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बदला उत्तर प्रदेश: युवाओं को अब बाहर जाने की जरूरत नहीं, राज्य में ही खुल रहे अवसरों के द्वार

by Sanjay Kumar Srivastava
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बदला उत्तर प्रदेश: युवाओं को अब बाहर जाने की जरूरत नहीं, राज्य में ही खुल रहे अवसरों के द्वार

सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी रोजगार का नया हब बन गया है. यूपी में औद्योगिक क्रांति से अब घर के पास ही युवाओं को नौकरी मिल रही है, जिससे युवा अब अपने राज्य में लौट रहे हैं.

  • लखनऊ से राजीव ओझा

UP Day Special: सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी रोजगार का नया हब बन गया है. यूपी में औद्योगिक क्रांति से अब घर के पास ही युवाओं को नौकरी मिल रही है, जिससे युवा अब अपने राज्य में लौट रहे हैं. उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि रोजगार और विकास का रोल मॉडल बन गया है. 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के युवा रोजगार के लिए राज्य से पलायन करते थे. लेकिन योगी सरकार के आने के बाद से हालात काफी बदल गए हैं. अब युवाओं को यूपी में ही रोजगार मिलने लगा है. उत्तर प्रदेश आज सीएम योगी के नेतृत्व में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा के साथ नए यूपी की ओर बढ़ रहा है. योगी जी के प्रयासों का असर अब साफ दिख रहा है. पहले जहां युवा नौकरी व रोज़गार के लिए प्रदेश छोड़ने को विवश थे, वहीं अब उनके घर के पास ही काफी अवसर मौजूद हैं. पूर्व में राज्य से बाहर जा चुके युवा भी अब यूपी लौट रहे हैं. पलायन का स्थान ‘परावर्तन’ ने ले लिया है, जो प्रदेश में आत्मनिर्भरता और विकास की नई पहचान बन रहा है.

रोजगार सृजन से रुका युवाओं का पलायन

सीएम योगी के प्रयासों से युवाओं का पलायन रुक गया है. सरकार ने युवाओं के लिए यहीं पर रोजगार का सृजन किया है. योगी ने औद्योगिक निवेश,सेवायोजन मेलों और कौशल विकास योजनाओं के जरिए बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार दिया है. बेरोजगारी दर में काफी गिरावट आई है. सूबे के लाखों युवाओं को निजी व सरकारी क्षेत्रों में रोजगार मिला है. सेवायोजन विभाग द्वारा संचालित सेवामित्र पोर्टल पर 53 हजार से अधिक कुशल कामगारों ने अपना पंजीकरण कराया हैं. इन युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है.

सूबे में युवाओं को काफी नौकरियां

सूबे में युवाओं को काफी नौकरियां मिली हैं. देश के शीर्ष राज्यों में उत्तर प्रदेश रोजगार और फैक्ट्री के मामले में शामिल है, जिससे स्थानीय स्तर पर युवाओं को काफी नौकरियां मिली हैं.मालूम हो कि वर्तमान में प्रदेश में 30 हजार से अधिक फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं, जिनकी संख्या 2017 तक इसकी आधी भी नहीं थी. बताया जाता है कि बीते पौने नौ सालों में युवाओं और महिलाओं के लिए उनके गृह जनपदों में काफी रोजगार के अवसर बढ़े हैं.

अटल आवासीय विद्यालय में पढ़ते हैं श्रमिकों के बच्चे

योगी सरकार में लोगों को सामाजिक सुरक्षा भी मिलती है, जिससे लोगों का भरोसा मजबूत हुआ. सीएम योगी ने केवल रोजगार ही नहीं दिया, बल्कि कामगारों व श्रमिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा, शिक्षा और भविष्य को भी प्राथमिकता दी है. हर मंडल में अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं. जहां श्रमिकों के बच्चे पढ़ते हैं.

मौत और दिव्यांगता पर मिलती है मदद

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार दुर्घटना, मृत्यु और दिव्यांगता पर लोगों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराती है. सरकार द्वारा कार्यस्थल पर मृत्यु होने पर 5 लाख, स्थायी दिव्यांगता पर 3 लाख, आंशिक दिव्यांगता पर 2 लाख, पंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना से मृत्यु पर 5 लाख, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख, 25,000 अंत्येष्टि सहायता तथा अपंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना/मृत्यु पर 1.25 लाख की सहायता उपलब्ध कराई जाती है. इन प्रावधानों ने श्रमिकों की असुरक्षा को काफी हद तक खत्म किया है.

पेंशन से काफी राहत

यूपी में योगी सरकार के कार्यकाल में पेंशन और परिवार सुरक्षा योजनाएं भी युवाओं व श्रमिकों के लिए काफी राहत लेकर आई. योगी सरकार कन्या विवाह सहायता योजना के तहत दो बालिकाओं के विवाह पर 55,000 से 61,000 तक की मदद करती है. लोगों में बचत की भावना विकसित हो और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो. इसे ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत राज्य में 9.52 करोड़ से अधिक बैंक खाते भी खोले जा चुके हैं. श्रमिक परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उत्तर प्रदेश में ही मिल रही हैं.

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News Source: Press Trust of India (PTI)

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