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H1N1 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं, बरतें ये सावधानियां, IMA ने जारी की पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी

by Nikul Patel 26 August 2026, 2:55 PM IST
26 August 2026, 2:55 PM IST
H1N1 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं, लक्षण दिखने पर बरतें ये सावधानियां, IMA ने जारी की पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी

Swine Flu: देश में मानसून के दौरान Influenza A (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी की है. IMA के मुताबिक दिल्ली जैसे महानगरों में 1,770 से अधिक लैबोरेटरी कन्फर्म्ड मामले सामने आए हैं, जबकि महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में भी मामले दर्ज किए गए हैं. ICMR की निगरानी के अनुसार फिलहाल फैल रहा वायरस सीजनल Influenza A यानी H1N1 है और इसमें किसी नए जेनेटिक म्यूटेशन की पुष्टि नहीं हुई है.

IMA ने स्पष्ट किया है कि H1N1 संक्रमण के अधिकांश मामले हल्के होते हैं और मरीज खुद भी ठीक हो जाते हैं. ऐसे में सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है. IMA के अनुसार H1N1 में अचानक तेज बुखार और ठंड लगना, लगातार सूखी खांसी, गले में खराश, मांसपेशियों में तेज दर्द, थकान, सिरदर्द और नाक बहना या बंद होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. बच्चों में मतली, उल्टी या दस्त की समस्या भी अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिल सकती है.

खुद से न लें एंटीबायोटिक

IMA ने लोगों को खास तौर पर बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक दवाएं लेने से बचने की सलाह दी है. एडवाइजरी में कहा गया है कि H1N1 एक वायरल बीमारी है और एंटीबायोटिक वायरस को खत्म नहीं करती. Azithromycin, Amoxicillin-Clavulanate, Cefixime जैसी एंटीबायोटिक दवाओं को फ्लू के लक्षणों के आधार पर खुद से लेने से बचना चाहिए. IMA के मुताबिक अनावश्यक एंटीबायोटिक इस्तेमाल से शरीर के माइक्रोबायोम को नुकसान पहुंच सकता है और Antimicrobial Resistance (AMR) का खतरा बढ़ता है.

जांच के आधार पर दवा लेने की सलाह

एंटीबायोटिक की जरूरत तभी होती है जब योग्य डॉक्टर जांच के आधार पर किसी सेकेंडरी बैक्टीरियल इंफेक्शन की पुष्टि करे. वहीं Oseltamivir जैसी एंटीवायरल दवाएं भी डॉक्टर की निगरानी में ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. इन्हें खुद से लेने से बचना चाहिए. IMA ने कुछ ऐसे गंभीर लक्षण भी बताए हैं, जिनमें मरीज को तत्काल अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाना चाहिए. इनमें सांस लेने में परेशानी, सांस फूलना या बहुत तेज सांस चलना, सीने में दर्द या लगातार दबाव, होंठ या उंगलियों का नीला पड़ना, खांसी के साथ खून आना, अत्यधिक नींद या भ्रम की स्थिति, दौरे, लगातार उल्टी और मुंह से तरल पदार्थ लेने में असमर्थता शामिल हैं. बच्चों में दूध या खाना न ले पाना, अत्यधिक सुस्ती, सांस लेते समय घरघराहट जैसी आवाज या सीने का गंभीर रूप से अंदर धंसना भी गंभीर संकेत माने गए हैं.

संक्रमण से बचाव के लिए क्या करें?

IMA ने लोगों को नियमित रूप से हाथ धोने, कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ साफ करने या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने की सलाह दी है. खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढकने और भीड़भाड़ वाली बंद जगहों में अच्छी तरह फिट होने वाला मास्क पहनने की सलाह दी गई है.

बुखार होने पर बुखार कम करने वाली दवाओं के बिना कम से कम 24 घंटे तक बुखार खत्म होने तक स्कूल, कार्यस्थल और सामाजिक आयोजनों से दूर रहने की सलाह दी गई है. IMA ने हेल्थकेयर कर्मचारियों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर या पुरानी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए हर साल सीजनल इन्फ्लुएंजा वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है. IMA का संदेश साफ है- H1N1 को लेकर सतर्क रहें, लेकिन घबराएं नहीं. लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लें और बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं न लें.

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