Rajasthan News : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है. यहां सात फेरों से ठीक पहले शादी का मंडप अचानक रणक्षेत्र में बदल गया. राजस्थान के कोटा से आई एक बारात में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लड़की पक्ष को पता चला कि जिस लड़के से शादी की बात तय हुई थी. उसकी जगह मंडप में कोई और ही बैठा है. जयमाला के स्टेज पर जैसे ही ‘दूल्हा बदलने’ की पोल खुली, लड़की पक्ष का गुस्सा फूट पड़ा. इसके बाद जो हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हुआ, वह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया.
बारात में पांच लोग ही थे मौजूद
बताया जा रहा है कि राजस्थान के कोटा शहर से मुजफ्फरपुर के मुरौल प्रखंड के एक गांव में बारात आई थी. बारात में दूल्हे समेत महज पांच लोग ही शामिल थे. शुरुआती रस्में ठीक-ठाक रहीं, लेकिन जैसे ही जयमाला का वक्त आया, 19 साल की दुल्हन और उसके परिवार को दूल्हे को देखकर गहरा शक हुआ. लड़की पक्ष का आरोप है कि शादी के लिए जिस युवक की तस्वीर दिखाई गई थी और जिससे फोन पर बातचीत कराई जा रही थी, वह बारात में मौजूद दूल्हा था ही नहीं. असल में बातचीत जिस लड़के से हुई थी वह कम उम्र का था. लेकिन जो शख्स दूल्हा बनकर स्टेज पर चढ़ा, उसकी उम्र 40 वर्ष थी.
सातवें आसमान पर पहुंचा गांव वालों का गुस्सा
धोखाधड़ी का अहसास होते ही लड़की पक्ष और ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. इसके बाद देखते ही देखते बारातियों और घरातियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई. हंगामा बढ़ता देख बारात में आए तीन रिश्तेदार तो मौके से दुम दबाकर फरार हो गए, लेकिन ग्रामीणों ने 40 साल के दूल्हे और उसके छोटे भाई को दबोच लिया और उन्हें बंधक बना लिया. मामले की सूचना मिलते ही मुरौल ओपी के अध्यक्ष लखविंदर महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. गांव में तनाव को देखते हुए स्थानीय मुखिया की मौजूदगी में एक बड़ी महापंचायत बुलाई गई. पुलिस के समक्ष पूछताछ में दूल्हे ने अपनी पहचान महावीर नायर, निवासी- कोटा (राजस्थान) के रूप में बताई. लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि उनके अपने ही गांव के रहने वाले एक अगुआ (बिचौलिये) ने लड़के पक्ष की बड़ी संपत्ति का झांसा देकर उन्हें इस जाल में फंसाया और धोखे से असली लड़के की जगह इस उम्रदराज शख्स को शादी के लिए भेज दिया.
पुलिस मौजूदगी में हुआ फैसला
घंटों चली इस महापंचायत में समाज और पुलिस की मौजूदगी में बड़ा फैसला सुनाया गया, लड़की पक्ष के साथ धोखाधड़ी करने के एवज में दूल्हा पक्ष पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. गलत तरीके से शादी तय कराने और सच छुपाने के आरोप में गांव के अगुआ से भी 50 हजार रुपये वसूले गए। बारात के साथ लाई गई तीन साड़ियां और अन्य सामान दूल्हा पक्ष को वापस लौटा दिया गया. इस पूरे ड्रामे के बाद शादी को पूरी तरह रद्द कर दिया गया और राजस्थान से आया दूल्हा बिना दुल्हन के ही बैरंग लौट गया. मुरौल ओपी पुलिस अब इस मामले में दूल्हा बदलने, धोखाधड़ी और जबरन वसूली जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कानूनी जांच में जुट गई है.
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