Home Latest News & Updates क्यों है इतना खास मौनी अमवस्या पर ‘शाही स्नान’? जिसकी तैयारियों के लिए प्रशासन हुआ अलर्ट!

क्यों है इतना खास मौनी अमवस्या पर ‘शाही स्नान’? जिसकी तैयारियों के लिए प्रशासन हुआ अलर्ट!

by Sachin Kumar 17 January 2025, 5:48 PM IST (Updated 20 January 2025, 12:48 PM IST)
17 January 2025, 5:48 PM IST (Updated 20 January 2025, 12:48 PM IST)
Mahakumbh 2025 Mauni Amavasya Second Shahi Snan

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान की तैयारियां तेज हो गई हैं. इस खास मौके पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है क्योंकि मौनी अमवस्या के दिन अमृत स्नान का खास महत्व है.

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ का पहला अमृत स्नान (शाही स्नान) पूरा हो चुका है और दूसरे की तैयारियां तेजी से शुरू हो गई हैं. 29 जनवरी, 2025 को मौनी अमावस्या वाले दिन अमृत स्नान होगा जिसके लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज ने व्यवस्थाओं को लेकर महाकुंभ मेला के अधिकारी विजय किरन आनंद, DIG वैभव कृष्ण, DIG कुंभ प्रेम कुमार गौतम, एडीजी भानु भास्कर, SSP राजेश द्विवेदी से बातचीत के दौरान आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं.

क्यों है दूसरा अमृत स्नान खास

महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के दिन मनाया जाएगा. दूसरा स्नान इसलिए खास है क्योंकि इसको मुख्य पुण्यदायी भी बताया गया है. मामला यह है कि इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जहां चंद्रमा और सूर्य मकर राशि पर रहेंगे. इसके अलावा गुरु भी वृषभ राशि में रहेंगे और यही वजह है कि मौनी अमवस्या पर अमृत स्नान को इतना खास महत्व दिया गया है. साथ ही महाकुंभ की शुरुआत के पांचवें दिन करीब 9 लाख साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई जहां टोटल स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 7 करोड़ को पार कर गई.

पिछले गलतियों को नहीं दोहराया जाए

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने मेला अधिकारी और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत के दौरान कहा कि अमृत स्नान (शाही स्नान) के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, सफाई, यातायात व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि श्रद्धालुओं और अखाड़ों के संत महापुरुषों को स्नान करने में किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़े. वहीं, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि पिछले महाकुंभ के दौरान जितनी भी गलतियां हुई थी उसे दोहराया नहीं जाए. इसके अलावा पुलिस प्रशासन की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि सुरक्षा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रार की कोई चूक नहीं होगी और न ही कोई ढील बरती जाएगी.

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