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शराब नीति मामला: CBI ने कहा- कई सबूतों की हुई अनदेखी, कोर्ट के फैसले को तुरंत चुनौती देंगे अफसर

by Sanjay Kumar Srivastava
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शराब नीति मामला: CBI ने कहा- कई सबूतों की हुई अनदेखी, ट्रायल कोर्ट के फैसले को तत्काल चुनौती देगी जांच एजेंसी

Liquor Policy Case: शराब नीति मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया को आरोप मुक्त किये जाने को सीबीआई दिल्ली उच्च न्यायालय में तत्काल चुनौती देगी.

Liquor Policy Case: शराब नीति मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया को आरोप मुक्त किये जाने को सीबीआई दिल्ली उच्च न्यायालय में “तत्काल” चुनौती देगी. अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि एजेंसी को लगता है कि अपील जरूरी है क्योंकि जांच के कई पहलुओं को ट्रायल कोर्ट ने या तो अनदेखा किया है या उन पर विचार नहीं किया है. सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ तुरंत उच्च न्यायालय में अपील करने का फैसला किया है क्योंकि जांच के कई पहलुओं को या तो नजरअंदाज कर दिया गया है या पर्याप्त रूप से विचार नहीं किया गया है. दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को केजरीवाल, सिसौदिया और 21 अन्य को शराब नीति मामले में उनके खिलाफ सीबीआई आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार करते हुए आरोपमुक्त कर दिया.

सीबीआई को मिली फटकार

मामले में क्लीन चिट दिए गए 21 लोगों में तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के कविता भी शामिल हैं. विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने जांच में खामियों के लिए सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और प्रथम दृष्टया सिसौदिया और अन्य आरोपियों के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है. सीबीआई पूर्ववर्ती आप सरकार की अब समाप्त हो चुकी उत्पाद शुल्क नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही है. मालूम हो कि कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को आरोपों से बरी कर दिया है. कोर्ट ने दोनों नेताओं को क्लीन चिट दे दी है. वहीं, कोर्ट से बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल कोर्ट से बाहर निकले तो वह मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि मैं करप्ट नहीं हूं.

कोर्ट ने सबूतों को बताया बेदम

कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं. शराब नीति घोटाले मामले में उनके खिलाफ कोई सबूत भी नहीं मिले हैं. अपने फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल दावे करने से काम नहीं चलने वाला है. कोर्ट किसी आरोप पर तभी भरोसा कर सकता है जब उस मामले में पुख्ता सबूत मौजूद हों. कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच एजेंसी की तरफ से पेश किए गए सबूत में दम नहीं हैं और अपर्याप्त हैं. बताया जा रहा है कि राउज एवेन्यू कोर्ट ने आबकारी विभाग में कमीश्नर कुलदीप सिंह को बरी किया और उसके बाद मनीष सिसोदिया को कोर्ट ने रिहा करने का फैसला दिया. इसके बाद अदालत की तरफ अरविंद केजरीवाल को भी बरी करने का आदेश दिया गया.

ये भी पढ़ेंः कोर्ट के फैसले पर भावुक हुए केजरीवाल, AAP प्रमुख और सिसोदिया बरी; कोर्ट ने कही ये बात

News Source: PTI

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