Iran Violent Protests : ईरान में हिंसक प्रदर्शन के बीच ईरानी सरकार हिल गई है. इसी बीच वहां पर मौजूद न्यायपालिका प्रमुख ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा.
Iran Violent Protests : आर्थिक संकट के बीच ईरान में भारी हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं और अब यह पूरे देश में फैल चुके हैं. अब हालात संभलने को नहीं हो रहे हैं और इन आंदोलनों ने खामेनेई प्रशासन की नींद उड़ा दी है. दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुए प्रदर्शनों में राजधानी तेहरान के अलावा अन्य प्रांतों में 62 के करीब प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है. वहीं, सरकार ने हालात को काबू में करने के लिए इंटरनेट सेवा और टेलीफोन सेवाओं को बंद कर दिया है. साथ ही देश में एक जगह से दूसर पर लोग संपर्क नहीं कर पा रहे हैं. इसी बीच न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसिनी-इजेई ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि हिंसक प्रदर्शन करने वाले लोगों को कतई बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें अधिक से अधिक सजा दी जाएगी.
खामेनेई ने साधा ट्रंप पर निशाना
ईरान की सड़कों पर उतरे हजारों की संख्या में लोगों ने खामेनेई शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने तेहरान में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा. उन्होंने बताया कि अमरीका के राष्ट्रपति ने कहा कि अगर ईरान की सरकार फलां कार्रवाई करती है तो हम आकर ईरानी जनता की मदद करेंगे, जनता इस पर ख़ुश हैं. हालांकि, अमरीकी राष्ट्रपति के बस में होता तो वे अपना देश संभालते. उन्होंने अपने एक अन्य एक्स पोस्ट में कहा कि आज ईरानी राष्ट्र इंक़ेलाब से पहले की तुलना में ज़्यादा लैस और तैयार है. हमारे आध्यात्मिक हथियार भी अधिक शक्तिशाली हैं और हमारे प्रचलित हथियारों का भी उस जमाने से कोई मुक़ाबला ही नहीं है.
ट्रंप ने ईरान को दी खुली चुनौती
खामेनेई ने आगे कहा कि हमारे दुशमन, ईरान को नहीं पहचानते. अतीत में गलत मंसूबाबंदी के सबब अमरीकी शिकस्त से दोचार हुए, आज फिर गलत मंसूबाबंदी के नतीजे में वो शिकस्त खाएंगे. इसके अलावा ईरानी सरकारी मीडिया ने आंदोलन करने वाले लोगों को आतंकी बताया है और विदेशी ताकतों का एजेंट करार दिया है. दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करते हुए ईरानी शासन के चेतावनी दी है. साथ ही कहा कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाता है तो अमेरिका भी ऐसा ही करेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर लड़ाई नहीं लड़नी पड़ेगी बल्कि दुश्मन को सबसे अधिक असरदार जगह पर जोरदार हमला किया है.
अमेरिका की समाचार एजेंसी AP ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक की खराब होती अर्थव्यवस्था की वजह से ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे वहां की धार्मिक सरकार पर नया दबाव पड़ रहा है.
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