Manikarnika Ghat Fake Video: पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता व पूर्णिया सांसद पप्पू यादव समेत आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है.
Manikarnika Ghat Fake Video: वाराणसी में मणिकर्णिका घाट की फर्जी वीडियो और तस्वीरें फैलाने के आरोप में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता व पूर्णिया (बिहार) सांसद पप्पू यादव समेत आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. इन सभी पर मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्निर्माण कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी तस्वीरें, वीडियो और भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप है. यह घाट हिंदू धर्म के सबसे पुराने और पवित्र श्मशान घाटों में से एक है. ऐसा माना जाता है कि यहां दाह संस्कार कराने से मोक्ष प्राप्त होता है, यानी जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलती है, जिससे इस घाट का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत बढ़ जाता है. अपने खिलाफ दर्ज FIR पर प्रतिक्रिया देते हुए AAP के संजय सिंह ने दावा किया कि पुनर्निर्माण कार्य के कारण मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया और अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा तोड़ दी गई, जिसके विरोध में साधुओं और अन्य लोगों ने प्रदर्शन किया.
मुकदमे से डरने वाले नहींः संजय
AAP सांसद ने अधिकारियों पर इस मुद्दे को उठाने के लिए उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाया और कहा कि वे डरेंगे नहीं. घाट के पुनर्विकास योजना के तहत चलाए जा रहे विध्वंस अभियान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. लोगों का आरोप है कि अहिल्याबाई होलकर की एक सदी पुरानी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया है, हालांकि जिला प्रशासन ने इस आरोप का खंडन किया है. पुलिस उपायुक्त गौरव बंसल ने बताया कि घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण और श्मशान घाट की सुविधाओं से संबंधित मनगढ़ंत सामग्री फैलाने के आरोप में आठ व्यक्तियों और कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत आठ मामले दर्ज किए गए हैं. पुलिस ने बताया कि हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े फर्जी और भ्रामक वीडियो और AI जनित तस्वीरें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, गलत सूचना फैलाने, जन आक्रोश भड़काने और सामाजिक सद्भाव को भंग करने के इरादे से सोशल मीडिया पर प्रसारित की गईं.
फर्जी वीडियो से जनता में भ्रम और नाराजगी
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि जांच में पता चला कि एआई द्वारा तथ्यों में हेरफेर करके बनाया गया मणिकर्णिका घाट से संबंधित एक फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है. उन्होंने बताया कि AI द्वारा निर्मित तस्वीरें भी साझा की गईं, जिससे जनता में भ्रम और नाराजगी पैदा हुई. एसीपी ने बताया कि जिन आठ लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस के पप्पू यादव और जसविंदर कौर भी शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, पुनर्विकास परियोजना के बारे में अफवाहें फैलाने के संगठित प्रयास किए गए हैं, जिसमें न केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई सामग्री, बल्कि दोबारा पोस्ट की गई सामग्री और उस पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी शामिल हैं. इस मामले में तमिलनाडु निवासी मनो ने शिकायत दर्ज कराई है, जिनकी कंपनी 15 नवंबर से श्मशान सुविधाओं को सुदृढ़ करने और मणिकर्णिका घाट को सुंदर बनाने का काम कर रही है.
वाराणसी की विरासत को नष्ट करने का आरोप
शिकायत के अनुसार, एक X उपयोगकर्ता ने 16 जनवरी को एआई-जनित और भ्रामक तस्वीरें साझा कीं, जिनमें विकृत तथ्य प्रस्तुत किए गए और हिंदू श्रद्धालुओं को गुमराह किया गया. डीसीपी बंसल ने दावा किया कि झूठी जानकारी न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए, बल्कि सरकार विरोधी भावनाओं को भड़काने के लिए भी प्रसारित की गई थी. उन्होंने कहा कि संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के साथ-साथ इस सामग्री को फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है. कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने योगी-मोदी सरकार पर वाराणसी की विरासत को पूरी तरह से नष्ट करने का आरोप लगाया है और मांग की है कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहे काम को तुरंत रोका जाए.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
