Home Latest News & Updates अमेजन को झटका: नहीं चलेगा बहाना, खराब TV बेचने पर जुर्माना, ग्राहक को मिलेगा पूरा पैसा और हर्जाना

अमेजन को झटका: नहीं चलेगा बहाना, खराब TV बेचने पर जुर्माना, ग्राहक को मिलेगा पूरा पैसा और हर्जाना

by Sanjay Kumar Srivastava
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Mumbai Consumer Commission

Consumer Forum: मुंबई के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़न को खराब TV भेजने का दोषी ठहराया है.

Consumer Forum: मुंबई के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़न को खराब TV भेजने का दोषी ठहराया है. आयोग ने दोषपूर्ण टीवी के लिए रिफंड और मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया है. आयोग ने स्पष्ट किया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेज़न टीवी कंपनी और ग्राहक के बीच महज मध्यस्थ होने का दावा कर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते. उपभोक्ता अदालत ने 6 जनवरी को दिए अपने फैसले में अमेज़न को सेवा में कमी का दोषी पाया. आयोग ने कहा कि मंच केवल विक्रेता और खरीदार को जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह उत्पाद की गुणवत्ता के लिए भी उत्तरदायी है. आयोग ने कहा कि अमेज़न को अब टीवी की पूरी कीमत वापस करने के साथ-साथ ग्राहक को हुए मानसिक उत्पीड़न के लिए हर्जाना भी देना होगा. जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (मुंबई उपनगर) ने 6 जनवरी को अमेज़न सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (ASSPL) को समस्या के समाधान में सेवा में कमी का दोषी पाया.

अमेजन ने रिफंड देने से कर दिया था इनकार

अध्यक्ष प्रदीप काडू और सदस्य गौरी काप्से की अध्यक्षता वाले आयोग ने अमेजन को ग्राहक को धन वापसी का आदेश देते हुए इस बात पर जोर दिया कि एक ऑनलाइन बाज़ार केवल खुद को मध्यस्थ बताकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकता, खासकर तब जब वह बिक्री में सक्रिय है, व्यावसायिक लाभ प्राप्त करता है और बिक्री के बाद सीधे उपभोक्ताओं से संपर्क करता है. आयोग ने कहा कि ऑनलाइन सामान खरीदने वाले उपभोक्ता की निर्माता या सेवा केंद्र तक सीधी पहुंच नहीं होती है. एकमात्र सुलभ इकाई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है. उपभोक्ता न केवल ब्रांड पर बल्कि प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता और आश्वासन पर भी भरोसा करता है. मुंबई स्थित शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने 2018 में अमेज़न से 16,499 रुपये में 40 इंच का फुल एचडी एलईडी टीवी खरीदा था, लेकिन उसमें खराब ध्वनि, घटिया चित्र गुणवत्ता और खराब रिमोट कंट्रोल पाया गया. अमेजन ने रिफंड देने से इनकार कर दिया और उन्हें निर्माता से संपर्क करने की सलाह दी. इसके बाद उन्होंने रिफंड और मानसिक पीड़ा के मुआवजे की मांग करते हुए उपभोक्ता आयोग का रुख किया.

सही सामान की जिम्मेदारी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की

ई-कॉमर्स कंपनी ने तर्क दिया कि वह केवल एक मध्यस्थ बाज़ार है जो तीसरे पक्ष के विक्रेता और खरीदार के बीच सौदे को सुविधाजनक बनाती है. अमेजन न तो किसी उत्पाद का निर्माण करती है और न ही बेचती है. उपयोग की शर्तों के तहत केवल तकनीकी सहायता प्रदान करती है. लेकिन आयोग ने माना कि एक बार टीवी अमेज़न के माध्यम से बिक जाने के बाद यह मान लिया गया कि उत्पाद दोषरहित और उपयोग योग्य है, यह सुनिश्चित करना अमेजन की जिम्मेदारी थी. आयोग ने कहा कि प्रतिनिधि दायित्व का सिद्धांत स्पष्ट रूप से लागू होता है, क्योंकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विश्वास की स्थिति में होता है और बिक्री से व्यावसायिक लाभ प्राप्त करता है. आयोग ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन को फरवरी 2018 से 6 प्रतिशत प्रति वर्ष ब्याज के साथ 16,499 रुपये वापस करने का निर्देश दिया. इसके अलावा आयोग ने अमेज़न को मानसिक पीड़ा के लिए 10,000 रुपये और कानूनी खर्चों के लिए 5,000 रुपये का मुआवजा देने को कहा.

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