Terrorist network: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा ISI आई से जुड़े संदिग्ध आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए छह संदिग्धों को गिरफ्तार किए जाने के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. गिरफ्तार संदिग्धों में खतौली थाना क्षेत्र के गांव अंति निवासी सलमान और दानिश उर्फ चांद मियां भी शामिल बताए जा रहे हैं. दोनों की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और एलआईयू की टीम ने गांव पहुंचकर उनके परिजनों से पूछताछ की तथा दोनों की गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी जुटाई. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों युवक आपस में दोस्त हैं. सलमान दिल्ली में रहकर फर्नीचर का काम करता था, जबकि दानिश उर्फ चांद मियां विभिन्न राज्यों में सोलर पैनल लगाने का कार्य करता था.
कुछ दिन पहले दोनों आए थे गांव
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले दोनों गांव में आए हुए थे. इसी दौरान दानिश का फोन आने पर सलमान घर से यह कहकर निकला था कि उसे किसी व्यक्ति से अपने रुपये लेने हैं. इसके बाद दोनों गांव से चले गए और फिर परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो सका. बाद में दिल्ली पुलिस की ओर से उनकी गिरफ्तारी की सूचना दी गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सलमान इंटरमीडिएट तक शिक्षित है, जबकि दानिश ने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की है. स्थानीय स्तर पर दोनों के खिलाफ पहले किसी आपराधिक मुकदमे की जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि दिल्ली पुलिस ने दोनों को आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने का दावा किया है. पूरे मामले की जांच जारी है.
मां ने बेटे को बताया निर्दोष
गिरफ्तारी के बाद दानिश उर्फ चांद मियां की मां गुलिस्ता ने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि उनका बेटा मजदूरी करता है और अपने भाइयों के साथ अलग-अलग राज्यों में सोलर पैनल लगाने का काम करता है. उन्होंने बताया कि पहले उन्हें जानकारी मिली थी कि सलमान उसे पांच हजार रुपये लेने के लिए अपने साथ ले गया है. बाद में बेटे ने बताया कि किसी व्यक्ति ने फोन कर 30 हजार रुपये देने का लालच दिया था और एक स्थान से सामान लाने के लिए कहा था. उनका कहना है कि उन्हें यह तक नहीं पता था कि किस सामान की बात हो रही थी. इसी दौरान पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा सीधा-सादा है और उसे झूठे मामले में फंसा दिया गया है.
भाई सिर्फ फर्नीचर का करता है काम
वहीं सलमान की बहन दरक्षा ने बताया कि उनका भाई दिल्ली में अपने बड़े भाई के साथ फर्नीचर का काम करता है. घटना वाले दिन वह घर पर खाना खा रहा था, तभी दानिश का फोन आया और वह यह कहकर चला गया कि उसे किसी कारीगर से अपने रुपये लेने हैं. बाद में दिल्ली पुलिस का फोन आया और गिरफ्तारी की सूचना दी गई. उन्होंने कहा कि पुलिस ने बताया कि मामला किसी गैंग और बम बरामदगी से जुड़ा है, लेकिन उनका भाई ऐसा कोई काम नहीं कर सकता. परिवार ने उसे पूरी तरह निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.
एलआईयू टीम पहुंची गांव
गांव पहुंची पुलिस और एलआईयू की टीमदिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया. स्थानीय पुलिस और एलआईयू की टीम ने गांव अंति पहुंचकर दोनों संदिग्धों के परिजनों, पड़ोसियों और अन्य लोगों से पूछताछ की. पुलिस दोनों युवकों की पृष्ठभूमि, सामाजिक गतिविधियों और संपर्कों की जांच कर रही है. एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि समाचारों के माध्यम से दिल्ली में आतंकी नेटवर्क का खुलासा होने की जानकारी मिली थी. दिल्ली पुलिस की प्रेस वार्ता में गिरफ्तार छह लोगों में दो युवकों का संबंध मुजफ्फरनगर के गांव अंति से होना सामने आया है.
निष्पक्ष जांच की मांग
उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में यह सामने आया है कि दोनों युवक दिल्ली में रहकर इन गतिविधियों में शामिल थे. उनके पास से दिल्ली पुलिस द्वारा आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है. मामले की जांच दिल्ली पुलिस और मुजफ्फरनगर पुलिस अपने-अपने स्तर पर कर रही है. जांच में जो भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी. पुलिस फिलहाल पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए गंभीरता से जांच में जुटी है, जबकि दोनों परिवार लगातार अपने-अपने बेटों को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
कानून को चुनौती देने वाले बदमाश का पुलिस ने किया हाफ एनकाउंटर, बिल्डरों से करता था वसूली
- मुज़फ्फरनगर से आशुतोष मिश्रा की रिपोर्ट
