Iran Protest : ईरान में महंगाई और बेरोजगारी के कारण 50 राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं. इस विरोध प्रदर्शनों में अभी तक 10 नागरिकों की जान चुकी है और अब ईरान ने इसको दबाने के संकेत दिए हैं.
Iran Protest : ईरान में सातवें दिन लोगों का गुस्सा आसमान पर रहा और खामेनेई शासन के खिलाफ जनता सड़कों पर उतर जमकर विरोध प्रदर्शन कर रही है. विरोध प्रदर्शन की आंच देश के 50 से अधिक शहरों में फैल गई है. साथ ही अभी तक प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव में 10 लोगों की जान चली गई है. इसी बीच ईरान के सुप्रीम लीडर ने शनिवार को प्रदर्शन को लेकर कहा कि कहा कि अब वक्त आ गया है कि दंगाईयों को उनकी जगह दिखानी होगी. वहीं, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की ये टिप्पणियां प्रदर्शन के खिलाफ सुरक्षाबलों को सख्त रवैया अपनाने की तरफ इशारा है. बता दें कि देश भर में लोगों का प्रदर्शन अर्थव्यवस्था की खराब स्थिति की वजह से हो रहा है, क्योंकि एक यूएसडी डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल की कीमत 1.4 मिलियन पर पहुंच गई है.
बेरोजगारी और महंगाई ने खत्म किया सब्र
इन प्रदर्शनों के बीच सबसे हैरान करने वाली वीडियो वह थी जब मरने वालों की शव यात्रा के दौरान लोगों ने खुलेआम ‘खामेनेई मुर्दाबाद’ और ‘पहलवी वापस आएगा’ के नारे लगाए . साथ ही मशहद जो शिया धर्मगुरुओं की प्रमुख नगरी है, वहां पर भी सत्ता विरोधी और राजशाही नारे सुनाई देना शासन के लिए एक बड़ा झटका है. वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था ही समस्या नहीं है बल्कि मानसिक रूप से बीमार होना भी एक बड़ी चुनौती हो गई है. एक प्रदर्शनकारी का कहना है कि जेब और फ्रीज खाली हैं, हर एक दिन वह गरीब होते जा रहे हैं लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही है. देश में लगातार बढ़ती महंगाई, खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतें और रोजगार की कमी ने लोगों के धैर्य को खत्म कर दिया है.
अमेरिका के बयान पर ईरान का सख्त रूख
इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने ईरानी सरकार की हिंसक कार्रवाई पर चिंता जाहिर की है. साथ ही शांति पूर्ण तरीके से किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के प्रति सम्मान करने की अपील की गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी ईरानी प्रदर्शन का समर्थन किया है और कहा कि हम जरूरत पड़ने पर कार्रवाई कर सकते हैं. इस पर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है. ईरान विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा कि अंदरूनी मामलों के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति और अन्य अमेरिकी अधिकारियों की दखलंदाजी वाली टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता है. उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान ईरानी राष्ट्र के प्रति अमेरिका के दादागिरी और गैर-कानूनी रवैये की निरंतरता हैं, न केवल संयुक्त राष्ट्र चार्टर और राष्ट्रीय संप्रभुता के सम्मान से संबंधित अंतरराष्ट्रीय कानून और मौलिक सिद्धातों और नियमों का घोर उल्लंघन है. साथ ही ईरानी नागरिकों के खिलाफ हिंसा और आतंकवाद को भड़काने के बराबर भी हैं.
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