Home धर्म Govardhan Puja 2024: 1 या 2 नवंबर आखिर कब है गोवर्धन पूजा ? नोट करें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Govardhan Puja 2024: 1 या 2 नवंबर आखिर कब है गोवर्धन पूजा ? नोट करें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

by Pooja Attri 22 October 2024, 3:11 PM IST (Updated 16 December 2024, 4:11 PM IST)
22 October 2024, 3:11 PM IST (Updated 16 December 2024, 4:11 PM IST)
Govardhan Puja 2024: 1 या 2 नवंबर आखिर कब है गोवर्धन पूजा ? नोट करें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Govardhan Puja 2024: गोवर्धन का पर्व हर साल कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा के दिन मनाया जाता है. आइए जानते हैं इस साल गोवर्धन पूजा की तारीख, शुभ मुहूर्त और महत्व.

22 October, 2024

Govardhan Puja 2024 Date And Time: देशभर में दीवाली के अगले दिन गोवर्धन पर्व मनाया जाता है. यह त्योहार हर साल कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा के दिन मनाया जाता है. गोवर्धन का त्योहार भगवान कृष्ण और गोवर्धन को समर्पित होता है इसलिए इस दिन इनकी पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यतानुसार, इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र को हराया था, तब से ही गोवर्धन पूजा की जाती है. गोवर्धन के पर्व को अन्नकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है. आइए जानते हैं इस साल गोवर्धन पूजा की तारीख, शुभ मुहूर्त और महत्व.

गोवर्धन पर्व की तारीख (Govardhan 2024 Puja Date)

पंचांग के अनुसार, इस साल गोवर्धन का आरंभ 01 नवंबर की शाम 06:16 बजे होने जा रहा है, जिसकी समाप्ति 02 नवंबर की रात 08:21 बजे होगी. ऐसे में उदया तिथि के मुताबिक, इस साल गोवर्धन का पर्व 02 नवंबर को मनाया जाएगा.

पूजा का शुभ मुहूर्त (Govardhan 2024 Puja Muhurat)

गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 05:34 बजे से लेकर सुबह 08:46 बजे तक रहेगा. वहीं, इस दिन पूजा का दूसरा शुभ मुहूर्त शाम 03:23 बजे से लेकर 05:35 बजे तक रहेगा. इस हिसाब से देखा जाए तो पूजा के लिए इस दिन मात्र 2 घंटे 12 मिनट का ही वक्त मिलेगा.

ये है गोवर्धन पूजा का महत्व (Importance of Govardhan Puja)

पौराणिक कथानुसार, एक बार देवराज इंद्र ने ब्रिजवासियों से क्रोधित होकर तेज वर्षा कर दी. तब भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र देवता के प्रकोप से ब्रजवासियों की रक्षा करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली से उठा लिया. इसी वजह है कि हर साल गोवर्धन पूजा का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. भक्तजन इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के प्रति आभार व्यक्त करते हैं. इस दिन को प्रकृति की सेवा और पूजा के तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है.

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