Bangladesh Violence : बांग्लादेश अल्पसंख्यक समुदाय पर हमले बढ़ गए हैं और दीपू दास की हत्या पर देश भर में आंदोलन भी हुए थे. इस पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि दीपू के साथ जो हुआ वह संवैधानिक आदेश के खिलाफ है.
Bangladesh Violence : बांग्लादेश में बीते दिनों से एक बार फिर हिंसक आंदोलन तेज हो गया है और वहां पर रह रहे अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है. खासकर हिंदू समुदाय को सीधा टारगेट किया जा रहा है. ईशनिंदा के आरोप में हिंदुओं की पीट-पीटकर हत्या करने की खबरें सामने आ रही हैं. पड़ोसी देश में इस तरह टारगेट करके हत्याओं को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है और उन्होंने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान की ISI और चीन के भारत विरोधी तत्व बांग्लादेश में मौजूद हैं और इसलिए बांग्लादेश के साथ संबंध सुधारना महत्वपूर्ण है. ओवैसी ने समाचार एजेंसी PTI से बातचीत में कहा कि दीपू चंद्र दास के साथ जो हुआ वह संवैधानिक आदेश के खिलाफ है और यह घटना दुखद है. हमारी पार्टी ऐसी घटनाओं की सीधे तौर पर निंदा करती है.
लिंचिंग का मतलब कानून का राज नहीं : ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि कार्यवाहक प्रशासक मोहम्मद युनुस ऐसी घटनाओं रोकने के लिए कार्रवाई करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी बांग्लादेश के साथ संबंध को मजबूत करने के लिए विदेश मंत्री जो भी कदम उठा रहे हैं और हम उनका समर्थन करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि भारत हो या फिर बांग्लादेश किसी भी तरह की लिंचिंग होती है तो यह देश के कानून पर सबसे बड़ा खतरा है. इसके अलावा हैदराबाद से सांसद ने कहा कि बांग्लादेश के संविधान का अनुच्छेद 41 धर्म की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, जबकि अनुच्छेद 12 धर्मनिरपेक्षता से संबंधित है. दूसरी तरफ ओडिशा के संबलपुर में पश्चिम बंगाल के एक मजदूर जोएल शेख और देहरादून में कथित तौर पर गैर-भारतीय समझे जाने पर मारे गए MBA छात्र एंजेल चकमा की मौत का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि ये घटनाएं दिखाती हैं कि सतर्कता समूह कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं.
धर्म के आधार मारना कानून क खिलाफ
इसके अलावा ओवैसी ने बताया कि धर्म या फिर शारीरिक बनावत के आधार पर लोगों को मारने का फैसला, नैतिकता और कानून के खिलाफ है. यह शर्म का बात है कि हमारे देश में ऐसी घटनाएं हो रही हैं. ये लोग कौन होते हैं किसी की नागरिकता पर सवाल उठाने वाले? अगर कोई शक भी है तो उन्हें जाकर लोकल पुलिस में शिकायत करनी चाहिए. उन्होंने आगे उम्मीद जताई कि ऐसी घटनाओं को BJP या RSS का समर्थन नहीं मिलेगा. बता दें कि बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. दीपू की हत्या से पूरे देश में हिंदू संगठनों में क्रोध भड़क गया. देश भर में युनुस सरकार के खिलाफ हिंदू संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा. दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जबरदस्त प्रदर्शन किया.
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