Bakrid: भोपाल में श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने आगामी बकरीद त्योहार को देखते हुए इको फ्रेंडली बकरा कुर्बानी की मांग उठाई है. संस्कृति बचाओ मंच और हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने मुस्लिम समाज के लोगों से एक खास आह्वान किया है. उन्होंने अपील की है कि पर्यावरण की रक्षा के लिए इस बार इको फ्रेंडली ईद मनाई जाए. बता दें कि राजधानी भोपाल में आगामी त्योहारों को लेकर बयानबाजी और अपीलों का दौर शुरू हो चुका है. श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच के बैनर तले अब इको फ्रेंडली बकरा कुर्बानी को लेकर एक नई मांग सामने आई है.
सफाई का रखें विशेष ध्यान
संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध जनों और आम जनता से अपील की है कि वे पर्यावरण और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए इस बार त्योहार के तरीकों में बदलाव लाएं. हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने अपने आह्वान में मुख्य रूप से इन बातों को सामने रखा है, जिसमें त्योहार के दौरान प्रकृति और पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे, कुर्बानी के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए. जिस तरह अन्य त्योहारों को प्रकृति के अनुकूल यानी इको फ्रेंडली बनाने की मुहिम चल रही है, वैसी ही पहल इस त्योहार में भी की जाए.
भोपाल में सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर मुखर रहने वाले इन संगठनों का कहना है कि पर्यावरण की रक्षा किसी एक समाज की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है. ऐसे में इको फ्रेंडली तरीके से त्योहार मनाकर समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया जा सकता है. अब देखना यह होगा कि इस आह्वान पर मुस्लिम समाज और प्रशासनिक हलकों से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है.
शांति, सद्भाव से पर्व मनाने की अपील
उधर, दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा का मानना है कि बकरीद के अवसर पर कुर्बानी को लेकर दिल्ली में मिली-जुली आबादी में रहने वाले हिंदू इससे खासे परेशान होते हैं. यहां तक कि गलियों और सड़कों पर भी कुर्बानी दे दी जाती है, कई जगह सड़कें खून से लाल हो जाती हैं. नालियों का बहने वाला पानी लाल हो जाता है। जबकि इसके लिए मनाही है. सड़कों और गलियों में कुर्बानी देने का प्रावधान नहीं है. पिछली सरकार के समय तक हिंदू लोग इसकी शिकायत भी प्रशासन से करते रहे हैं, मगर कहीं कोई सुनवाई नहीं होती थी. मगर सरकार बदलने के बाद अधिकारियों का रुख भी बदला है और अब वे सख्ती के मूड में हैं. मंत्री ने कुर्बानी को लेकर सख्त चेतावनी भी दी है, साथ ही शांति, सद्भाव और जिम्मेदारी के साथ पर्व मनाने का आग्रह किया है.
