Champat Rai Allegations: राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व जनरल सेक्रेटरी चंपत राय ने मंगलवार को कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद वह अपने खिलाफ लगे चंदा चोरी के सभी आरोपों का जवाब देंगे. मामले में लेटेस्ट अपडेट की बात करें तो, शाम को राय का SIT को दिया गया एक बयान ऑनलाइन सामने आया, जिसमें उन्होंने मंदिर के डोनेशन की गिनती के प्रोसेस में एक बैंक की भूमिका पर सवाल उठाया. इससे पहले, राम भक्तों को लिखे एक लेटर में राय ने कहा कि उनके खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं.
मौन धारण किया
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लेटर की एक फोटो और रामचरितमानस का एक दोहा शेयर किया “धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपदा काल परिखिए चारी” (सब्र, नेकी, दोस्त और जीवनसाथी की परीक्षा मुश्किल समय में होती है). राय ने कहा कि उन्होंने आरोपों पर मौन धारण किया और बताया कि SIT की शुरुआती रिपोर्ट ट्रस्ट की आम मीटिंग में पेश की गई थी. रिपोर्ट अब पब्लिक कर दी गई है, जो पहले गोपनीय थी. उन्होंने कहा कि SIT की फाइनल रिपोर्ट जमा करने के बाद, वह उठाए जा रहे मुद्दों पर पॉइंट-बाय-पॉइंट जवाब देंगे और पूरा सच जनता के सामने आ जाएगा.
अपने बैकग्राउंड का जिक्र करते हुए, राय ने कहा कि वह अक्टूबर 1991 से अयोध्या में काम कर रहे थे, जब उन्हें संगठन ने नियुक्त किया था और एक फुल-टाइम प्रचारक के तौर पर उनकी 45 साल की जिंदगी हमेशा एक खुली किताब रही है.
बैंक पर लगाए आरोप
राय ने मंदिर के डोनेशन काउंटिंग प्रोसेस में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की भूमिका पर सवाल उठाया. SIT को दिए गए बयान में, चंपत राय ने दावा किया कि SIT रिपोर्ट में जिस MoU का जिक्र है, उसकी तारीख 6 फरवरी, 2025 है और उस पर उनके साइन नहीं हैं. उन्हें इस लेटर के बारे में 13 जून, 2026 को पता चला. इस MoU पर ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अयोध्या ब्रांच के चीफ मैनेजर गोविंद मिश्रा के साइन हैं. चंपत राय ने कहा कि अगस्त 2020 से जून 2026 के बीच ट्रस्ट ने जितने भी कॉन्ट्रैक्ट साइन किए, उन पर सिर्फ उनके (चंपत राय के) और संबंधित पार्टी के मुख्य अधिकारी के साइन थे. लेकिन, इस MoU पर उनके साइन नहीं थे. राय ने बैंक पर सुरक्षा मानकों का पालन न करने का भी आरोप लगाया.
‘हाउसकीपिंग स्टाफ से गिनती कराई’
राय ने आगे आरोप लगाया कि बैंकिंग प्रोसीजर को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया और डोनेशन गिनने के काम के लिए हाउसकीपिंग स्टाफ को तैनात किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक ने सलाह दी थी कि डोनेशन की गिनती टेबल पर कुर्सियों पर बैठकर की जाए, उनके दावे के मुताबिक इसी तरीके से चोरी हुई. राय ने कहा कि घटना सामने आने के बाद टेबल हटा दी गईं और उसके बाद जमीन पर बैठकर गिनती की गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गाइडलाइंस में बताए जाने के बावजूद बैंक ने फ्रिस्किंग, बिना जेब वाले कपड़ों का इस्तेमाल और दूसरे चेस्ट-रूम प्रोटोकॉल जैसे जरूरी सुरक्षा उपायों को लागू नहीं किया.
सोमवार को राम मंदिर ट्रस्ट ने ट्रस्टी कृष्ण मोहन को अंतरिम जनरल सेक्रेटरी चुना. बता दें, राम मंदिर में दान के कथित गबन का मामला 7 जून को सामने आया था. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई SIT की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को FIR दर्ज की गई थी. मंदिर के दान-गिनती प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच जारी है.
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News Source: PTI
