Bakrid: दिल्ली में बकरीद की तैयारी जोरों पर है. कुर्बानी के लिए बकरे और अन्य जानवरों से बाजार पटा पड़ा है. लोगों का कहना है कि कुर्बानी के लिए जानवरों की कीमतें बहुत ज्यादा हो चुकी हैं. इधर दिल्ली सरकार ने साफ तौर पर गाइडलाइंस दिया है कि खुले में बकरा या कोई भी जानवर काटना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है. सरकार ने इसके लिए बकायदा गाइडलाइन भी जारी की है. बकरीद के इस त्यौहार पर बाजारों में रौनक देखी जा सकती है. हालत यह है कि बड़ी तादाद में कई तरह के जानवर कुर्बानी के लिए बाजार में बिक रहे हैं.
25 हजार से लेकर 2.50 लाख तक के बकरे
हालांकि बाजार में अलग-अलग किस्म के बकरे हैं. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, जम्मू कश्मीर सहित तमाम प्रदेशों के बकरे दिल्ली के गाजीपुर मंडी में इस वक्त बिक रहे हैं. हालांकि धुरंधर ने एक बार फिर से बजी मार ली है. शाहरुख, सलमान कोई इसके सामने टिक नहीं पाया. हम बात कर रहे हैं दिल्ली के सीलमपुर में बिक रहे बकरों की. इस वक्त इस मार्केट में अलग-अलग नस्ल और अलग-अलग नाम के भी बकरे बिक रहे हैं. लेकिन अब तक सबसे ज्यादा ऊंची बोली धुरंधर नाम के बकरे की लगी है. इस बकरे की खासियत यह है कि यह काजू व बादाम खाता है. इसकी कीमत 5 लाख रखी गई है हालांकि चार लाख रुपए तक की बोली भी लग चुकी है. बाजार में 25 हजार रुपये से लेकर 2.50 लाख रुपये तक के बकरे बिक रहे हैं.
गंगापारी, बरबरी, तोतापरी की मांग अधिक
व्यापारी अपने बकरों को रंग-बिरंगे फीते, घंटियां और सजावटी सामान से सजा कर बाजार में ला रहे हैं, जिससे बाजार का नजारा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. बाजार में गंगापारी, बरबरी, तोतापरी, दुंबा और अन्य नस्लों के बकरों की सबसे ज्यादा मांग देखी जा रही है. खासतौर पर बड़े और हट्टे-कट्टे बकरों को देखने के लिए लोग रुकते नजर आए. व्यापारियों का कहना है कि इस बार पिछले साल की तुलना में बकरों के दाम अधिक रहने की संभावना है. बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी. आपको बता दें कि इन जानवरों के लिए गाइडलाइंस भी जारी की गई है. हालांकि सरकार के गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाते हुए भी देखी जा रही है.
सरकार ने बहुत साफ तौर पर कहा है कि किसी भी तरह की कूरता या हिंसक व्यवहार उनके साथ नहीं होनी चाहिए. लेकिन नजारे खुद देखकर आप दंग रह जाएंगे कि किस तरह से गाड़ियों में एक-एक दर्जन के करीब बकरों को जबरन भरा जा रहा है और मंडी से दूसरी जगह पर भेजा जा रहा है. गाज़ीपुर बक्र मंडी के अध्यक्ष लायन गुलफाम का कहना है कि सरकारी नियम कायदों का पालन सबको करवाया जाएगा. इसके अलावा पुलिस के साथ मिलकर सौहार्द की स्थिति को भी कायम रखा जाएगा..
ये है सरकारी आदेश
- सरकार की सख्ती के बाद विकास विभाग की पशुपालन इकाई ने आदेश जारी कर सड़कों और गलियों पर होने वाली कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है. विभाग ने कुर्बानी के लिए नियम कानून बताए हैंच
- कुर्बानी के दौरान रक्त नालियों में नहीं बहाया जा सकेगा. पशुओं की अवैध रूप से सार्वजनिक स्थानों पर खरीद-बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया है. 28 मई को बकरीद मनाई जाएगी. विभाग ने इसके लिए 8 प्वॉइंट की सख्त एडवाइजरी जारी की है.
- बकरीद के अवसर पर अवैध कुर्बानी को लेकर दिल्ली में मिली-जुली आबादी में रहने वाले हिंदू इससे खासे परेशान होते हैं. यहां तक कि गलियों और सड़कों पर भी कुर्बानी दे दी जाती है, कई जगह सड़कें खून से लाल हो जाती हैं.
- ट्रांसपोर्टेशन के दौरान पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता न की जाए.
- गाय और ऊंट की कुर्बानी पर पूर्णतः प्रतिबंध है. बिना लाइसेंस वाले स्थानों पर मांस की बिक्री प्रतिबंधित है.
- कुर्बानी केवल अधिकृत या अनुमोदित स्थानों पर ही की जाएगी. सड़कों, गलियों या सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी करना मना है.
- कुर्बानी के दौरान निकलने वाले रक्त को नालियों या सार्वजनिक सीवरेज प्रणाली में न बहने दें.
- पर्व के दौरान पशुओं का कोई भी अवैध वध करने की अनुमति नहीं होगी.
- सार्वजनिक स्थानों पर पशुओं की खरीद-फरोख्त पूरी तरह से प्रतिबंधित है.
इन गाइडलाइंस का पालन नहीं होने पर किसी भी शिकायत या सूचना के लिए निकटतम पुलिस थाना या पीसीआर से संपर्क कर सकते हैं. जाहिर है काफी लोगों को कहना है कि सरकारी नियमों का पालन किया जाएगा लेकिन गाइडलाइंस सिर्फ कागजी पर करना रह जाए इसके लिए पुलिस को भी देखभाल करनी पड़ेगी.
