Home Latest News & Updates बलदेव नगर पुलिस स्टेशन कार ब्लास्ट में शहजाद भट्टी ने ही रची थी साजिश, NIA की चार्जशीट में हुआ खुलासा

बलदेव नगर पुलिस स्टेशन कार ब्लास्ट में शहजाद भट्टी ने ही रची थी साजिश, NIA की चार्जशीट में हुआ खुलासा

by Prashant Tripathi 11 July 2026, 8:25 PM IST
11 July 2026, 8:25 PM IST
Shahzad Bhatti conspiracy blast Baldev Nagar police station

Ambala News : नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने इस साल जनवरी में अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन के पार्किंग एरिया में हुए IED कार बम ब्लास्ट के सिलसिले में पाकिस्तानी गैंगस्टर से टेररिस्ट बने शहजाद भट्टी समेत 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है. भट्टी दूसरे मामलों में भी वॉन्टेड है. साथ ही 7 गिरफ्तार भारतीय नागरिकों पर UA (P) Act 1967, BNS 2023, एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट 1908, टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 की संबंधित धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है.

ये हैं वह 8 टेररिस्ट

पाक नागरिक और हैंडलर भट्टी के अलावा चार्जशीट में शामिल दूसरे आरोपियों की पहचान करमजीत सिंह उर्फ ​​टोनी, आकाश, सौरेब उर्फ ​​सोबी उर्फ ​​सौरब, रमन कुमार, सत्यम, सुखदेव सिंह उर्फ ​​सुखा, अमरजीत सिंह उर्फ ​​अंबी के तौर पर हुई हैं.

लोगों के मन में फैलानी थी दहशत

पंचकूला में स्पेशल NIA कोर्ट में फाइल की गई चार्जशीट में एंटी-टेरर एजेंसी ने आरोपियों की भूमिका और भट्टी द्वारा अंबाला के P.S बलदेव नगर पर हमला करने की साजिश का भी जिक्र किया है. इसका मकसद पुलिस की जगहों को टारगेट करके लोगों में दहशत फैलाना था. एनआईए के निष्कर्षों के अनुसार, पाकिस्तानी आतंकवादी ने भारत में ऑपरेशनल मॉड्यूल स्थापित किए थे. साथ ही साजिश के तहत पुलिस थानों पर हमले करने के लिए रसद और विस्फोटक पदार्थों की व्यवस्था करने का काम स्थानीय गुर्गों को सौंपा था. आकाश भट्टी का प्रमुख भारत-आधारित ऑपरेटिव था, जो सह-आरोपियों के साथ हमलों के समन्वय के लिए जिम्मेदार था.

पुलिस स्टेशन बनाया गया था निशाना

एनआईए ने जांच के दौरान पाया कि संभावित लक्ष्यों की टोह लेने के बाद बलदेव नगर पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया गया था. कुछ आरोपियों ने गैस सिलेंडर और विस्फोटक पदार्थों से भरी कार को पुलिस स्टेशन परिसर में पार्क किया था और प्रचार-प्रसार के लिए घटनास्थल की वीडियोग्राफी भी की थी.

ऐसे की गई थी आतंकियों की भर्ती

एनआईए की जांच में आगे पता चला कि भट्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से आरोपियों की भर्ती की थी और उन्हें कट्टरपंथी बनाया था. एनआईए अभी भी RC-03/2026/एनआईए/डीएलआई मामले में अपनी जांच जारी रखे हुए है. भट्टी के निर्देशों पर आरोपियों द्वारा भर्ती, वित्तपोषण, परिचालन समन्वय, विस्फोटक पदार्थों की खरीद और आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने की एक श्रृंखला का खुलासा किया है.

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