Chardham Yatra Dates: साल 2026 में चार धाम के कपाट 11 दिन पहले ही खुल रहे हैं यानी अब भक्तों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे जल्दी अपनी यात्रा पूरी कर लेंगे.
23 January, 2026
सनातन धर्म के सबसे बड़े धाम उत्तराखंड के प्रसिद्ध चार धाम हैं. हर साल यह यात्रा लगभग छह महीने तक चलती है. इस साल चार धाम यात्रा करने का प्लान बनाने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. साल 2026 में चार धाम के कपाट 11 दिन पहले ही खुल रहे हैं यानी अब भक्तों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे जल्दी अपनी यात्रा पूरी कर लेंगे. सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खोले जाएंगे और इसके बाद केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट खोले जाएंगे. चलिए जानते हैं चारों धामों के कपाट किस दिन खुलेंगे.

किस दिन खुलेंगे कपाट
चार धाम यात्रा 19 अप्रैल को अक्षय तृतिया के पावन पर्व से शुरू होगी. इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे. इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे और 24 अप्रैल को बद्रीनाथ के कपाट खोले जाएंगे. पिछले साल 2025 को चार धाम यात्रा अप्रैल को शुरू हुई थी, लेकिन इस साल शुभ संयोग होने के कारण 11 दिन पहले यानी 19 अप्रैल से यह यात्रा शुरू हो जाएगी. जल्दी यात्रा शुरु होने के कारण वहां के लोकल व्यापारियों और होटल मालिकों को भी फायदा होगा.
चार धाम में मिलता है मोक्ष
यमुनोत्री देवी यमुना को समर्पित है, जो उनका उद्गम स्थल है यानी यमुना वहीं से शुरू होती है. इसी तरह गंगोत्री गंगा (भागीरथी) का उद्गम स्थल है. केदारनाथ भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, यह मंदाकिनी नदी के पास है. वहीं बद्रीनाथ धाम अलकनंदा नदी के पास है. यह भगवान विष्णु को समर्पित है. बता दें, चार धाम यात्रा अप्रैल-मई से शुरू होकर अक्टूबर-नवंबर तक चलती है. चार धामों की यात्रा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और पापों से मुक्ति मिलती है.

तैयारियां तेज
चार धाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड प्रशासन की तैयारियां तेज हो गई हैं. गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने ऋषिकेश में यात्रा की शुरुआती तैयारियों का जायजा लिया है. सड़क की मरम्मत, पीने के पानी के इंतज़ाम और तीर्थयात्रियों के रजिस्ट्रेशन के लिए ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है. तीर्थयात्रियों को कोई परेशानी न हो, यह पक्का करने के लिए जल्द ही चीफ सेक्रेटरी लेवल पर एक आखिरी रिव्यू मीटिंग होगी. 2025 में यात्रियों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, इसलिए उत्तराखंड सरकार अब सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम कर रही है.
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