Home Latest News & Updates नोएडा में सिस्टम की लापरवाही ने ली इंजीनियर की जान! पिता बोले सब देखते रहे, 20 फीट गहरे गड्ढे में डूब गया बेटा

नोएडा में सिस्टम की लापरवाही ने ली इंजीनियर की जान! पिता बोले सब देखते रहे, 20 फीट गहरे गड्ढे में डूब गया बेटा

by Neha Singh 19 January 2026, 9:49 AM IST (Updated 19 January 2026, 11:55 AM IST)
19 January 2026, 9:49 AM IST (Updated 19 January 2026, 11:55 AM IST)
Noida Engineer Death

Noida Engineer Death: नोएडा के सेक्टर 150 में पानी से भरे गड्ढे में डूबकर 27 साल के इंजीनियर की मौत हो गई. पिता ने अपने बेटे की मौत का दर्द बयां किया है.

19 January, 2026

Noida Engineer Death: यूपी के नोएडा में सिस्टम की लापरवाही ने एक इंजीनियर की जान ले ली है. दलदल में डूबते हुए युवराज मेहता को आशा थी कि उसे बचा लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. पुलिस ने कहा कि टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी के रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता काम से घर लौट रहे थे, जब सेक्टर 150 में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर उनकी कार गड्ढे में डूब गई. फायर डिपार्टमेंट, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और लोकल पुलिस की टीमों के सर्च ऑपरेशन के बाद उनका शव बरामद किया गया.

अब प्रदर्शन के बाद वहां काम कर रहे लोगों जूनियर इंजीनियर को नौकरी से निकाल दिया गया है. नोएडा अथॉरिटी ने एक जूनियर इंजीनियर की सर्विस खत्म कर दी है और इलाके में ट्रैफिक से जुड़े कामों के लिए जिम्मेदार दूसरे अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

समय पर मिलती मदद तो बच जाती जान

चश्मदीद डिलीवरी एजेंट मोनिंदर ने रविवार को कहा कि वह सेक्टर 150 में सुबह करीब 1.45 बजे मौके पर पहुंचा. उसने आरोप लगाया कि बचाव करने वाले लोग शुरू में ठंड और लोहे की रॉड होने की वजह से पानी में उतरने से हिचकिचा रहे थे. मोनिंदर “मैंने अपनी कमर में रस्सी बांधी और खुद पानी में चला गया. मैंने करीब 30 मिनट तक उस युवक और उसकी कार को ढूंढा.” बाद में उसे बताया गया कि “अगर मदद 10 मिनट पहले पहुंच जाती, तो उस टेकी को बचाया जा सकता था.” हालांकि, पुलिस ने लापरवाही के आरोपों को खारिज कर दिया. एडिशनल कमिश्नर ऑफ़ पुलिस राजीव नारायण मिश्रा ने कहा कि पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीमों ने युवक को बचाने की कोशिश की और एक क्रेन, सीढ़ी, कामचलाऊ नाव और सर्चलाइट्स का इस्तेमाल किया, लेकिन कोहरे के कारण विज़िबिलिटी लगभग ज़ीरो थी.

पिता ने बयां किया दर्द

युवराज के पिता राजकुमार मेहता ने बताया शुक्रवार को, युवराज ऑफिस गया था और देर रात घने कोहरे के बीच घर लौट रहा था. “मैंने एक्सीडेंट से कुछ देर पहले उससे बात की थी. उसने मुझे बताया कि वह घर जा रहा है. थोड़ी देर बाद, उसने घबराहट में फिर से फोन किया और कहा कि उसकी कार का एक्सीडेंट हो गया है और वह एक नाले में गिर गई है. उसने मुझे तुरंत आने के लिए कहा.” इमरजेंसी को भांपते हुए, वह मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा, “पुलिस को बुलाया गया, और एनडीआरएफ -एसडीआरएफ की टीम भी वहीं पहुंची.”

पिता ने कहा कि जब वह मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने फिर से अपने बेटे को फोन किया लेकिन नाले में गाड़ी नहीं मिली. “विज़िबिलिटी बहुत कम थी और किसी तरह जब मैंने उसे फोन किया, तो उसने कार के अंदर अपने फोन की टॉर्च ऑन की, जिससे हमें पानी की जगह से हल्की सी रोशनी दिख रही थी. पुलिस और दूसरे बचाव अधिकारियों ने रस्सी फेंकने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि गड्ढा 20 फीट तक गहरा था.” पिता ने यह भी दावा किया कि अगर एक्सपर्ट डाइवर्स अंदर जा सकते, तो शायद उनके बेटे को बचाया जा सकता था. मेहता ने कहा कि कुछ दिन पहले उसी जगह पर एक ट्रक का एक्सीडेंट हुआ था और उन्होंने लोकल अथॉरिटी पर बैरिकेड्स और रिफ्लेक्टर जैसे बेसिक सेफ्टी उपाय न लगाने का आरोप लगाया.

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