोपरि: आठ सांसदों का निलंबन रद्द, अध्यक्ष बिरला ने तख्तियों, पोस्टरों के प्रदर्शन पर लगाई रोक

Lok Sabha: लोकसभा ने मंगलवार को आठ विपक्षी सदस्यों के निलंबन को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया, जिन्हें 3 फरवरी को अमर्यादित व्यवहार के लिए सदन से बाहर कर दिया गया था.

Lok Sabha: लोकसभा अध्यक्ष ने मंगलवार को आठ विपक्षी सदस्यों के निलंबन को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया, जिन्हें 3 फरवरी को अमर्यादित व्यवहार के लिए सदन से बाहर कर दिया गया था. अध्यक्ष ओम बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि सदन के अंदर या संसद परिसर में तख्तियां, पोस्टर, फोटो या एआई-जनित छवियों का कोई प्रदर्शन नहीं होना चाहिए. कई विपक्षी सदस्यों की दलीलों के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सदन के सुचारु कामकाज के लिए एक ‘लक्ष्मण रेखा’ बनाने की जरूरत है, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्षी दोनों बेंच सहमत है. स्पीकर बिड़ला ने कहा कि यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि सदन में या संसद परिसर के अंदर कोई तख्तियां, पोस्टर, तस्वीरें या एआई-जनित छवियां प्रदर्शित नहीं की जाएं.

कामकाज बहाल करने पर बनी एकजुटता

बिड़ला ने कहा कि हर किसी की राय है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की संसद में कार्यवाही सुचारु होनी चाहिए. सभी को सहयोग करना चाहिए. इसके बाद रिजिजू ने सात कांग्रेस सांसदों और एक सीपीआई-एम सदस्य के निलंबन को हटाने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया. निलंबित सांसदों में गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, सी किरण कुमार रेड्डी, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मनिकम टैगोर, कांग्रेस के प्रशांत पडोले और डीन कुरियाकोस और सीपीआई (एम) के एस वेंटेकसन शामिल थे. आठ सांसदों को 3 फरवरी को लोकसभा द्वारा पहले भाग में पारित एक प्रस्ताव के बाद अमर्यादित व्यवहार के लिए निलंबित कर दिया गया था. समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी पार्टी संसद के उच्चतम मानकों को बनाए रखने में सहयोग करने के लिए तैयार है.

बने अनुशासन की ‘लक्ष्मण रेखा’

यादव ने कहा कि मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जिससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंचे. लेकिन सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों को भी उचित व्यवहार करना चाहिए. राकांपा नेता सुप्रिया सुले ने कहा कि सदन सुचारु रूप से चले इसके लिए सत्ता और विपक्ष दोनों को प्रयास करने चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी को भी किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. कहा कि एक ‘लक्ष्मण रेखा’ होनी चाहिए, जिसका किसी को भी उल्लंघन नहीं करना चाहिए. जदयू नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि सदन सुचारु रूप से चलना चाहिए और दोनों पक्षों को सहयोग करना चाहिए. रिजिजू ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य नियम नहीं तोड़ेंगे और न ही उन्होंने कभी नियम तोड़े हैं. रिजिजू ने कहा कि एक ‘लक्ष्मण रेखा’ खींची जानी चाहिए. लोगों ने हमें सदन की कार्यवाही को बाधित करने या विरोध प्रदर्शन करने के लिए नहीं चुना है. सदन को सभी के सहयोग से सुचारु रूप से चलना चाहिए. सोमवार से विपक्षी सदस्यों ने कोई तख्तियां या बैनर नहीं दिखाए हैं और वे सदन के उचित कामकाज में सहयोग करने के लिए तैयार हैं.

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News Source: PTI

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