UP Politics: 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में युवा वोटरों को साधने की सियासत तेज हो गई है. योगी सरकार ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख युवाओं को टैबलेट देने का फैसला किया है. इसके लिए 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है. सरकार इसे युवाओं के तकनीकी सशक्तीकरण और डिजिटल पहुंच से जोड़ रही है, तो विपक्ष इसे चुनावी तैयारी और युवाओं को लुभाने की कोशिश बता रहा है. सत्ता पक्ष का दावा है कि सरकार ने जो वादे किए, उन्हें जमीन पर उतारा है और युवाओं तक योजनाओं का लाभ लगातार पहुंचाया जा रहा है. वहीं समाजवादी पार्टी का आरोप है कि चुनाव करीब आते ही सरकार को युवाओं की याद आई है.
युवाओं को तकनीक से जोड़ना सरकार का मकसद
सवाल यही है कि 25 लाख टैबलेट से युवा वोटर प्रभावित होंगे या रोजगार और नौकरी के सवाल पर सरकार को घेरेंगे? विपक्ष का दावा है कि जेन जी जाग चुका है और चुनाव में जवाब देगा. उत्तर प्रदेश की सियासत में युवा वोटर इस वक्त सबसे बड़े सियासी टारगेट में हैं. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने युवाओं तक सीधी पहुंच बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदे जाएंगे, जिसके लिए 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है. सरकार का मकसद युवाओं को तकनीक से जोड़ना और उनकी डिजिटल क्षमता को मजबूत करना बताया जा रहा है. लेकिन चुनावी नजरिए से देखें तो इस फैसले का सियासी महत्व भी कम नहीं है. सरकार की कोशिश लाखों युवाओं तक सीधे लाभ पहुंचाने की है.
सरकार अपने वादों को कर रही पूरा
योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना कहते हैं कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के अंतर्गत 25 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जाएंगे, मंत्रिपरिषद ने इसकी मंजूरी प्रदान की है. सरकार के फैसले के बाद बीजेपी इसे सिर्फ चुनावी घोषणा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी पहल बता रही है. बीजेपी प्रवक्ता हीरो वाजपेयी का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ नीचे तक पहुंच रहा है और सरकार अपने वादों को पूरा करने के आधार पर जनता के बीच जा रही है. भाजपा प्रवक्ता हीरो बाजपेई कहते हैं कि इस सरकार की जो भी योजनाएं हैं, वादे हैं, वह नीचे तक पहुंचे. कहा कि हमने जो वादा किया है उसको पूरा किया है. योगी आदित्यनाथ ने जो वादे किए हैं उसको भी पूरा करेंगे. लेकिन विपक्ष इस फैसले को लेकर सरकार पर हमलावर है.
युवा विरोधी है सरकारः एसपी
समाजवादी पार्टी का आरोप है कि साढ़े नौ साल के कार्यकाल के बाद चुनाव से ठीक पहले युवाओं को लुभाने की कोशिश की जा रही है. विपक्ष का सवाल है कि अगर सरकार ने युवाओं के लिए इतना काम किया है तो रोजगार, सरकारी नौकरी और शिक्षा के मोर्चे पर युवाओं की स्थिति क्या है? समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आजम खान कहते हैं कि जब बीजेपी को सत्ता से जाने का समय आया है, तब युवाओं को लुभाने का काम कर रहे हैं. ये सरकार बताए साढ़े नौ साल में युवाओं के लिए क्या काम किए हैं. रोजगार नहीं है, नौकरी नहीं है, शिक्षा नहीं है. सरकार युवा विरोधी है और युवाओं को सरकार से कोई उम्मीद नहीं है यानी एक तरफ सरकार 25 लाख टैबलेट और 2,374.60 करोड़ रुपये के फैसले को युवाओं के तकनीकी सशक्तीकरण के तौर पर पेश कर रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे चुनावी लॉलीपॉप बता रहा है.
निर्णायक भूमिका में रहेंगे युवा वोटर
सियासी बहस अब टैबलेट से आगे बढ़कर रोजगार, नौकरी और शिक्षा के सवाल पर पहुंच गई है. 2027 के रण में युवा वोटर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं. ऐसे में असली सवाल यही है कि क्या तकनीक का तोहफा युवाओं का भरोसा जीतेगा या रोजगार की तलाश में खड़ी जेन जी सरकार से अपने सवालों का जवाब मांगेगी? फिलहाल सरकार का फोकस युवाओं को जोड़ने पर है और विपक्ष का निशाना युवाओं के मुद्दों पर. अब देखना होगा कि 2027 के चुनाव में 25 लाख टैबलेट का सियासी असर कितना दिखाई देता है और युवा वोटर सरकार की योजना पर भरोसा जताते हैं या रोजगार के सवाल को प्राथमिकता देते हैं.
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