Home Top News प्रवेश वर्मा का तीखा हमला: कोविड में दिल्ली मांग रही थी अस्पताल और केजरीवाल बनवा रहे थे ‘शीश महल’

प्रवेश वर्मा का तीखा हमला: कोविड में दिल्ली मांग रही थी अस्पताल और केजरीवाल बनवा रहे थे ‘शीश महल’

by Live Times 25 March 2026, 4:32 PM IST (Updated 25 March 2026, 4:53 PM IST)
25 March 2026, 4:32 PM IST (Updated 25 March 2026, 4:53 PM IST)
प्रवेश वर्मा का तीखा हमला: कोरोना काल में दिल्ली अस्पताल मांग रही थी और केजरीवाल बनवा रहे थे 'शीश महल'

Sheesh Mahal: दिल्ली विधानसभा में शीश महल मुद्दे पर मंत्री प्रवेश वर्मा ने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर जोरदार हमला बोला.

  • दिल्ली से शालिनी झा की रिपोर्ट

Sheesh Mahal: दिल्ली विधानसभा में शीश महल मुद्दे पर मंत्री प्रवेश वर्मा ने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि “मैं बचाता रहा दीमक से घर अपना, तब कुर्सी के कीड़े पूरी दिल्ली को खा गए. मंत्री वर्मा ने आरोप लगाया कि 2020 में दिल्ली दो आपदाओं से जूझ रही थी, एक कोविड और दूसरी आम आदमी पार्टी सरकार से. उनका कहना था कि केजरीवाल ने कोविड संकट के बीच अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान देने की बजाय शीश महल के निर्माण को प्राथमिकता दी. उन्होंने दावा किया कि शीश महल के लिए ग्रीनरी कम कर दी गई, पेड़ों को काटा गया और तीन अधिकारियों के आवास खाली कराए गए. सर्वेंट क्वार्टर, गैराज और अन्य संरचनाएं भी तोड़ी गईं.

महल निर्माण फाइल पर लिखा था Most Urgent

वर्मा ने कहा कि “शीश महल पार्ट-2” का भी निर्माण चल रहा था, जिसमें करीब 4000 गज में नया ढांचा तैयार किया जा रहा था और लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे. सरकार बदलती नहीं तो यह खर्च 60 करोड़ तक पहुंच जाता. प्रवेश वर्मा ने कहा कि कोविड के दौरान अस्पताल, ऑक्सीजन या सीवर जैसे मुद्दों पर “मोस्ट अर्जेंट” नहीं लिखा गया, लेकिन शीश महल निर्माण फाइल पर “Most Urgent” दर्ज किया गया. उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान केंद्र सरकार ने 787.91 करोड़ रुपये दिए, लेकिन दिल्ली सरकार ने सिर्फ 582 करोड़ खर्च किए. वर्मा के अनुसार, 26,000 मौत हुई. यदि संसाधनों पर खर्च किया जाता तो हजारों जान बचाई जा सकती थी. मंत्री प्रवेश वर्मा ने शीशमहल के निर्माण में लगे महंगे सामान पर भी सवाल उठाए.

विधानसभा में दिखाई खर्चों की लंबी सूची

  • 40 लाख रुपये का बेड
  • 28 लाख रुपये की अलमारी
  • 60 लाख रुपये की कुर्सियां
  • 5 लाख रुपये का बुकशेल्फ
  • 60 लाख रुपये का कारपेट
  • डेढ़ करोड़ रुपये के पर्दे
  • 14 लाख रुपये की ट्रेडमिल
  • 3 लाख रुपये के डंबल
  • 12 टीवी, जिनमें 88 इंच का 28.51 लाख रुपये का टीवी
    और 50 एसी
  • 5 लाख रुपये की टॉयलेट सीट
  • 6 लाख रुपये का मिनी बार
    प्रवेश वर्मा ने आरोपों की सूची का पूरा रोल विधानसभा में लाकर विधायकों को भी बांटा. उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान जनता ऑक्सीजन और दवाइयों के लिए परेशान थी, जबकि शीश महल का निर्माण बिना रुके जारी रहा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि घर में पांच लोग थे लेकिन 28 लोगों की डाइनिंग टेबल लगाई गई.

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