Iran-America Conflict : ईरान में अमेरिका डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत गिरने से लोगों ने प्रदर्शन किए. इस दौरान अमेरिका ने कहा कि आम लोगों को दबाया गया तो वह दखल देने का काम करेंगे.
Iran-America Conflict : अमेरिका की तरफ भारी प्रतिबंधों के बीच ईरान में महंगाई चरम पहुंच गई है और वहां पर अब लोग भारी संख्या में विरोध प्रदर्शन करने लगे हैं. इसी बीच ईरान में ट्रंप के मिलिट्री इंटरवेंशन की चेतावनी के बाद आलाकमान भड़क गया है और दोनों देशों के टॉप अधिकारियों ने शुक्रवार को एक-दूसरे को सख्त लहजे में धमकियां देने भी शुरू कर दीं हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिंसक रूप से मारता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका उनकी मदद के लिए दखल देगा. ईरान की रियाल मुद्रा गिरने से देश भर में प्रदर्शनकारियों ने जमकर प्रदर्शन किया और इस दौरान अभी तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है.
US-इजराइल भड़का रहा प्रदर्शन
डोनाल्ड ट्रंप ने इसके बाद बिना कोई समय बिताए लिखा कि हम तैयार हैं और जाने के लिए तैयार हैं. इसके तुरंत बाद सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि इजराइल और अमेरिका इन प्रदर्शनों को भड़का रहे हैं. उन्होंने इस आरोप का समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया, जो ईरानी अधिकारियों ने देश भर में फैले सालों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान बार-बार लगाया है. लारीजानी ने आगे कहा कि ट्रंप को इस बात का पता होना चाहिए कि घरेलू समस्या पर अगर अमेरिका दखल देता है तो इलाके में अराजकता का माहौल पैदा हो जाएगा और अमेरिका के हितों के विनाश के बराबर है. साथ ही अमेरिका के लोगों को पता होना चाहिए कि ट्रंप ने यह एववेंचर शुरू किया है.
सुरक्षा में जो हाथ आएगा काट दिया जाएगा
इजराइल के ईरान पर 12-दिवसीय युद्ध के दौरान तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद इस्लामिक स्टेट ने कतर में अल उदीद एयर बेस पर हमला किया था. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सलाहकार अली शामखानी कई सालों तक परिषद के सचिव थे और उन्होंने कहा कि कोई भी दखल देने वाला हाथ ईरान की सुरक्षा के करीब आएगा, उसको काट दिया जाएगा. उन्होंने एक्स अकाउंट पर लिखा कि ईरान के लोग अमेरिकियों से बचाए जाने का अनुभव अच्छी तरह से जानते हैं. सुधारवादी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के नेतृत्व वाली ईरान की नागरिक सरकार यह संकेत देने की कोशिश कर रही है कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करना चाहती है. हालांकि, पेजेशकियन का साफ कहना है कि वह ज्यादा कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि ईरान की रियाल अचानक तेजी से गिर गई है. साथ ही अब 1 USD की कीमत लगभग 1.4 मिलियन रियाल हो गई है और यही कारण देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे.
धर्मतांत्रिक के खिलाफ लगाए नारे
इसके अलावा आर्थिक मुद्दों को लेकर हो रहे प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए इन विरोध प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारियों को ईरान की धर्मतांत्रिक सरकार खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई. दूसरी तरफ ईरान का कहा है कि वह देश के किसी भी हिस्से में यूरेनियम को एनरिच नहीं कर रहा है और पश्चिम को यह संकेत देने की कोशिश कर रहा है कि वह प्रतिबंधों को कम करने के लिए अपने परमाणु पर संभावित बातचीत के लिए तैयार है. हालांकि, वे बातचीत अभी तक नहीं हुई हैं क्योंकि ट्रंप और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तेहरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है.
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